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दस्तक अभियान में मिल खोजे बुखार के 481 मरीज
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एक माह में डेंगू के पांच और मलेरिया के 40 मरीज मिले
बिजनौर। जिले में अक्तूबर माह में चलाए गए दस्तक अभियान के तहत बुखार के 481 मरीज खोजे गए। इनमें पांच डेगूं और 40 मलेरिया के मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 712139 घरों का निरीक्षण किया।स्वास्थ्य विभाग बुखार के ज्यादा मरीज मिलने से सर्तक हो गया है।
दस्तक अभियान के तहत जिले में 411 ऐसे मरीज मिले, जिन्हें खांसी व जुकाम था। 287 मरीज टीबी के लक्षण वाले मिले। इसके अलावा 107 कुपोषित बच्चे मिले। इनमें 51 बच्चों को एनआरसी में रेफर किया गया। जिला अस्पताल और अर्बन पीएचसी पर 345 मरीजों की रेपिड कार्ड से जांच हुई। इनमें से 15 की एलाइजा किट से जांच हुई। जिनमें पांच मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई। फिलहाल यह पांचों मरीज स्वास्थ्य हैं। जनवरी से अब तक मलेरिया के 40 केस मिले हैं। जिला प्रभारी मलेरिया अधिकारी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दिनों गोहावर में साढ़े छह साल की बच्ची की मौत झोलाछाप डॉक्टर से इलाज के चलते हो हुई। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच की। इसी तरह अम्हेड़ा, गोहावर और बहुपुरा में भी टीम ने मौत के कारणों का पता लगाया। इन सभी लोगों की मौत अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से हुई। बुखार आने पर चिकित्सक से संपर्क करें। इसके साथ भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें। प्लेटलेट्स गिरने पर पपीते के पत्ते को शहद में भिगो कर खाएं। विटामिन सी युक्त फल जैसे किवी, संतरा आदि का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी की वजह से भी व्यक्ति की मौत हो सकती है। नारियल पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें।
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बिजनौर। जिले में अक्तूबर माह में चलाए गए दस्तक अभियान के तहत बुखार के 481 मरीज खोजे गए। इनमें पांच डेगूं और 40 मलेरिया के मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 712139 घरों का निरीक्षण किया।स्वास्थ्य विभाग बुखार के ज्यादा मरीज मिलने से सर्तक हो गया है।
दस्तक अभियान के तहत जिले में 411 ऐसे मरीज मिले, जिन्हें खांसी व जुकाम था। 287 मरीज टीबी के लक्षण वाले मिले। इसके अलावा 107 कुपोषित बच्चे मिले। इनमें 51 बच्चों को एनआरसी में रेफर किया गया। जिला अस्पताल और अर्बन पीएचसी पर 345 मरीजों की रेपिड कार्ड से जांच हुई। इनमें से 15 की एलाइजा किट से जांच हुई। जिनमें पांच मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई। फिलहाल यह पांचों मरीज स्वास्थ्य हैं। जनवरी से अब तक मलेरिया के 40 केस मिले हैं। जिला प्रभारी मलेरिया अधिकारी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दिनों गोहावर में साढ़े छह साल की बच्ची की मौत झोलाछाप डॉक्टर से इलाज के चलते हो हुई। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच की। इसी तरह अम्हेड़ा, गोहावर और बहुपुरा में भी टीम ने मौत के कारणों का पता लगाया। इन सभी लोगों की मौत अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से हुई। बुखार आने पर चिकित्सक से संपर्क करें। इसके साथ भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें। प्लेटलेट्स गिरने पर पपीते के पत्ते को शहद में भिगो कर खाएं। विटामिन सी युक्त फल जैसे किवी, संतरा आदि का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी की वजह से भी व्यक्ति की मौत हो सकती है। नारियल पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें।
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