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Bijnor News: पीलीडैम पर पर्यटन शुरू करने की तैयारी कर रहा वन विभाग
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बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में सबकुछ ठीक रहा तो अगले पर्यटन सत्र से पर्यटक वन्य जीवों के दीदार के साथ प्रवासी पक्षियों को भी निहार पाएंगे। इसके लिए पीलीडैम को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। वहीं जंगल सफारी के नए रास्तों पर भी वन अफसर मंथन कर रहे हैं।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में केहरीपुर वन चौकी और बुकिंग सेंटर इस बार और भी आकर्षक नजर आएंगे। केहरीपुर में पर्यटकों को देशी अंदाज में बना कैफेटेरिया, बच्चों के खेलने के लिए मिनी पार्क लगभग तैयार हो चुके हैं। अमानगढ़ रेंजर अंकिता किशोर ने बताया कि आने और जाने के लिए पर्यटक 35 किलोमीटर लंबी सफारी कर रहे हैं। साथ ही जंगल में वॉटर हॉल तक जाने के लिए भी रास्ते बनाए हैं।
वन विभाग अब तैयारी कर रहा है कि पीली डैम पर बर्ड बॉचिंग के लिए प्वाइंट तैयार करेगा। इससे वहां आने वाले 200 से ज्यादा प्रजाति के पक्षियों को पर्यटन निहार पाएंगे। इसके अलावा पीली डैम से हरेवली बैराज तक भी पर्यटन रूट तैयार करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। हरेवली में भी हर साल हजारों की संख्या में पक्षी आते हैं। इसके अलावा एक महत्वकांक्षी योजना अमानगढ़ में जंगलसफारी के रूट को पीलीडैम से जोड़ने पर भी वन अफसर मंथन करने में लगे हैं।
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17 किमी जाना और आने की दूरी 18 किमी : अमानगढ़ में आने और जाने सहित जंगल सफारी का ट्रैक करीब 35 किलोमीटर निर्धारित है। इसमें करीब 17 किमी जाना और 18 किमी वापिस लौटना शामिल है। इसमें खास बात अमानगढ़ के घने जंगल हैं। यहां पर जंगल सफारी की सड़क के दोनों ओर पुराने बड़े पेड़ तो नजर आते ही हैं, साथ ही सर्दियों के समय जंगल में उठती धुंध पर्यटकों को खूब आकर्षित करती है।उ
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अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में केहरीपुर वन चौकी और बुकिंग सेंटर इस बार और भी आकर्षक नजर आएंगे। केहरीपुर में पर्यटकों को देशी अंदाज में बना कैफेटेरिया, बच्चों के खेलने के लिए मिनी पार्क लगभग तैयार हो चुके हैं। अमानगढ़ रेंजर अंकिता किशोर ने बताया कि आने और जाने के लिए पर्यटक 35 किलोमीटर लंबी सफारी कर रहे हैं। साथ ही जंगल में वॉटर हॉल तक जाने के लिए भी रास्ते बनाए हैं।
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वन विभाग अब तैयारी कर रहा है कि पीली डैम पर बर्ड बॉचिंग के लिए प्वाइंट तैयार करेगा। इससे वहां आने वाले 200 से ज्यादा प्रजाति के पक्षियों को पर्यटन निहार पाएंगे। इसके अलावा पीली डैम से हरेवली बैराज तक भी पर्यटन रूट तैयार करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। हरेवली में भी हर साल हजारों की संख्या में पक्षी आते हैं। इसके अलावा एक महत्वकांक्षी योजना अमानगढ़ में जंगलसफारी के रूट को पीलीडैम से जोड़ने पर भी वन अफसर मंथन करने में लगे हैं।
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17 किमी जाना और आने की दूरी 18 किमी : अमानगढ़ में आने और जाने सहित जंगल सफारी का ट्रैक करीब 35 किलोमीटर निर्धारित है। इसमें करीब 17 किमी जाना और 18 किमी वापिस लौटना शामिल है। इसमें खास बात अमानगढ़ के घने जंगल हैं। यहां पर जंगल सफारी की सड़क के दोनों ओर पुराने बड़े पेड़ तो नजर आते ही हैं, साथ ही सर्दियों के समय जंगल में उठती धुंध पर्यटकों को खूब आकर्षित करती है।उ