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Bijnor News: बीत गए पांच साल, गोशाला में नहीं मिला गोवंश को ठिकाना
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अफजलगढ़ में पांच साल से चल रहा है कान्हा गोशाला का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़। भले ही सरकार गो-संरक्षण पर जोर दे रही है, लेकिन अफसरों की लेटलतीफी सरकार की मंशा को पलीता लगा रही है। अफजलगढ़ नगर में अनेक निराश्रित पशु कड़कड़ाती सर्दी में भूखे प्यासे खुले में घूमने को मजबूर है। दरअसल, अफजलगढ़ में पांच साल बाद भी गोशाला का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
साल 2018 में करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से कान्हा गोशाला का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। लागत घटाकर एक करोड़ 64 लाख रुपये कर दी गई। निर्माण कार्य तीन से चार माह में पूरा होना था। मगर, करीब 5 वर्ष बीतने के बाद भी गोशाला का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। शासन स्तर से आए नोडल अधिकारी सहित जिले के अनेक आलाधिकारियों ने निर्मित गोशाला का निरीक्षण किया था। गोशाला का संचालन कराकर गोवंश को संरक्षित करने के निर्देश दिए थे।
समाजसेवी त्रिमोहन सिंह, क्षितिज रस्तोगी, नीरव रस्तोगी, अमित कुमार, शंकर सिंघल व अर्पित माहेश्वरी आदि का कहना है कि नगर में काफी निराश्रित गोवंशीय पशु सर्दी में भूखे प्यासे कूड़े के ढेरों पर भोजन की तलाश करते इधर उधर घूमने को मजबूर हैं। किसानों की फसलों को बर्बाद करते और सड़कों पर घूमते देखा जा सकता है। समाजसेवियों ने शीघ्र डीएम से गोशाला का संचालन शुरू कराने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम मोहित कुमार ने शीघ्र 10 से 15 दिन के भीतर शेष कार्य पूर्ण कराकर गोशाला का संचालन कराने की बात कही है।
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अफजलगढ़। भले ही सरकार गो-संरक्षण पर जोर दे रही है, लेकिन अफसरों की लेटलतीफी सरकार की मंशा को पलीता लगा रही है। अफजलगढ़ नगर में अनेक निराश्रित पशु कड़कड़ाती सर्दी में भूखे प्यासे खुले में घूमने को मजबूर है। दरअसल, अफजलगढ़ में पांच साल बाद भी गोशाला का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
साल 2018 में करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से कान्हा गोशाला का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। लागत घटाकर एक करोड़ 64 लाख रुपये कर दी गई। निर्माण कार्य तीन से चार माह में पूरा होना था। मगर, करीब 5 वर्ष बीतने के बाद भी गोशाला का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। शासन स्तर से आए नोडल अधिकारी सहित जिले के अनेक आलाधिकारियों ने निर्मित गोशाला का निरीक्षण किया था। गोशाला का संचालन कराकर गोवंश को संरक्षित करने के निर्देश दिए थे।
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समाजसेवी त्रिमोहन सिंह, क्षितिज रस्तोगी, नीरव रस्तोगी, अमित कुमार, शंकर सिंघल व अर्पित माहेश्वरी आदि का कहना है कि नगर में काफी निराश्रित गोवंशीय पशु सर्दी में भूखे प्यासे कूड़े के ढेरों पर भोजन की तलाश करते इधर उधर घूमने को मजबूर हैं। किसानों की फसलों को बर्बाद करते और सड़कों पर घूमते देखा जा सकता है। समाजसेवियों ने शीघ्र डीएम से गोशाला का संचालन शुरू कराने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम मोहित कुमार ने शीघ्र 10 से 15 दिन के भीतर शेष कार्य पूर्ण कराकर गोशाला का संचालन कराने की बात कही है।
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