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किसान सेवा सहकारी समिति बोर्ड भंग

Fri, 03 Sep 2021 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 11:21 PM IST
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Farmers Service Cooperative Society Board dissolved
किसान सेवा सहकारी समिति बोर्ड भंग
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झालू। आजाद किसान यूनियन ने झालू जाटान किसान सेवा सहकारी समिति में कुछ माह पूर्व भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर धरना प्रदर्शन करते हुए जांच कराने की मांग की थी। जिसके आधार पर जांच की गई। जांच के बाद छह संचालकों को सदस्यता शुल्क जमा न करने, सदस्यता फार्म न भरने एवं सदस्यों के समिति पर सदस्यता संबंधी अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित किया गया है। बोर्ड भंग करके समिति संचालन के लिए तीन सदस्यों की अतिरिक्त कमेटी गठित कर दी गई है।
झालू जाटान किसान सेवा सहकारी समिति में पूर्व निबंधक अमित त्यागी के कार्यकाल के दौरान जून माह में छह संचालकों की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। जिसके बाद समिति बोर्ड भी भंग हो गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो संचालक नितिन कुमार, अजीजन पत्नी शब्बीर, शाहीन इकबाल पत्नी मो. आलमगीर, शाहीन पत्नी आदिल, शददो पत्नी अली एवं जवनिया पत्नी मो. अकबर उर्फ डंपी आदि को कपट पूर्ण तरीके से सदस्यता ग्रहण करने का आरोप में अयोग्य घोषित किया गया है। जिसके बाद बोर्ड भंग कर दिया गया है। बोर्ड भंग होने के साथ ही मो. अकबर डंपी की पत्नी एवं सभापति जेबुन्निसा को पद से हटा दिया गया है। समिति के संचालन के लिए एक आंतरिक कमेटी बनाई गई है। जिसमें नगीना तहसील के अपर जिला सहकारी अधिकारी चतुर सेन, नहटौर के सहायक विकास अधिकारी पीएम सिंह एवं मोहम्मदपुर देवमल के सहायक विकास अधिकारी सुनील आदि शामिल है।
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सभापति जेबुन्निसा के बेटे सलीम अकबर का कहना है कि कपट पूर्ण तरीके से षड्यंत्र रच कर संचालकों को अयोग्य घोषित किया गया है। नवनियुक्त सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि जांच में छह संचालक अयोग्य पाए गए। इसलिए झालू जाटान समिति का बोर्ड भंग हो चुका है। उन्होंने बताया कि उप निबंधक सहकारिता मुरादाबाद के स्तर से झालू समिति में प्रशासक नियुक्त हो गए हैं। जिसमें एक एडीसीओ व दो एडीओ शामिल है। निर्वाचन आयोग की तिथि के बाद समिति में चुनाव होगा। जिसके बाद नए बोर्ड का गठन होगा। अपर सांख्यिकी अधिकारी सतपाल सिंह ने बताया कि बोर्ड भंग होने पर छह महीने के अंदर चुनाव होता है, किंतु विषम परिस्थितियों में विभाग प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ा भी सकता है। समिति के प्रबंध निदेशक शिव बहादुर सिंह का कहना है कि हमारे ऊपर लगे सभी आरोप निराधार हैं।
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