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बारिश से किसानों पर टूटा मुसीबत का पहाड़
अमर उजाला बिजनौर
Updated Tue, 19 Jul 2016 11:56 PM IST
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मंडावर क्षेत्र के ग्राम राजारामपुर में जान खतरे में डालकर नाव से चारा लाते ग्रामीण। दाईं आेर गांव रावली में जलभराव के हालात से आवागमन के दौरान मुश्किलों के बीच से गुजरते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर/मंडावर। कम होता गंगा का पानी तटीय गांव वालों के लिए और बड़ी मुश्किलें खड़ा कर रहा है। गंगा का पानी दर्जन भर गांवों की ओर कटान करने लगा है। खेत और उनमें खड़ी फसल गंगा में समा रही है। किसानों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मंडावर में बिजनौर-हरिद्वार मार्ग स्थित मालन नदी के रपटे पर पानी उतरने से यातायात अब भी बंद है। रावली के रपटे पर पानी और बढ़ गया है। गांव रावली, शहजादपुर, इनामपुरा, मोहम्मदपुर देवमल आदि गांवों का संपर्क मुख्यालय से अब भी कटा है। उत्तराखंड की ओर बसे गांवों में तटबंध बनने से अब तक जलभराव से बचे गांव हिम्मतपुर बेला के पांच घरों में मंगलवार को पानी भर गया। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने उनको निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजवाया। पहाड़ों पर हो रही बारिश से उफनी गंगा का पानी गांव डैबलगढ़, राजारामपुर, चाहड़वाला से निकल गया है। गंगा का जलस्तर मंगलवार को काफी कम हुआ है। हालांकि रावली और ब्रह्मपुरी में अब भी मालन का पानी भरा है। हालांकि पानी कम होने के बाद भी गांव वालों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। गंगा की तेज धारा ने सीमली, कोहरपुर, मिर्जापुर, कुंदनपुर, टीप, राजारामपुर, डैबलगढ़, चाहड़वाला की ओर खेतों की मिट्टी का कटान शुरू कर दिया है। खेत की मिट्टी और फसल कटकर गंगा में समा रही है।
मंडावर में बिजनौर-हरिद्वार मार्ग पर सुबह तीन फीट तक पानी बहने लगा था, जो कि दोपहर होते-होते डेढ़ फीट रह गया है। रपटे के एक ओर पीएसी ने अपना वाहन खड़ा कर तो दूसरी ओर गांव वालों ने खुद खड़े होकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया है। वे किसी को भी रपटे से गुजरने नहीं दे रहे हैं।
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नाव से लाए चारा
अपने पशुओं को भूख से परेशान देखकर किसान अपनी जान जोखिम में डालकर उफनी गंगा को नदी से पार कर रहे हैं। गांव राजारामपुर के किसान मंगलवार को नाव से खादर क्षेत्र अपने खेतों में गए और पशुओं के लिए चारा लाए। उनके लौटकर आने तक गांव के बाकी किसान तट पर खड़े होकर स्थिति पर नजर रखे रहे। सोमवार शाम रपटा पार करते समय एक युवक मालन नदी की तेज धारा में बह गया था। हालांकि तैरना आने के कारण युवक किसी तरह खुद ही धारा से निकल आया। राजस्व टीम ने युवक की जानकारी करने के लिए कई गांवों में पूछताछ कराई, तो पता चला युवक गजरौला शिव निवासी सुनील था।
हालांकि उसकी बाइक मालन में बह गई।
मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन एसएस गिरि के मुताबिक गंगा में सोमवार को डेढ़ लाख क्यूसेक पानी था। सोमवार को पानी कम होकर सवा लाख क्यूसेक रह गया है।उधर, बेगावाला क्षेत्र के गांव मुजफ्फरकेशो रावली में कई घरों में मालन नदी का पानी भर गया है। जलभराव से जहां ग्रामीणों का बुरा हाल है। वहीं आसपास के खेतों में पानी भरने से फसलें भी प्रभावित हुई हैं। गांव रावली के साथ ही शहजादपुर, खानजहांपुर, बाखरपुर सहित अन्य गांवों में बरसाती पानी से भारी जलभराव हुआ है।
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मंडावर में बिजनौर-हरिद्वार मार्ग स्थित मालन नदी के रपटे पर पानी उतरने से यातायात अब भी बंद है। रावली के रपटे पर पानी और बढ़ गया है। गांव रावली, शहजादपुर, इनामपुरा, मोहम्मदपुर देवमल आदि गांवों का संपर्क मुख्यालय से अब भी कटा है। उत्तराखंड की ओर बसे गांवों में तटबंध बनने से अब तक जलभराव से बचे गांव हिम्मतपुर बेला के पांच घरों में मंगलवार को पानी भर गया। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने उनको निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजवाया। पहाड़ों पर हो रही बारिश से उफनी गंगा का पानी गांव डैबलगढ़, राजारामपुर, चाहड़वाला से निकल गया है। गंगा का जलस्तर मंगलवार को काफी कम हुआ है। हालांकि रावली और ब्रह्मपुरी में अब भी मालन का पानी भरा है। हालांकि पानी कम होने के बाद भी गांव वालों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। गंगा की तेज धारा ने सीमली, कोहरपुर, मिर्जापुर, कुंदनपुर, टीप, राजारामपुर, डैबलगढ़, चाहड़वाला की ओर खेतों की मिट्टी का कटान शुरू कर दिया है। खेत की मिट्टी और फसल कटकर गंगा में समा रही है।
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मंडावर में बिजनौर-हरिद्वार मार्ग पर सुबह तीन फीट तक पानी बहने लगा था, जो कि दोपहर होते-होते डेढ़ फीट रह गया है। रपटे के एक ओर पीएसी ने अपना वाहन खड़ा कर तो दूसरी ओर गांव वालों ने खुद खड़े होकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया है। वे किसी को भी रपटे से गुजरने नहीं दे रहे हैं।
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नाव से लाए चारा
अपने पशुओं को भूख से परेशान देखकर किसान अपनी जान जोखिम में डालकर उफनी गंगा को नदी से पार कर रहे हैं। गांव राजारामपुर के किसान मंगलवार को नाव से खादर क्षेत्र अपने खेतों में गए और पशुओं के लिए चारा लाए। उनके लौटकर आने तक गांव के बाकी किसान तट पर खड़े होकर स्थिति पर नजर रखे रहे। सोमवार शाम रपटा पार करते समय एक युवक मालन नदी की तेज धारा में बह गया था। हालांकि तैरना आने के कारण युवक किसी तरह खुद ही धारा से निकल आया। राजस्व टीम ने युवक की जानकारी करने के लिए कई गांवों में पूछताछ कराई, तो पता चला युवक गजरौला शिव निवासी सुनील था।
हालांकि उसकी बाइक मालन में बह गई।
मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन एसएस गिरि के मुताबिक गंगा में सोमवार को डेढ़ लाख क्यूसेक पानी था। सोमवार को पानी कम होकर सवा लाख क्यूसेक रह गया है।उधर, बेगावाला क्षेत्र के गांव मुजफ्फरकेशो रावली में कई घरों में मालन नदी का पानी भर गया है। जलभराव से जहां ग्रामीणों का बुरा हाल है। वहीं आसपास के खेतों में पानी भरने से फसलें भी प्रभावित हुई हैं। गांव रावली के साथ ही शहजादपुर, खानजहांपुर, बाखरपुर सहित अन्य गांवों में बरसाती पानी से भारी जलभराव हुआ है।