{"_id":"68fbc3c2e99f5067500b85fe","slug":"fare-up-to-kalagarh-headquarters-and-journey-ends-at-the-border-bijnor-news-c-27-1-smrt1025-163478-2025-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: किराया कालागढ़ मुख्यालय तक और यात्रा बाॅर्डर पर समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: किराया कालागढ़ मुख्यालय तक और यात्रा बाॅर्डर पर समाप्त
Fri, 24 Oct 2025 11:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 24 Oct 2025 11:51 PM IST
विज्ञापन
कालागढ़। रामगंगा बांध परियोजना के कर्मचारियों से परिवहन विभाग किराया तो परियोजना के आवासीय परिसर तक का ले रहा है। लेकिन वाहन बिजनौर जनपद के बाॅर्डर पर रोक देते हैं। परियोजना के कर्मचारियों की पीड़ा है कि वे परिवहन सुविधाओं के लाभ से वंचित हैं।
रामगंगा बांध परियोजना उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के दुर्गम क्षेत्र में स्थित है। बांध से आवासीय परिसर लगभग 15-20 किमी दूर हैं। हाइडिल काॅलोनी, नई काॅलोनी, केंद्रीय काॅलोनी व पुराना कालागढ़ में कर्मचारी परिवार रहते हैं। कर्मचारी नेता सुरेश सिंह, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, राजीव कुमार का कहना है कि कर्मचारियों के परिवारों के लिए यूपी रोडवेज की बसें नई काॅलोनी बस अड्डे तक आती थीं। अब कौशांबी, साहिबाबाद, लोनी, नोएडा आदि डिपो की बसें पुराना कालागढ़ में यूपी बाॅर्डर पर रोक दी जाती हैं। जबकि किराया पूरा लिया जाता है।
मुरादाबाद के प्रभारी आरएम अनुराग यादव का कहना है कि समस्या लिखित रूप में मिलने पर समाधान हेतु संबंधित सर्किल गाजियाबाद को भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
रामगंगा बांध परियोजना उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के दुर्गम क्षेत्र में स्थित है। बांध से आवासीय परिसर लगभग 15-20 किमी दूर हैं। हाइडिल काॅलोनी, नई काॅलोनी, केंद्रीय काॅलोनी व पुराना कालागढ़ में कर्मचारी परिवार रहते हैं। कर्मचारी नेता सुरेश सिंह, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, राजीव कुमार का कहना है कि कर्मचारियों के परिवारों के लिए यूपी रोडवेज की बसें नई काॅलोनी बस अड्डे तक आती थीं। अब कौशांबी, साहिबाबाद, लोनी, नोएडा आदि डिपो की बसें पुराना कालागढ़ में यूपी बाॅर्डर पर रोक दी जाती हैं। जबकि किराया पूरा लिया जाता है।
विज्ञापन
मुरादाबाद के प्रभारी आरएम अनुराग यादव का कहना है कि समस्या लिखित रूप में मिलने पर समाधान हेतु संबंधित सर्किल गाजियाबाद को भेज दी जाएगी।