फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Farmers straying from purchasing centers

क्रय केंद्रों पर आने से कतरा रहे किसान

Tue, 07 May 2019 12:47 AM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर Published by: Deepak Sharma Updated Tue, 07 May 2019 12:47 AM IST
विज्ञापन
Farmers straying from purchasing centers
wheat-farm
बिजनौर में  जिले में गेहूं क्रय   केंद्रों पर किसान गेहूं बेचने नहीं आ रहे। इसे लेकर अफसरों  की सांस फूली हुई है। जो किसान गेहूं लेकर आ रहे हैं, उनमें करनाल बंट का रोग मिलने पर किसानों का गेहूं वापस किया  जा रहा है। गेहूं बेचने के लिए किसानों के इस बार रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन की रसीद लेकर ही किसान गेहूं बेचने के लिए    सेंटरों पर पहुंच रहे हैं। गेहूं की खरीदारी कछुआ गति से चल रही है। एक माह में अभी तक 5100 मीट्रिक टन  ही गेहूं की खरीद हो पाई है।
विज्ञापन

 जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है। यह खरीद 15 जून तक चलेगी। गेहूं की खरीद के लिए इस बार 57 की जगह 70 गेहूं खरीद केंद्र केंद्र बनाए गए हैं। नफर्ड एजेंसी के आठ व यूपीएसएस के आठ नए खरीद केंद्र बढ़े हैं। 43500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। 1840 रुपये क्विंटल सरकार गेहूं   खरीद रही है।  किसान गेहूं खरीद केंद्रों पर गेहूं लाने से कतरा रहे हैं। अफसर मान रहे हैं कि गन्ने की बुवाई में लगे किसान सेंटरों पर गेहूं बेचने नहीं आ रहे, पर ऐसा नहीं है। खुले बाजार में 2000 रुपये तक गेहूं बिक रहा है। किसान बाजार में गेहूं बेचना  पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन

गेहूं भंडारण में दिक्कत
इस बार सरकारी सेंटरों पर खरीदा गए गेहूं के भंडारन में भारी दिक्कत आ रही है। खरीदा गया गेहूं हर साल सेंटर वेयर हाउस के गोदामों में रखा जाता था। इस बार सेंटर वेयर हाउस में कड़ी सुरक्षा में  लोकसभा चुनाव की ईवीएम रखी हुई हैं। यह देख अफसरों ने पीली चौकी के पास एक प्राइवेट गोदाम को किराए पर लिया है। बिजनौर के आसपास का खरीदा गया गेहूं इस गोदाम में रखा जा रहा है। नूरपुर व जलीलपुर में खरीदा गया गेहूं गजरौला व नहटौर, स्योहारा, अफजलगढ़ से खरीदा गया गेहूं ठाकुरद्वारा के गोदाम में जा रहा है। जिला खाद व विपरण अधिकारी धनश्याम वर्मा के मुताबिक गेहूं की खरीद अभी तक धीमी हो रही है। गन्ने की फसल की बुवाई में लगे किसान अभी गेहूं बेचने नहीं आ रहे हैं। बुवाई के बाद गेहूं की खरीद बढ़ने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 रजिस्ट्रेशन के बिना नहीं खरीदा जा रहा गेहूं 
किसान इस बार सीधे सेंटर पर गेहूं बेचने नहीं जा सकता है। पहले किसान को अपना किसान सेवा केंद्र व साइबर कैफे पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन की रसीद लेकर किसान गेहूं बेचने जाएगा। किसी सेंटर पर लंबी लाइन है तो किसान का रजिस्ट्रेशन की रसीद के हिसाब से कब गेहूं बेंचने आना है, इसका अलग से समय उसे मिलेगा।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed