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फूड फॉरेस्ट योजना से बढ़ेगी किसानों की आय
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फूड फॉरेस्ट योजना से बढ़ेगी किसानों की आय
बिजनौर। हरियाली में बिजनौर जनपद किसी से पीछे नहीं है, लेकिन सरकार की फूड फॉरेस्ट योजना से जनपद में हरियाली को और बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यहां किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। साथ ही प्रसंस्करण इकाइयों को जनपद में अच्छी मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध होगा।
बिजनौर जनपद में आम के बाग ज्यादा है। जनपद में करीब 9316 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिर्फ आम के बाग है। मंडावर, कोतवाली देहात, नांगल, किरतपुर आदि क्षेत्र में ज्यादा आम के बाग है। यहां के आम जनपद ही नहीं एनसीआर के जिलों तथा अन्य राज्यों में सप्लाई होते हैं। दूसरे नंबर पर अमरूद के बाग है। 1972 हेक्टेयर में अमरूद की बागवानी हो रही है। हर साल दोनों फलों की बागवानी रोपित करने का लक्ष्य भी आता रहता है। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से बागवानी करने वालों को सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
अब प्रदेश सरकार ने प्रदेश में फूड फॉरेस्ट के जरिए हरियाली बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण की अभिनव पहल शुरू कर रही है। इस योजना में बिजनौर जनपद भी शामिल है। किसानों के सहयोग से अगले छह महीने में फूड फॉरेस्ट विकसित किए जाने की संभावना है। जनपद के उद्यान विभाग में अभी फूड फॉरेस्ट से संबंधित जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन अफसरों का कहना है कि यह योजना अच्छी है और जनपद में हरियाली व किसानों की आय को बढ़ावा मिलेगा। गंगा किनारे क्षेत्र में फलदार व अन्य पौधों की बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। औद्यानिक फसलों के जरिए किसानों की आय बढे़गी।
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गंगा किनारे क्षेत्र में रोपित होंगे बाग
जनपद में गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में आध्यात्मिक विकास योजना के तहत उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण विभाग को 150 हेक्टेयर बागवानी, नवीन उद्यान रोपण के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इसमें बागवानी रोपित करने वाले किसानों को अनुदान विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। इनके तहत चयनित फल, आम, अमरूद, आंवला, बेल, बेर, अनार, शरीफा, कागजी नींबू आदि के बाग लगाएं जाने की योजना है। इसका उद्देश्य भी औद्यानिक फसलों को बढ़ावा व किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया है।
सरकार की फूड फॉरेस्ट योजना अच्छी है। योजना से संबंधित विभाग को कोई दिशा निर्देश अभी नहीं आए हैं। निर्देश आते ही योजना पर कार्य किया जाएगा। इससे जनपद में हरियाली के साथ किसानों की आय में वृद्धि होगी - जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
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बिजनौर। हरियाली में बिजनौर जनपद किसी से पीछे नहीं है, लेकिन सरकार की फूड फॉरेस्ट योजना से जनपद में हरियाली को और बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यहां किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। साथ ही प्रसंस्करण इकाइयों को जनपद में अच्छी मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध होगा।
बिजनौर जनपद में आम के बाग ज्यादा है। जनपद में करीब 9316 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिर्फ आम के बाग है। मंडावर, कोतवाली देहात, नांगल, किरतपुर आदि क्षेत्र में ज्यादा आम के बाग है। यहां के आम जनपद ही नहीं एनसीआर के जिलों तथा अन्य राज्यों में सप्लाई होते हैं। दूसरे नंबर पर अमरूद के बाग है। 1972 हेक्टेयर में अमरूद की बागवानी हो रही है। हर साल दोनों फलों की बागवानी रोपित करने का लक्ष्य भी आता रहता है। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से बागवानी करने वालों को सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
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अब प्रदेश सरकार ने प्रदेश में फूड फॉरेस्ट के जरिए हरियाली बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण की अभिनव पहल शुरू कर रही है। इस योजना में बिजनौर जनपद भी शामिल है। किसानों के सहयोग से अगले छह महीने में फूड फॉरेस्ट विकसित किए जाने की संभावना है। जनपद के उद्यान विभाग में अभी फूड फॉरेस्ट से संबंधित जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन अफसरों का कहना है कि यह योजना अच्छी है और जनपद में हरियाली व किसानों की आय को बढ़ावा मिलेगा। गंगा किनारे क्षेत्र में फलदार व अन्य पौधों की बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। औद्यानिक फसलों के जरिए किसानों की आय बढे़गी।
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गंगा किनारे क्षेत्र में रोपित होंगे बाग
जनपद में गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में आध्यात्मिक विकास योजना के तहत उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण विभाग को 150 हेक्टेयर बागवानी, नवीन उद्यान रोपण के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इसमें बागवानी रोपित करने वाले किसानों को अनुदान विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। इनके तहत चयनित फल, आम, अमरूद, आंवला, बेल, बेर, अनार, शरीफा, कागजी नींबू आदि के बाग लगाएं जाने की योजना है। इसका उद्देश्य भी औद्यानिक फसलों को बढ़ावा व किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया है।
सरकार की फूड फॉरेस्ट योजना अच्छी है। योजना से संबंधित विभाग को कोई दिशा निर्देश अभी नहीं आए हैं। निर्देश आते ही योजना पर कार्य किया जाएगा। इससे जनपद में हरियाली के साथ किसानों की आय में वृद्धि होगी - जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी