{"_id":"60e341168ebc3ebf59350f74","slug":"farmers-demanded-payment-of-sugarcane-with-interest-bijnor-news-mrt5460182109","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने ब्याज सहित मांगा गन्ने का भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने ब्याज सहित मांगा गन्ने का भुगतान
विज्ञापन
किसानों ने ब्याज सहित मांगा गन्ने का भुगतान
बिजनौर। भाकियू अंबावता की मासिक पंचायत में गन्ना भुगतान न होने पर रोष जताया गया। डीएम को ज्ञापन देकर ब्याज सहित भुगतान कराने की मांग की गई।
गन्ना समिति परिसर में हुई पंचायत में जिलाध्यक्ष शिव कुमार ने कहा कि मिलों द्वारा गन्ना भुगतान न होने से किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। यूरिया तक के लिए किसान परेशान हैं। यूरिया भी किसानों को उधार में ही खरीदना पड़ रहा है। डीएम को दिए ज्ञापन में किसानों को गन्ने का भुगतान ब्याज सहित कराने, कृषि कानून वापस करने, बिजली आपूर्ति सुुचारु रखने, जंगली व निराश्रित पशुओं से फसलों की सुरक्षा कराने, नांगल से चंदक तक नहर की पटरी पक्की करने, टूटी सड़कों की मरम्मत करने, किसान आयोग का गठन करने, प्राइवेट स्कूलों की फीस माफ कराने, 60 साल से अधिक आयु के किसानों व मजदूरों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष हरवीर सैनी, परशुराम सिंह, उदयभान, जावेद अख्तर, राजपाल प्रधान, ओमवीर पहलवान, रामरतन सिसौदिया, विनीत त्यागी, कृष्णवीर त्यागी, नीरज सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बिजनौर। भाकियू अंबावता की मासिक पंचायत में गन्ना भुगतान न होने पर रोष जताया गया। डीएम को ज्ञापन देकर ब्याज सहित भुगतान कराने की मांग की गई।
गन्ना समिति परिसर में हुई पंचायत में जिलाध्यक्ष शिव कुमार ने कहा कि मिलों द्वारा गन्ना भुगतान न होने से किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। यूरिया तक के लिए किसान परेशान हैं। यूरिया भी किसानों को उधार में ही खरीदना पड़ रहा है। डीएम को दिए ज्ञापन में किसानों को गन्ने का भुगतान ब्याज सहित कराने, कृषि कानून वापस करने, बिजली आपूर्ति सुुचारु रखने, जंगली व निराश्रित पशुओं से फसलों की सुरक्षा कराने, नांगल से चंदक तक नहर की पटरी पक्की करने, टूटी सड़कों की मरम्मत करने, किसान आयोग का गठन करने, प्राइवेट स्कूलों की फीस माफ कराने, 60 साल से अधिक आयु के किसानों व मजदूरों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष हरवीर सैनी, परशुराम सिंह, उदयभान, जावेद अख्तर, राजपाल प्रधान, ओमवीर पहलवान, रामरतन सिसौदिया, विनीत त्यागी, कृष्णवीर त्यागी, नीरज सिंह आदि मौजूद रहे।