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Bijnor News: गुलदार से ज्यादा चोरों का डर, खाली पिंजरा, बकरी भेज दी घर
Sun, 06 Jul 2025 12:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 06 Jul 2025 12:09 AM IST
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मंडावर क्षेत्र के गांव कोहरपुर के जंगल में लगा पिंजरा। संवाद
चंदक। वन विभाग गुलदार को पकड़ने में भी महज खानापूर्ति ही कर रहा है। गांव कोहरपुर में बालक की मौत के बाद जंगल में लगाया गया पिंजरा खाली पड़ा है, जबकि बिना शिकार नजर आए गुलदार पिंजरे तक कैसे आएगा। वनाधिकारी चोरों के डर से दिन में बकरी को किसी ग्रामीण के घर और रात में पिंजरे में बांधने का दावा कर रहे हैं।
मंडावर थाना क्षेत्र के गांव कोहरपुर में पांच दिन पहले खेत के पास खेलते हुए राजकुमार के बेटे मंयक (2) को गुलदार ने हमला कर मार डाला था। बालक की मौत पर गुस्साए लोगों ने मंडावर-बालावाली मार्ग पर दयालवाला में जाम भी लगाया। उस वक्त वन विभाग सक्रिय हुआ और ग्रामीणों को शांत करते हुए दो पिंजरे लगा दिए। लोगों को लगा कि अब गुलदार पकड़ा जाएगा। लोगों ने जाम खोल दिया।
अब ग्रामीण वनाधिकारियों की हरकत पर अचंभित और आक्रोशित है। जिस जगह पर गुलदार ने बालक को मारा था, उस जगह से करीब तीस मीटर दूर एक खेत में लगाया पिंजरा खाली पड़ा है। नियमानुसार पिंजरे में बकरी को बांधा जाना चाहिए था। जिसका शिकार करने के लिए गुलदार आए और पिंजरे में फंस जाए। शनिवार को पड़ताल में सामने आया कि पिंजरा पूरे दिन खाली पड़ा रहा। पिंजरे में न बकरी थी और न ही कुत्ता।
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ग्रामीणों के अनुसार आखिर पिंजरा लगा ही क्यों रखा है और दिन में गुलदार नहीं आएगा, इसका क्या प्रमाण है। एसडीओ ज्ञानसिंह ने बताया कि दिन में चोरों के डर से बकरी को किसी ग्रामीण के घर में बांध दिया जाता है और रात में गुलदार के आने की संभावना को देखते हुए पिंजरे में बकरी बांधी जाती है।
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मंडावर थाना क्षेत्र के गांव कोहरपुर में पांच दिन पहले खेत के पास खेलते हुए राजकुमार के बेटे मंयक (2) को गुलदार ने हमला कर मार डाला था। बालक की मौत पर गुस्साए लोगों ने मंडावर-बालावाली मार्ग पर दयालवाला में जाम भी लगाया। उस वक्त वन विभाग सक्रिय हुआ और ग्रामीणों को शांत करते हुए दो पिंजरे लगा दिए। लोगों को लगा कि अब गुलदार पकड़ा जाएगा। लोगों ने जाम खोल दिया।
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अब ग्रामीण वनाधिकारियों की हरकत पर अचंभित और आक्रोशित है। जिस जगह पर गुलदार ने बालक को मारा था, उस जगह से करीब तीस मीटर दूर एक खेत में लगाया पिंजरा खाली पड़ा है। नियमानुसार पिंजरे में बकरी को बांधा जाना चाहिए था। जिसका शिकार करने के लिए गुलदार आए और पिंजरे में फंस जाए। शनिवार को पड़ताल में सामने आया कि पिंजरा पूरे दिन खाली पड़ा रहा। पिंजरे में न बकरी थी और न ही कुत्ता।
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ग्रामीणों के अनुसार आखिर पिंजरा लगा ही क्यों रखा है और दिन में गुलदार नहीं आएगा, इसका क्या प्रमाण है। एसडीओ ज्ञानसिंह ने बताया कि दिन में चोरों के डर से बकरी को किसी ग्रामीण के घर में बांध दिया जाता है और रात में गुलदार के आने की संभावना को देखते हुए पिंजरे में बकरी बांधी जाती है।