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भुगतान नहीं तो बिलाई मिल को गन्ना नहीं देंगे किसान : दिगंबर सिंह
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बिजनौर गन्ना समिति में प्रेसवार्ता करते भाकियू अराजनीति के पदाधिकारी। स्रोत संगठन
- फोटो : Archive
बिजनौर। बिलाई चीनी मिल पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर भाकियू अराजनीतिक ने बड़े आंदोलन का एलान किया है। संगठन के युवा प्रदेशाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि जब तक मिल किसानों का समस्त बकाया भुगतान नहीं करती, तब तक किसान उसे गन्ना नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि भुगतान नहीं होने पर आंदोलन के तहत 50 हजार क्विंटल गन्ने के साथ किसान कलक्ट्रेट पहुंचेंगे।
गन्ना समिति बिजनौर के सभागार में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि बिलाई चीनी मिल पर अभी करीब 26 करोड़ रुपये बकाया है। मिल से 31,752 किसान जुड़े हैं। इनमें से करीब 20 हजार किसान शपथपत्र देकर मिल के गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना नहीं देने की बात कह चुके हैं। इसके बावजूद केवल तीन क्रय केंद्र हटाए गए। उन्होंने मांग की कि बिलाई मिल का गन्ना दूसरी चीनी मिलों को डायवर्ट किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कलक्ट्रेट में आंदोलन पर रोक लगा रखी है। ऐसे में प्रशासन बताए कि किसान अपना गन्ना कहां डालें। किसान बैरिकेडिंग नहीं तोड़ेंगे, बल्कि ट्रॉलियों में गन्ना लेकर आएंगे और निर्धारित स्थान पर पलट देंगे। वरना जहां प्रशासन व पुलिस रोकेगी, वहीं डाल देंगे। उसका भुगतान प्रशासन से लिया जाएगा। जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही के नेतृत्व में आईजीआरएस पर शिकायत अभियान अच्छा रहा। यह फिर शुरू किया जाएगा। उन्होंने तीन नवंबर को मुरादाबाद मंडल में प्रदर्शन का एलान किया और किसान संगठनों से एकजुट होने की अपील की। पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही, अतुल बालियान और नितेंद्र प्रधान मौजूद रहे।
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गन्ना समिति बिजनौर के सभागार में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि बिलाई चीनी मिल पर अभी करीब 26 करोड़ रुपये बकाया है। मिल से 31,752 किसान जुड़े हैं। इनमें से करीब 20 हजार किसान शपथपत्र देकर मिल के गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना नहीं देने की बात कह चुके हैं। इसके बावजूद केवल तीन क्रय केंद्र हटाए गए। उन्होंने मांग की कि बिलाई मिल का गन्ना दूसरी चीनी मिलों को डायवर्ट किया जाए।
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उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कलक्ट्रेट में आंदोलन पर रोक लगा रखी है। ऐसे में प्रशासन बताए कि किसान अपना गन्ना कहां डालें। किसान बैरिकेडिंग नहीं तोड़ेंगे, बल्कि ट्रॉलियों में गन्ना लेकर आएंगे और निर्धारित स्थान पर पलट देंगे। वरना जहां प्रशासन व पुलिस रोकेगी, वहीं डाल देंगे। उसका भुगतान प्रशासन से लिया जाएगा। जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही के नेतृत्व में आईजीआरएस पर शिकायत अभियान अच्छा रहा। यह फिर शुरू किया जाएगा। उन्होंने तीन नवंबर को मुरादाबाद मंडल में प्रदर्शन का एलान किया और किसान संगठनों से एकजुट होने की अपील की। पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही, अतुल बालियान और नितेंद्र प्रधान मौजूद रहे।
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