{"_id":"60df57d68ebc3edbd175531c","slug":"fishing-cat-seen-in-the-forests-of-kalagarh-dhampur-news-mrt5455830141","type":"story","status":"publish","title_hn":"कालागढ़ के जंगलों में दिखी फिशिंग कैट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कालागढ़ के जंगलों में दिखी फिशिंग कैट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालागढ़ के जंगलों में दिखी फिशिंग कैट
कालागढ़ (बिजनौर)। लुप्त हो रहे जीव जिम कार्बेट नेशनल पार्क के वनों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। रामगंगा नदी के तटों पर कालागढ़ के वनों में फिशिंग कैट नजर आई है। जिसे वन विभाग के कैमरा ट्रैप ने पकड़ा है। लगभग तीन वर्ष से यह यहां देखी जा रही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कार्बेट नेशनल पार्क दुनिया में वन्यजीवों और वनस्पति के लिए मशहूर है। विशिष्ट जीव यहां के वनों में मौजूद हैं। कालागढ़ के जंगलों में रामगंगा नदी के तटों पर जलीय जीव अक्सर नजर आते हैं। रात्रि के अंधेरे में निकलने वाली फिशिंग कैट ने भी यहां अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। हालांकि इनकी संख्या कितनी है अभी यह कह पाना मुश्किल है। यह मछली, मेंढक, सांप, पक्षी और बड़े जानवरों का मांस खाना पसंद करती है। इस जीव को लुप्त प्राय प्रजाति में सूचीबद्ध किया गया है। इस प्रजाति को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की प्रथम अनुसूची के तहत वर्गीकृत किया गया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व व नेशनल पार्क के निदेशक राहुल कुमार का कहना है कि यह दुर्लभ और लुप्त हो रहा जीव है। कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट ने बताया कि वनों में यह जीव बहुत कमी से दिखाई देता है। यह शर्मिला जीव है। दिन के समय इसका दिखाई देना संभव नहीं है। विभागीय नियमों के अनुसार जीवों का संरक्षण किया जा रहा है। इस प्रकार के जीवों को बचाए रखना विभाग की एक बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन
कालागढ़ (बिजनौर)। लुप्त हो रहे जीव जिम कार्बेट नेशनल पार्क के वनों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। रामगंगा नदी के तटों पर कालागढ़ के वनों में फिशिंग कैट नजर आई है। जिसे वन विभाग के कैमरा ट्रैप ने पकड़ा है। लगभग तीन वर्ष से यह यहां देखी जा रही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कार्बेट नेशनल पार्क दुनिया में वन्यजीवों और वनस्पति के लिए मशहूर है। विशिष्ट जीव यहां के वनों में मौजूद हैं। कालागढ़ के जंगलों में रामगंगा नदी के तटों पर जलीय जीव अक्सर नजर आते हैं। रात्रि के अंधेरे में निकलने वाली फिशिंग कैट ने भी यहां अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। हालांकि इनकी संख्या कितनी है अभी यह कह पाना मुश्किल है। यह मछली, मेंढक, सांप, पक्षी और बड़े जानवरों का मांस खाना पसंद करती है। इस जीव को लुप्त प्राय प्रजाति में सूचीबद्ध किया गया है। इस प्रजाति को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की प्रथम अनुसूची के तहत वर्गीकृत किया गया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व व नेशनल पार्क के निदेशक राहुल कुमार का कहना है कि यह दुर्लभ और लुप्त हो रहा जीव है। कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट ने बताया कि वनों में यह जीव बहुत कमी से दिखाई देता है। यह शर्मिला जीव है। दिन के समय इसका दिखाई देना संभव नहीं है। विभागीय नियमों के अनुसार जीवों का संरक्षण किया जा रहा है। इस प्रकार के जीवों को बचाए रखना विभाग की एक बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन