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किसानों को हरियाली इंसेंटिव देगा वन विभाग
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किसानों को हरियाली इंसेंटिव देगा वन विभाग
बिजनौर। गन्ना बेल्ट में हरियाली को बढ़ावा दिया जा रहा है। वन विभाग भी किसानों को हरियाली इंसेंटिव देगा, क्योंकि कार्बन उत्सर्जन को पेड़ सोखते हैं। इसके लिए प्रदेश में कृषि वानिकी कार्यों में कार्बन फाइनेंस के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाया जाएगा।
लगातर बढ़ते वाहनों, आबादी, उद्योगों और हाईवों के निर्माण से हरियाली पर खतरा मंडरा रहा है। पेड़ कम होने से पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ रहा है। इसलिए सरकार हर साल पर्यावरण को बढ़ावा दे रही है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उत्सर्जन कम करने पर बहुत जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में अब किसानों को भी पर्यावरण प्रहरी बनाते हुए हरियाली बढ़ाने पर इंसेंटिव दिया जाएगा। पेड़ों की प्रजाति और आकार के आधार पर ही किसान को प्रोत्साहन राशि मिलेगी। किसान इसका लाभ उठाने के लिए टेरी (द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट) ने उत्तर प्रदेश वन विभाग और वीएनवी सलाहकार सेवाओं के सहयोग से प्रदेश के चार वन मंडल मेरठ, लखनऊ, सहारनपुर, मुरादाबाद में कृषि वानिकी कार्यों के लिए कार्बन वित्त के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने को कदम उठाया है। अफसरों के अनुसार 10 वर्षों के भीतर चयनित वन मंडलों में 40-50 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड अवशोषित होने की संभावना है। साथ ही किसान को प्रति साल के हिसाब से यूकेलिप्टस पर 250 रुपये प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी।
यह मिलेगी प्रोत्साहन राशि
प्रजाति प्रति एकड़ पेड़ संख्या धनराशि प्रति वर्ष
यूकेलिप्टस 400 250
पोपलर 240 330
मेलिया 60 1200
शीशम 60 900
वर्जन...
खेतों में वृक्ष संरक्षित करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि दिलाई जाएगी। पेड़ों के आकार व प्रजाति के आधार पर प्रोत्साहन राशि किसान को दी जाएगी। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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- अनिल पटेल डीएफओ
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बिजनौर। गन्ना बेल्ट में हरियाली को बढ़ावा दिया जा रहा है। वन विभाग भी किसानों को हरियाली इंसेंटिव देगा, क्योंकि कार्बन उत्सर्जन को पेड़ सोखते हैं। इसके लिए प्रदेश में कृषि वानिकी कार्यों में कार्बन फाइनेंस के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाया जाएगा।
लगातर बढ़ते वाहनों, आबादी, उद्योगों और हाईवों के निर्माण से हरियाली पर खतरा मंडरा रहा है। पेड़ कम होने से पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ रहा है। इसलिए सरकार हर साल पर्यावरण को बढ़ावा दे रही है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उत्सर्जन कम करने पर बहुत जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में अब किसानों को भी पर्यावरण प्रहरी बनाते हुए हरियाली बढ़ाने पर इंसेंटिव दिया जाएगा। पेड़ों की प्रजाति और आकार के आधार पर ही किसान को प्रोत्साहन राशि मिलेगी। किसान इसका लाभ उठाने के लिए टेरी (द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट) ने उत्तर प्रदेश वन विभाग और वीएनवी सलाहकार सेवाओं के सहयोग से प्रदेश के चार वन मंडल मेरठ, लखनऊ, सहारनपुर, मुरादाबाद में कृषि वानिकी कार्यों के लिए कार्बन वित्त के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने को कदम उठाया है। अफसरों के अनुसार 10 वर्षों के भीतर चयनित वन मंडलों में 40-50 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड अवशोषित होने की संभावना है। साथ ही किसान को प्रति साल के हिसाब से यूकेलिप्टस पर 250 रुपये प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी।
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यह मिलेगी प्रोत्साहन राशि
प्रजाति प्रति एकड़ पेड़ संख्या धनराशि प्रति वर्ष
यूकेलिप्टस 400 250
पोपलर 240 330
मेलिया 60 1200
शीशम 60 900
वर्जन...
खेतों में वृक्ष संरक्षित करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि दिलाई जाएगी। पेड़ों के आकार व प्रजाति के आधार पर प्रोत्साहन राशि किसान को दी जाएगी। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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- अनिल पटेल डीएफओ