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खून से प्लेटलेट्स अलग करने की किट खत्म, दूसरे शहरों में करना पड़ रहा रूख
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बुखार के मरीजों की और बढ़ी मुसीबत
बिजनौर। बुखार के मरीजों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। खून से प्लेटलेट्स अलग करने के लिए इस्तेमाल होने वाली किट खत्म हो चुकी है। ऐसे में मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए दूसरे जिलों में ही ले जाना पड़ रहा है। इससे मरीज और तिमारदार दोनों ही परेशान हैं।
वायरल का सीजन अब भी चल रहा है। निजी लैब मरीजों को डेंगू की भी पुष्टि कर रही हैं। मरीजों की प्लेटलेट्स कम होने पर उन्हें प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती है। खून से प्लेटलेट्स को अलग करने के लिए एक किट का इस्तेमाल होता है। जिला मुख्यालय पर शुभम सर्वम आदि अस्पतालों में किट खत्म हो चुकी है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में तो खून से प्लेटलेट्स अलग करने की कोई मशीन ही नहीं है। मरीज निजी लैब के पास जाने को मजबूर रहते थे और अब निजी लैब का भी यही हाल हो गया है। प्लेटलेट्स न मिलने से बुखार के मरीजों की परेशानी और खर्च और बढ़ गया है। निजी ब्लड बैंक संचालक किट पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन किट नहीं मिल पा रही है।
ब्लड बैंक संचालक डॉ. एनपी सिंह के अनुसार जिले ही नहीं आसपास के जिलों में भी किट नहीं मिल रही हैं। किट के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आजकल के समय में ही इस किट की जरूरत पड़ती है।
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बिजनौर। बुखार के मरीजों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। खून से प्लेटलेट्स अलग करने के लिए इस्तेमाल होने वाली किट खत्म हो चुकी है। ऐसे में मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए दूसरे जिलों में ही ले जाना पड़ रहा है। इससे मरीज और तिमारदार दोनों ही परेशान हैं।
वायरल का सीजन अब भी चल रहा है। निजी लैब मरीजों को डेंगू की भी पुष्टि कर रही हैं। मरीजों की प्लेटलेट्स कम होने पर उन्हें प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती है। खून से प्लेटलेट्स को अलग करने के लिए एक किट का इस्तेमाल होता है। जिला मुख्यालय पर शुभम सर्वम आदि अस्पतालों में किट खत्म हो चुकी है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में तो खून से प्लेटलेट्स अलग करने की कोई मशीन ही नहीं है। मरीज निजी लैब के पास जाने को मजबूर रहते थे और अब निजी लैब का भी यही हाल हो गया है। प्लेटलेट्स न मिलने से बुखार के मरीजों की परेशानी और खर्च और बढ़ गया है। निजी ब्लड बैंक संचालक किट पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन किट नहीं मिल पा रही है।
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ब्लड बैंक संचालक डॉ. एनपी सिंह के अनुसार जिले ही नहीं आसपास के जिलों में भी किट नहीं मिल रही हैं। किट के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आजकल के समय में ही इस किट की जरूरत पड़ती है।
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