{"_id":"63f0ee489a500c13f1071426","slug":"forest-department-installed-four-trap-cameras-and-cages-bijnor-news-c-14-1-123766-2023-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर: वन विभाग ने लगाए चार ट्रैप कैमरे और पिंजरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर: वन विभाग ने लगाए चार ट्रैप कैमरे और पिंजरे
विज्ञापन
-वन विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंची
-रातभर जागकर ग्रामीणों ने की पहरेदारी
फोटो-17,18,19,20,21,22,23
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। क्षेत्र के ग्राम किरतपुर में गुलदार के हमले में किशोरी की मौत के बाद वन विभाग ने चार ट्रैप कैमरे और पिंजरे लगाए हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने वन विभाग द्वारा किए गए इंतजामों को नाकाफी बताया। उधर, वन विभाग विशेषज्ञों की टीम का गठन करने का दावा भी कर रहा है। किशोरी की मौत के बाद ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर पहरेदारी की।
नगीना थाना क्षेत्र के कई गांव में पिछले कई वर्षों से गुलदार का आतंक बना हुआ है। किरतपुर में 14 वर्षीय अदिति की मौत के बाद वन विभाग की पूरी टीम शुक्रवार की रात्रि ही गांव पहुंच गई तथा पिंजरा लगाया। उधर ग्रामीणों ने पिंजरा खाली होने पर सवाल उठा दिए। स्थानीय विधायक मनोज पारस ने अपने समर्थकों के साथ गांव किरतपुर में पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह अपनी टीम के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। वहां परिजनों को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया।
एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि गुलदार की निगरानी के लिए पांच सदस्य टीम का गठन कर दिया गया है। चार ट्रैप कैमरे और पिंजरा लगाया गया है। जल्द ही गुलदार को पकड़ लिया जाएगा। उच्चाधिकारियों को भी घटना के बारे में बताया दिया गया है।
विज्ञापन
पहले पकड़ लेते गुलदार तो बच जाती जान : सुभाष कुमार
ग्रामीण सुभाष कुमार का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी यदि पहले ही गुलदार को पकड़ने के लिए गंभीर हो जाते तो किशोरी के मौत की घटना शायद नहीं घटती। उनका कहना है कि रात्रि भर गुलदार की हलचल दिखाई दी।
रातभर की पहरेदारी : सुरजन ग्रामीण सुरजन सिंह का कहना है कि किशोरी की मौत के बाद काफी संख्या में ग्रामीणों ने रातभर जागकर पहरेदारी की।
नाकाफी हैं इंतजाम : नाजिम
ग्रामीण नाजिम का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग कोई ठोस काम नहीं कर रहा है। जिसके चलते अब ग्रामीणों को ही आगे आना पड़ रहा है।
हमले के बाद भी दिखा गुलदार: नीटू
ग्रामीण नीटू कुमार का कहना है कि किशोरी पर हमले के बाद भी गुलदार को गांव में देखा गया है जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
गुलदार से बचाव को गाइडलाइन जारी
-रात में अकेले घर से न निकलें
-ग्रुप बनाकर खेत पर जाएं और हांका करें
-खेत पर काम करते समय मोबाइल या रेडियो तेज आवाज में बजाएं
-गन्ने की कटाई के समय एक व्यक्ति को निगरानी के लिए लगाएं
-खेतों पर शौच के लिए न जाएं
विज्ञापन
-रातभर जागकर ग्रामीणों ने की पहरेदारी
फोटो-17,18,19,20,21,22,23
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। क्षेत्र के ग्राम किरतपुर में गुलदार के हमले में किशोरी की मौत के बाद वन विभाग ने चार ट्रैप कैमरे और पिंजरे लगाए हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने वन विभाग द्वारा किए गए इंतजामों को नाकाफी बताया। उधर, वन विभाग विशेषज्ञों की टीम का गठन करने का दावा भी कर रहा है। किशोरी की मौत के बाद ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर पहरेदारी की।
नगीना थाना क्षेत्र के कई गांव में पिछले कई वर्षों से गुलदार का आतंक बना हुआ है। किरतपुर में 14 वर्षीय अदिति की मौत के बाद वन विभाग की पूरी टीम शुक्रवार की रात्रि ही गांव पहुंच गई तथा पिंजरा लगाया। उधर ग्रामीणों ने पिंजरा खाली होने पर सवाल उठा दिए। स्थानीय विधायक मनोज पारस ने अपने समर्थकों के साथ गांव किरतपुर में पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह अपनी टीम के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। वहां परिजनों को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि गुलदार की निगरानी के लिए पांच सदस्य टीम का गठन कर दिया गया है। चार ट्रैप कैमरे और पिंजरा लगाया गया है। जल्द ही गुलदार को पकड़ लिया जाएगा। उच्चाधिकारियों को भी घटना के बारे में बताया दिया गया है।
विज्ञापन
पहले पकड़ लेते गुलदार तो बच जाती जान : सुभाष कुमार
ग्रामीण सुभाष कुमार का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी यदि पहले ही गुलदार को पकड़ने के लिए गंभीर हो जाते तो किशोरी के मौत की घटना शायद नहीं घटती। उनका कहना है कि रात्रि भर गुलदार की हलचल दिखाई दी।
रातभर की पहरेदारी : सुरजन ग्रामीण सुरजन सिंह का कहना है कि किशोरी की मौत के बाद काफी संख्या में ग्रामीणों ने रातभर जागकर पहरेदारी की।
नाकाफी हैं इंतजाम : नाजिम
ग्रामीण नाजिम का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग कोई ठोस काम नहीं कर रहा है। जिसके चलते अब ग्रामीणों को ही आगे आना पड़ रहा है।
हमले के बाद भी दिखा गुलदार: नीटू
ग्रामीण नीटू कुमार का कहना है कि किशोरी पर हमले के बाद भी गुलदार को गांव में देखा गया है जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
गुलदार से बचाव को गाइडलाइन जारी
-रात में अकेले घर से न निकलें
-ग्रुप बनाकर खेत पर जाएं और हांका करें
-खेत पर काम करते समय मोबाइल या रेडियो तेज आवाज में बजाएं
-गन्ने की कटाई के समय एक व्यक्ति को निगरानी के लिए लगाएं
-खेतों पर शौच के लिए न जाएं