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किसान विरोधी है केंद्र और प्रदेश सरकार : वीएम सिंह
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:09 AM IST
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पंचायत में वीएम सिंह का स्वागत करते कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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जलीलपुर में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसान विरोधी हैं। उन्होंने किसानों के हितों के लिए कानून बनवाने के लिए दिल्ली चलने की अपील की।
गांव खानपुर खादर में आयोजित पंचायत मेँ सरदार वीएम सिंह ने कहा कि आजादी से लेकर अब तक की सरकारों ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। वर्तमान सरकार तो पूर्णत: किसान विरोधी हैं। देश में किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जाती है। देश में घूमकर 208 किसान मजदूर संगठन को किसानों के लिए कानून बनवाने की मांग पर राजी किया है। साथ ही 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने किसान हितों के बिल का समर्थन किया है। कहा कि वे करीब 25 साल से किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों को हजारों करोड़ रुपये गन्ना भुगतान दिलाने का दावा किया। राजनेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
यहां तक कि प्रधानमंत्री चुनाव पूर्व किए गए अपने वादे से मुकर रहे हैं। किसानों का फसल लागत का डेढ़ गुना दिलाने का वादा कर अब चुप हैं। 29 व 30 नवंबर को दिल्ली में किसान महाकुंभ होगा। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल आदि राज्यों से किसान 40.50 लाख रुपये में ट्रेन बुक कर दिल्ली पहुंच रहे हैं। ऐसे में दिल्ली के नजदीकी क्षेत्र के प्रत्येक किसान परिवार से एक सदस्य दिल्ली पहुंचना चाहिए। देश के इतिहास मे पहली बार 29 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान नाइट संगीत संध्या का कार्यक्रम होगा। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित किसानों के उचित मुआवजा व निर्माणाधीन मध्य गंगा नहर में किसानों की जमीन का आठ गुना मूल्य दिलवाने का प्रयास करने को कहा। किसान पंचायत मे पश्चिमी उत्तर प्रदेश व निकट के जिलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। हरगुलाल कश्यप, मांगेराम, विनोद चौधरी, कैलाश लांबा, राजवीर सिंह, कल्याण सिंह, उपेंद्र सिंह ने विचार व्यक्त किए।
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गांव खानपुर खादर में आयोजित पंचायत मेँ सरदार वीएम सिंह ने कहा कि आजादी से लेकर अब तक की सरकारों ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। वर्तमान सरकार तो पूर्णत: किसान विरोधी हैं। देश में किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जाती है। देश में घूमकर 208 किसान मजदूर संगठन को किसानों के लिए कानून बनवाने की मांग पर राजी किया है। साथ ही 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने किसान हितों के बिल का समर्थन किया है। कहा कि वे करीब 25 साल से किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों को हजारों करोड़ रुपये गन्ना भुगतान दिलाने का दावा किया। राजनेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
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यहां तक कि प्रधानमंत्री चुनाव पूर्व किए गए अपने वादे से मुकर रहे हैं। किसानों का फसल लागत का डेढ़ गुना दिलाने का वादा कर अब चुप हैं। 29 व 30 नवंबर को दिल्ली में किसान महाकुंभ होगा। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल आदि राज्यों से किसान 40.50 लाख रुपये में ट्रेन बुक कर दिल्ली पहुंच रहे हैं। ऐसे में दिल्ली के नजदीकी क्षेत्र के प्रत्येक किसान परिवार से एक सदस्य दिल्ली पहुंचना चाहिए। देश के इतिहास मे पहली बार 29 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान नाइट संगीत संध्या का कार्यक्रम होगा। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित किसानों के उचित मुआवजा व निर्माणाधीन मध्य गंगा नहर में किसानों की जमीन का आठ गुना मूल्य दिलवाने का प्रयास करने को कहा। किसान पंचायत मे पश्चिमी उत्तर प्रदेश व निकट के जिलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। हरगुलाल कश्यप, मांगेराम, विनोद चौधरी, कैलाश लांबा, राजवीर सिंह, कल्याण सिंह, उपेंद्र सिंह ने विचार व्यक्त किए।
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