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ग्राम प्रधान, लेखपाल पर जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज
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ग्राम प्रधान, लेखपाल पर जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज
नहटौर। ग्राम पंचायत मीमला मुस्तफाबाद के ग्राम प्रधान व हल्का लेखपाल सहित चार लोगों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
गांव जमालपुर निवासी संजीव कुमार ने बताया कि उसके पिता परवीन सिंह व चाचा हरस्वरूप सिंह, हुकुम सिंह व ताऊ हरकेश सिंह चार भाई हैं। जिसमें उनके चाचा हरस्वरूप सिंह अविवाहित थे। खसरा नंबर 46 में 0.834 हेक्टेयर व खसरा नंबर 81 में 0.417 हेक्टेयर कृषि भूमि में उसके चाचा हरस्वरूप का हिस्सा है। कुछ माह पूर्व हरस्वरूप की मौत हो गई। उसके चाचा हुकुम सिंह व ताऊ ने कूट रचित तरीके से पेपर तैयार करते हुए तहसीलदार धामपुर के यहां एक विरासत वाद दायर करके झूठे बयान दर्ज कराते हुए चाचा हरस्वरूप सिंह के हिस्से की संपत्ति लेखपाल ज्ञानेंद्र सिंह से हमसाज होकर अपने नाम करा ली। जिसमें ग्राम प्रधान अशोक कुमार ने भी अपने झूठे बयान दर्ज कराए। फर्द लेने पर उसे पता चला।
विरासत के आधार पर उसका चाचा हरस्वरूप की संपत्ति से उसे बेदखल कर दिया। जबकि उसके चाचा हरस्वरूप एक वसीयत भी उसके पुत्र के नाम कर गए थे। आरोपी उस वसीयत को भी दर्ज नहीं होने दे रहे। पुलिस के मुताबिक ग्राम प्रधान अशोक कुमार, हल्का लेखपाल ज्ञानेंद्र सिंह व हुकुम सिंह, हरकेश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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नहटौर। ग्राम पंचायत मीमला मुस्तफाबाद के ग्राम प्रधान व हल्का लेखपाल सहित चार लोगों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
गांव जमालपुर निवासी संजीव कुमार ने बताया कि उसके पिता परवीन सिंह व चाचा हरस्वरूप सिंह, हुकुम सिंह व ताऊ हरकेश सिंह चार भाई हैं। जिसमें उनके चाचा हरस्वरूप सिंह अविवाहित थे। खसरा नंबर 46 में 0.834 हेक्टेयर व खसरा नंबर 81 में 0.417 हेक्टेयर कृषि भूमि में उसके चाचा हरस्वरूप का हिस्सा है। कुछ माह पूर्व हरस्वरूप की मौत हो गई। उसके चाचा हुकुम सिंह व ताऊ ने कूट रचित तरीके से पेपर तैयार करते हुए तहसीलदार धामपुर के यहां एक विरासत वाद दायर करके झूठे बयान दर्ज कराते हुए चाचा हरस्वरूप सिंह के हिस्से की संपत्ति लेखपाल ज्ञानेंद्र सिंह से हमसाज होकर अपने नाम करा ली। जिसमें ग्राम प्रधान अशोक कुमार ने भी अपने झूठे बयान दर्ज कराए। फर्द लेने पर उसे पता चला।
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विरासत के आधार पर उसका चाचा हरस्वरूप की संपत्ति से उसे बेदखल कर दिया। जबकि उसके चाचा हरस्वरूप एक वसीयत भी उसके पुत्र के नाम कर गए थे। आरोपी उस वसीयत को भी दर्ज नहीं होने दे रहे। पुलिस के मुताबिक ग्राम प्रधान अशोक कुमार, हल्का लेखपाल ज्ञानेंद्र सिंह व हुकुम सिंह, हरकेश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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