बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नगीना अनुपम सिंह ने गैर इरादतन हत्या करने और तीन को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में चार लोगों को दोषी पाया। आरोपी राशिद, रियासत, शहजाद और शमीम को दस-दस वर्ष की कैद और 35-35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जुर्माने की राशि में से 50 हजार रुपये मृतक की मां को देने के आदेश दिए हैं।
अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के गांव हिदायतपुर टांडा निवासी महबूब अहमद पुत्र शमीम अहमद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में लिखा था कि उसके चाचा नसीम अहमद की सैटरिंग की गांव में दुकान है। इसके ऊपर ही मकान बना, जिसमें वह परिवार के साथ रहता है। 21 नवंबर 2019 को सुबह के समय राशिद और रियासत वादी की दुकान पर सैटरिंग का सामान लेने आए। वादी ने कहा कि सामान किसी दूसरे व्यक्ति ने तय कर दिया और आधा सामान चला गया है। इससे उक्त दोनों आरोपित नाराज होकर घर चले गए और दोपहर के समय आरोपित राशिद, रियासत, शहजाद और शमीम हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और गालियां देने लगे। विरोध करने पर वादी के चाचा नसीम अहमद पर जान से मारने की नीयत से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपितों ने वादी, वादी के चचेरे भाई सलमान और एक महिला पर भी जानलेवा हमला किया। इलाज के दौरान 12 दिसंबर को सलमान की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपितों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हथियार भी बरामद किए।