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आजाद हिंद फौज के 48 सैनिकों के परिवारों को कादराबाद में बसाया

Sun, 23 Jan 2022 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jan 2022 12:30 AM IST
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Families of 48 soldiers of Azad Hind Fauj settled in Kadarabad
खुशहाल सिंह।(फाइल फोटो) - फोटो : BIJNOR
आजाद हिंद फौज के 48 सैनिकों के परिवारों को कादराबाद में बसाया
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बिजनौर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आज भी आजाद हिंद फौज में सेनानी रहे लोगों के परिजनों के बीच भगवान की तरह पूजे जाते हैं। आजाद हिंद फौज के लड़ने वाले स्थानों को ये परिवार तीर्थ स्थल की तरह देखते हैं तथा वहां की यात्रा करते हैं। अफजलगढ़ क्षेत्र में आजाद हिंद फौज तथा युद्ध बंदियों के पुनर्वास के लिए सरकार द्वारा 12 कॉलोनी देश की आजादी के बाद बसाई गई थी।
सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी सन 1897 को कटक में हुआ था। उनके द्वारा बनाई गई आजाद हिंद फौज के सैनिक रहे ग्राम मीरापुर निवासी खुशहाल सिंह के पौत्र कनिष्क नेगी बताते हैं कि उनके दादा खुशहाल सिंह तथा नाना शेर सिंह भारतीय सेना में शामिल हुए थे। द्वितीय विश्वयुद्ध में लड़ते हुए दोनों जवान सन 1938 में जापानी सेना द्वारा सिंगापुर में पकड़े गए थे। इसके बाद वह युद्ध बंदी बन गए। जापान द्वारा युद्ध बंदी सैनिकों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने छुड़ाकर आजाद हिंद फौज का गठन किया था। खुशहाल सिंह नेगी तथा शेर सिंह नेगी भी आजाद हिंद फौज में रहे। कनिष्क नेगी बताते हैं कि 21 अक्तूबर 1943 को सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में तिरंगा फहराने के बाद भारत को आजाद घोषित किया और अपनी सरकार बनाई। उस सरकार को 8 देशों ने मान्यता प्रदान की थी। 30 दिसंबर को अंडमान निकोबार को आजाद कराया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लापता हो जाने के बाद काफी सैनिकों को अंग्रेजों द्वारा पकड़ लिया गया था। इन युद्धबंदियों पर लाल किले में मुकदमा चला था, जिसके बाद इन्हें क्वेटा (वर्तमान में पाकिस्तान) जेल में भेज दिया गया था। देश की आजादी के बाद भारतीय सरकार द्वारा सन 1952 में आजाद हिंद फौज के सैनिकों के पुनर्वास की व्यवस्था अफजलगढ़ क्षेत्र के ग्राम कादराबाद में की गई। क्षेत्र में 12 कॉलोनियां बसाई गई। रक्षा मंत्रालय के तत्कालीन पुनर्वास अधिकारी के पद पर कार्यरत लेफ्टिनेंट कर्नल केएस बाबू रहे। तत्कालीन उपराष्ट्रपति वीवी गिरी ने भी इन कालोनियों को बसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1957 में कादराबाद में भूतपूर्व सैनिक आदर्श इंटर कॉलेज की स्थापना की गई। विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य सुभाष गुप्ता ने बताया कि विद्यालय में एनसीसी के माध्यम से बच्चों को सैन्य गतिविधियों के बारे में बताया जाता है। कनिष्क नेगी बताते हैं कि वर्तमान में आजाद हिंद फौज से जुड़े 48 सेनानियों के परिवार कॉलोनी में रहते हैं। प्रतिवर्ष 21 अक्तूबर को सिक्किम तथा 30 दिसंबर को अंडमान निकोबार दीप समूह की यात्रा का इन परिवारों में बेहद महत्व है। यह यात्राएं तीर्थ यात्रा की तरह की जाती है।
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सुशील त्यागी ने लिखा है सुभाष शतक
- जनपद के ग्राम सिसौना निवासी सुशील कुमार त्यागी ने सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित सुभाष शतक लिखा है। सुभाष शतक घनाक्षरी छंद में लिखा गया है तथा इसका काव्य पाठ अनेकों विद्यालयों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम में किया जाता है।

शेर सिंह। (फाइल फोटो)

शेर सिंह। (फाइल फोटो)- फोटो : BIJNOR

कनिष्क नेगी।

कनिष्क नेगी।- फोटो : BIJNOR

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