फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Factories running in tight streets keeping the rules under control

नियमों को ताक पर रखकर तंग गलियों में चल रहे कारखाने

Sun, 08 Dec 2019 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2019 11:15 PM IST
विज्ञापन
Factories running in tight streets keeping the rules under control
नियमों को ताक पर रखकर तंग गलियों में चल रहे कारखाने
विज्ञापन

बिजनौर। जिले में भी कई जगहों पर नियमों को ताक पर रखकर कारखाने चल रहे हैं। तंग गलियों में छोटे-छोटे कारखाने चलते हैं। नहटौर व चांदपुर समेत जिले में कई जगहों पर मोहल्लों में ही अवैध तरीके से आतिशबाजी बनाने का काम होता है। जिले में बहुमंजिला भवनों में आग से बचने के लिए कोई साधन नहीं हैं। यहां तक कि फायर एक्सटेनगूशर तक नहीं लगे हैं।
जिले में करीब साढ़े तीन हजार औद्योगिक इकाइयां हैं। गली-मोहल्लों में नियमों को ताक पर रखकर छोटे-मोटे कारखाने चल रहे हैं। अगर कोई हादसा हो जाए तो कारखानों में आग से बचाव के कोई साधन तक नहीं है। शहर व कस्बों से लेकर गांवों तक की गलियां इतनी तंग होती हैं कि वहां पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी तक नहीं जा पाती है। इसके अलावा कारखानों में तकनीकी काम भी गैर प्रशिक्षित लोग करते हैं। पिछले साल मोहित पेट्रो केमिकल प्लांट में एक टैंक में वेल्डिंग करते समय विस्फोट होने से कई मजदूरों की मौत हो गई थी। नहटौर में आतिशबाजी बनाने के दौरान विस्फोट होने से जान माल का नुकसान होना कोई नई बात नहीं है। जहां आतिशबाजी बनाई जाती हैं वहां आग बुझाने के लिए फायर एक्सटेनगूशर तक नहीं होता है। गली मोहल्लों में चलने वाले छोटे मोटे कारखानों पर प्रशासन कभी ध्यान नहीं देता है। इसके अलावा शहरों में बड़े भवनों में चलने वाले कोचिंग सेंटरों में भी मानकों को ताक पर रखा जाता है। यहां भी आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं होते हैं। इस साल की शुरूआत में ही कोचिंग सेंटर संचालकों को सुधार के लिए कहा गया था, लेकिन इसके बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जिले में नियम ताक पर रखकर बड़े भवन बनाए जा रहे हैं। तमाम भवन बन गए हैं। अगर इनमें आग लग जाए तो आग बुझाने काकोई इंतजाम नहीं है। खुद ही लोगों को आग बुझाने के लिए जूझना पड़ेगा।
विज्ञापन

गलियों में फायर हाईडेंट से बुझेगी आग
मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष राय के मुताबिक पूरे जिले में 121 फायर हाईडेंट हैं। गलियों में आग लगने पर नगर पालिकाओं को अपने ट्यूबवेल चलाने होंगे तक उन हाईडेंट से आग बुझाई जा सकती है। बहुमंजिला इमारत में आग लगने पर बचाव के लिए एक ही 35 फीट की सीढ़ी है। बिजनौर में शॉपर्स प्राइड को छोड़कर पूरे जिले में कोई बहुमंजिला इमारत नहीं है। हर तहसील में फायर टेंडर हैं। तंग गलियों में आग बुझाने के लिए एक माउंटेड बुलेट और मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed