{"_id":"5a4a7efd4f1c1b10788b5f70","slug":"farmers-land-for-forced-land-in-bijnor","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने जबरन जोती जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने जबरन जोती जमीन
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:03 AM IST
विज्ञापन
ट्रैक्टर से जमीन की जुताई करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
रायपुर सादात में भाकियू ने गांव सुंदरवाली में एक किसान की 12 बीघा भूमि से वन विभाग का कब्जा जबरन हटा दिया। प्रतिबंधित पेड़ों को छोड़कर आक्रोशित किसानों ने जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली से यूकेलिप्टस के पेड़ धराशायी कर दिए और कब्जा मुक्त कराई जमीन पर सरसों की फसल बो दी।
नगीना देहात थाना क्षेत्र के गांव सुंदरवाली में किसान मगन सिंह की जमीन पर डेढ़ दशक से अधिक अवधि से वन विभाग का कब्जा था। भाकियू पिछले एक साल से भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए वन विभाग और प्रशासन पर दबाव बना रही थी। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल हाल ही नगीना एसडीएम व सीओ से मिला था। यूनियन ने वन विभाग द्वारा भूमि से कब्जा न छोड़ने पर एक जनवरी 2018 को स्वयं कब्जा लेने की चेतावनी दी थी।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष बलराम सिंह, जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह, जिला उपाध्यक्ष विनोद परमार, तहसील प्रभारी वीर सिंह डवास, कोतवाली ब्लॉक अध्यक्ष समरपाल सिंह, किरतपुर ब्लॉक अध्यक्ष देवदत्त शर्मा के नेतृत्व में कई किसान वन विभाग के कब्जे को हटाने के लिए गांव सुंदरवाली पहुंचे। सूचना मिलने पर एसडीएम इंद्रजीत सिंह, सीओ महेश कुमार, थानाध्यक्ष रमेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
उधर, वन विभाग के कर्मचारियों के मौके पर न पहुंचने पर गुस्साए किसानों ने मगन सिंह की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली चला दी। किसानों ने मगन सिंह की भूमि पर खड़े नौ यूकेलिप्टस के पेड़ धराशायी कर दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार डीएफओ से संपर्क किया, लेकिन काफी देर बाद वन विभाग के एसडीओ एके मिश्रा, रेंजर रामगोपाल चौहान मौके पर पहुंचे।
किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से भूमि पर खड़े खैर आदि के प्रतिबंधित पेड़ वन विभाग से तुरंत हटवाने की मांग की। किसानों ने डेढ़ दशक से अधिक वन विभाग के अनाधिकृत कब्जे के दौरान उपजी फसल का दाम भी पीड़ित किसान को दिलाने की मांग की। एसडीएम ने किसानों को 10 दिन के भीतर वन विभाग से समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान नितिन सिरोही, सरदार बलजीत सिंह, गफ्फार अहमद, हाजी एहसान, सरदार बलिहार सिंह, मास्टर शकूर, दयाराम सिंह, धर्मपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, नरदेव सिंह, डॉ.भानू प्रताप, मदनपाल सिंह, जयपाल सिंह, बिजेन्द्र समेत कई भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
नगीना देहात थाना क्षेत्र के गांव सुंदरवाली में किसान मगन सिंह की जमीन पर डेढ़ दशक से अधिक अवधि से वन विभाग का कब्जा था। भाकियू पिछले एक साल से भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए वन विभाग और प्रशासन पर दबाव बना रही थी। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल हाल ही नगीना एसडीएम व सीओ से मिला था। यूनियन ने वन विभाग द्वारा भूमि से कब्जा न छोड़ने पर एक जनवरी 2018 को स्वयं कब्जा लेने की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष बलराम सिंह, जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह, जिला उपाध्यक्ष विनोद परमार, तहसील प्रभारी वीर सिंह डवास, कोतवाली ब्लॉक अध्यक्ष समरपाल सिंह, किरतपुर ब्लॉक अध्यक्ष देवदत्त शर्मा के नेतृत्व में कई किसान वन विभाग के कब्जे को हटाने के लिए गांव सुंदरवाली पहुंचे। सूचना मिलने पर एसडीएम इंद्रजीत सिंह, सीओ महेश कुमार, थानाध्यक्ष रमेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
उधर, वन विभाग के कर्मचारियों के मौके पर न पहुंचने पर गुस्साए किसानों ने मगन सिंह की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली चला दी। किसानों ने मगन सिंह की भूमि पर खड़े नौ यूकेलिप्टस के पेड़ धराशायी कर दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार डीएफओ से संपर्क किया, लेकिन काफी देर बाद वन विभाग के एसडीओ एके मिश्रा, रेंजर रामगोपाल चौहान मौके पर पहुंचे।
किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से भूमि पर खड़े खैर आदि के प्रतिबंधित पेड़ वन विभाग से तुरंत हटवाने की मांग की। किसानों ने डेढ़ दशक से अधिक वन विभाग के अनाधिकृत कब्जे के दौरान उपजी फसल का दाम भी पीड़ित किसान को दिलाने की मांग की। एसडीएम ने किसानों को 10 दिन के भीतर वन विभाग से समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान नितिन सिरोही, सरदार बलजीत सिंह, गफ्फार अहमद, हाजी एहसान, सरदार बलिहार सिंह, मास्टर शकूर, दयाराम सिंह, धर्मपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, नरदेव सिंह, डॉ.भानू प्रताप, मदनपाल सिंह, जयपाल सिंह, बिजेन्द्र समेत कई भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।