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Bijnor News: अर्चना की मेहनत से सुख समृद्धि के पथ पर परिवार
Wed, 10 Apr 2024 02:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 10 Apr 2024 02:00 AM IST
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बिजनौर के गांव धर्मनगरी में मशरूम की खेती करने वाली महिला अर्चनल मजूमदार।
बिजनौर। अर्चना मजूमदार अपनी लगन, मेहनत से मशरूम का उत्पादन कर न सिर्फ वह स्वावलंबी बनी, बल्कि परिवार को सुख समृद्धि के पथ पर ले जा रही हैं। अर्चना मजूमदार 400 स्क्वायर फीट में मशरूम की खेती कर रही है, जिसमें लगभग 3000 बैग स्थापित हैं। वह उत्पादित मशरूम को जनपद के लोकल बाजार के साथ दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड आदि बाजार में आपूर्ति कर रही है।
विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल के ग्राम धर्मनगरी महिला किसान अर्चना मजूमदार पत्नी संजय मजूमदार महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आईं हैं। अर्चना मजूमदार ने अपने परिवार का पालन पोषण करने के साथ आर्थिक स्थिति से मजबूत करने को पति के साथ कदमताल हुई। एक छोटे किसान परिवार की महिला अर्चना मजूमदार अपने पति के सहयोग से 400 स्क्वायर फीट में मशरूम की खेती शुरू की। इस क्षेत्रफल में अर्चना ने लगभग 3000 बैग लगाए। उन्होंने बताया कि प्रति बैग दो सौ रुपये की लागत आती है। प्रति बैग से औसतन 2.5 किलोग्राम मशरूम उत्पादित हो रही है। जो बाजार में करीब 130 रुपये प्रति किलोग्राम से बिक जाती है। अर्चना ने बताया कि घर के कार्यों के साथ आसानी से कर सकते हैं।
- नौ से दस लाख का हो जाता है कारोबार
महिला अर्चना ने बताया कि एक बैग पर लागत करीब दो सौ रुपये आती है। वहीं प्रति बैग से दो से तीन किलाे मशरूम पैदा हो रही है। प्रति बैक उत्पादित मशरूम 130 से 150 रुपये प्रति किलो बाजार में बिक जाती है। जिसे सालाना नौ से दस लाख का कारोबार हो जाता है। लागत, किराया आदि निकाल कर अच्छी बचत हो जाती है।
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- एनसीआर व उत्तराखंड में हो रही आपूर्ति
अर्चना मजूमदार ने बताया कि मशरूम की बाजार में अच्छी मांग है। उनका उत्पादित मशरूम जनपद में बिजनौर शहर, नजीबाबाद शहर, मेरठ सहित एनसीआर शहरों तथा पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के देहरादून आदि मंडियों में आपूर्ति हो रहा है।
- मशरूम के उत्पादन कर बनीं स्वावलंबी
लगन मेहनत के साथ अर्चना मजूमदार मशरूम का उत्पादन कर रही है। उद्यान विभाग की ओर से उन्हें बाजार, उत्पादन आदि के संबंध में मदद की जाती है। यह कारोबार कम जगह में होता है। उत्पादन के लिए जनपद का वातावरण अच्छा है। इनसे प्रेरित होकर अन्य महिलाओं को आगे आना चाहिए। महिलाओं के लिए मशरूम खेती मुफीद भी है। - जितेंद्र सिंह जिला उद्यान अधिकारी।
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विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल के ग्राम धर्मनगरी महिला किसान अर्चना मजूमदार पत्नी संजय मजूमदार महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आईं हैं। अर्चना मजूमदार ने अपने परिवार का पालन पोषण करने के साथ आर्थिक स्थिति से मजबूत करने को पति के साथ कदमताल हुई। एक छोटे किसान परिवार की महिला अर्चना मजूमदार अपने पति के सहयोग से 400 स्क्वायर फीट में मशरूम की खेती शुरू की। इस क्षेत्रफल में अर्चना ने लगभग 3000 बैग लगाए। उन्होंने बताया कि प्रति बैग दो सौ रुपये की लागत आती है। प्रति बैग से औसतन 2.5 किलोग्राम मशरूम उत्पादित हो रही है। जो बाजार में करीब 130 रुपये प्रति किलोग्राम से बिक जाती है। अर्चना ने बताया कि घर के कार्यों के साथ आसानी से कर सकते हैं।
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- नौ से दस लाख का हो जाता है कारोबार
महिला अर्चना ने बताया कि एक बैग पर लागत करीब दो सौ रुपये आती है। वहीं प्रति बैग से दो से तीन किलाे मशरूम पैदा हो रही है। प्रति बैक उत्पादित मशरूम 130 से 150 रुपये प्रति किलो बाजार में बिक जाती है। जिसे सालाना नौ से दस लाख का कारोबार हो जाता है। लागत, किराया आदि निकाल कर अच्छी बचत हो जाती है।
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- एनसीआर व उत्तराखंड में हो रही आपूर्ति
अर्चना मजूमदार ने बताया कि मशरूम की बाजार में अच्छी मांग है। उनका उत्पादित मशरूम जनपद में बिजनौर शहर, नजीबाबाद शहर, मेरठ सहित एनसीआर शहरों तथा पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के देहरादून आदि मंडियों में आपूर्ति हो रहा है।
- मशरूम के उत्पादन कर बनीं स्वावलंबी
लगन मेहनत के साथ अर्चना मजूमदार मशरूम का उत्पादन कर रही है। उद्यान विभाग की ओर से उन्हें बाजार, उत्पादन आदि के संबंध में मदद की जाती है। यह कारोबार कम जगह में होता है। उत्पादन के लिए जनपद का वातावरण अच्छा है। इनसे प्रेरित होकर अन्य महिलाओं को आगे आना चाहिए। महिलाओं के लिए मशरूम खेती मुफीद भी है। - जितेंद्र सिंह जिला उद्यान अधिकारी।