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सिलिंडर भरवाने से मिलेगी मुक्ति, पाइपलाइन से होगी गैस की आपूर्ति

Sat, 05 Mar 2022 12:35 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 12:35 AM IST
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Filling of cylinders will give relief, gas will be supplied through pipeline
बिजनौर में रसोई गैस की आपूर्ति के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन। - फोटो : BIJNOR
सिलिंडर भरवाने से मिलेगी मुक्ति, पाइपलाइन से होगी गैस की आपूर्ति
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बिजनौर। सिर्फ एक साल इंतजार करिए आपको सिलिंडर की गैस खत्म होने की चिंता नहीं सताया करेगी। जी हां, मार्च 2023 तक बिजनौर शहर के हर घर में पाइप लाइन से रसोई गैस पहुंच जाएगी। तेजी के साथ काम चल रहा है, फिलहाल पांच मोहल्लों में पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, जिसकी टेस्टिंग होना बाकी रह गया है। जिला मुख्यालय के बाद जिले के सभी शहरों में रसोई तक गैस पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम होगा।
एचपीसीएल कंपनी बिजनौर में पाइपलाइन से रसोई तक गैस पहुंचाएगी। पाइपलाइन बनाने का जिम्मा ट्रैटाविल इंजीनियरिंग कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी ने शहर की कॉलोनी ज्ञान विहार, गीता नगरी, आवास विकास, रामबाग और एसडीपुरम में पहले चरण में पाइपलाइन बना दी है, जिसकी टेस्टिंग होना बाकी रह गया है। वहीं महादेवपुरम के लिए भी नगर पालिका एनओसी जारी कर चुकी है। अब शुक्रवार को कंपनी ने नई बस्ती में भी पाइपलाइन बनाने के लिए पालिका से अनापत्ति मांगी है। एक-एक कर शहर के सभी मोहल्लों और कॉलोनी में पाइपलाइन बनाई जाएगी।
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15 अप्रैल तक पांच कॉलोनियों में होगी आपूर्ति
जिन पांच कॉलोनी में पाइपलाइन बन चुकी हैं, उनमें 15 अप्रैल तक पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पूरे शहर में पाइपलाइन बनाने का काम तेजी से होगा। एचपीसीएल ने पाइपलाइन बिछा रही कंपनी को मार्च 2023 का लक्ष्य जिला मुख्यालय को कवर करने का दिया है। यानी सिर्फ एक साल बाद ही शहर में पाइपलाइन से रसोई गैस की आपूर्ति होने लगेगी।
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डीसीयू यूनिट के लिए तलाशी जा रही जमीन
यूं तो थाना भवन शामली में गेल इंडिया के प्लांट से बिजनौर को पाइपलाइन से जोड़ा जाना है। जब तक पाइपलाइन नहीं बनती तो टैंकर से जिले में आपूर्ति होगी। टैंकर से डीसीयू (डी कंप्रेशन यूनिट) में गैस डाली जाएगी, जहां से घरों की पाइपलाइन में आपूर्ति होगी। शहर में डी कंप्रेशन यूनिट बनाए जाने के लिए जमीन तलाशी जा रही है। डीसीयू में गैस का भंडारण रहेगा।
पीएनजी के फायदे
- 24 घंटे आपूर्ति
- हवा की तुलना में हल्की होने से उपयोग सुरक्षित
- सिलिंडर से छुटकारा
बेहद सस्ती पड़ती है पीएनजी
जिन महानगरों में पीएनजी की आपूर्ति रसोई तक पाइपलाइन से की जा रही है, वहां फिलहाल पीएनजी के दाम 38 रुपये हैं, जबकि सिलिंडर में मिलने वाली एलपीजी 65 रुपये के आसपास पड़ रही है। रसोई के बाहर पीएनजी की पाइपलाइन पर मीटर लगेगा। गैस इस्तेमाल करने के बाद बिल का भुगतान एक से दो महीने के अंतराल में करना होगा।
जिले के सभी शहरों में बनेगी पाइपलाइन
फिलहाल जिला मुख्यालय पर रसोई गैस की पाइपलाइन बनाने का काम किया जा रहा है। काम पूरा करने के बाद दूसरे नगर पालिकाओं में काम होगा। नजीबाबाद, चांदपुर, धामपुर, नूरपुर, किरतपुर और नगीना में भी पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति किए जाने की योजना है।

वर्जन...
पांच मोहल्लों में पाइपलाइन की टेस्टिंग बाकी रह गई है। महादेवपुरम और नई बस्ती में भी पाइपलाइन जल्द बना दी जाएगी। पांच मोहल्लों में 15 अप्रैल तक गैस की आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि मार्च 2023 तक जिला मुख्यालय में पाइपलाइन बिछा दी जाएगी। डीसीयू यूनिट के लिए जमीनी तलाशी जा रही है।
- प्रदीप सिंह, साइट इंजीनियर
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