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Bijnor News: कम लागत और पानी में किसान पाए धान का बंपर उत्पादन
Sun, 25 May 2025 11:21 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 25 May 2025 11:21 PM IST
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बिजनौर। खेती में श्रमिकों की कमी, बढ़ती लागत और जल संकट के इस दौर में धान की फसल के लिए डीएसआर विधि उत्तम है। परंपरागत विधि में पहले नर्सरी तैयार कर फिर खेत में पौधों की रोपाई होती है।डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) में बीज सीधे खेत में रोपे जाते हैं। यानी कम लागत और कम पानी में किसान धान का बंपर उत्पादन पाएंगे।
नगीना शोध एवं वेधशाला केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. शिवांगी ने कहा कि इस दौर में किसानों को खेती करने की विधि में अपडेट होते रहना चाहिए। क्योंकि वर्तमान में श्रमिकों की कमी और खेती की जमीन का रकबा कम होता जा रहा है। धान रोपाई का समय शुरू हो गया। किसान धान रोपाई में सामान्य विधि की जगह डीएसआर विधि से धान की खेती करें। इससे पानी की आवश्यकता कम होती है। डीएसआर विधि से औसतन 35 प्रतिशत पानी की बचत होती है। क्योंकि पौधे सीधे खेत में बोए जाते हैं। मशीनरी के उपयोग होने से मजदूरों कम जरूरत पड़ती है और धान पैदावार हो जाती है। साथ ही मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
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नगीना शोध एवं वेधशाला केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. शिवांगी ने कहा कि इस दौर में किसानों को खेती करने की विधि में अपडेट होते रहना चाहिए। क्योंकि वर्तमान में श्रमिकों की कमी और खेती की जमीन का रकबा कम होता जा रहा है। धान रोपाई का समय शुरू हो गया। किसान धान रोपाई में सामान्य विधि की जगह डीएसआर विधि से धान की खेती करें। इससे पानी की आवश्यकता कम होती है। डीएसआर विधि से औसतन 35 प्रतिशत पानी की बचत होती है। क्योंकि पौधे सीधे खेत में बोए जाते हैं। मशीनरी के उपयोग होने से मजदूरों कम जरूरत पड़ती है और धान पैदावार हो जाती है। साथ ही मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
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