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Bijnor News: बीमारी में नकली दवा, आराम चाहिए तो करिए दुआ

Tue, 13 Feb 2024 01:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Tue, 13 Feb 2024 01:06 AM IST
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Fake medicine in case of illness, if you want relief then pray for it
बिजनौर। लोगों का मर्ज कैसे ठीक हो, जब दवा ही ठीक नहीं है। जी, हां अब एक और एंटीबायोटिक दवा का नमूना जांच में नकली मिला है। इससे पहले भी दो दवाइयों के नमूने जांच में फेल मिले। ऐसे में मरीजों की तबीयत सुधारने के बजाय बिगड़ेगी। नमूने नकली पाए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम लगातार दवाइयों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज रही है। आए दिन दवाइयों के नमूने जांच में मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। इसी बीच एंटीबायोटिक कैल्वाशड टेबलेट का नमूना जांच में नकली पाया गया। यह टेबलेट अमोक्सीसिलिन और पौटेशियम क्लैवुलैनेट का मिश्रण है। जांच में दोनों ही साल्ट दवा में नहीं मिले। जिसकी वजह से दवा जांच के बाद नकली घोषित की गई। इस दवा का नमूना श्री कृष्णा मेडिकोज मकसूदपुर बिजनौर से लिया गया था। इसे हिक्सा हेल्थकेयर पानीपत की कंपनी ने बनाया है। इससे पहले भी फरवरी में दो एंटीबायोटिक दवा के नमूने जांच में फेल पाए गए।
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पिछले साल करीब 35 नमूने जांच में मिले थे फेल
औषधि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार साल 2023 में भी काफी दवाइयों के नमूने जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। पिछले साल करीब 35 दवाइयों के नमूने जांच में फेल और नकली पाए गए हैं। इस साल भी दवाइयों के नकली आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
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साल्ट नहीं तो ठीक नहीं होगी बीमारी : डॉ. राजेश कुमार डाबरे
मेडिकल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार डाबरे ने बताया कि अगर एंटीबायोटिक दवा में साल्ट नहीं होगा तो बीमारी में असरदार नहीं होगी। इससे मरीज का मर्ज ठीक होने के बजाय बढ़ जाएगा। इंफेक्शन को रोकने के लिए एंटीबायोटिक दवा दी जाती है।
इंफेक्शन बढ़ेगा साथ ही दूसरे साइड इफेक्ट भी होंगे : डॉ. पंकज त्यागी
चिकित्सक डॉ. पंकज त्यागी का कहना है कि दवा मरीज की बीमारी ठीक करने के लिए दी जाती है। अगर दवा में साल्ट ही नहीं होगा तो इंफेक्शन ठीक नहीं होगा। साथ ही दूसरे साइड इफेक्ट भी देखने को मिलेंगे। जिससे मरीज की समस्या बढ़ जाएगी।

दवाई कंपनी और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। दवाई में पर्याप्त साल्ट नहीं होने से मरीजों को बीमारी से फायदा नहीं मिलेगा। नकली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
- उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
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