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अनुभव प्रमाणपत्रों की होगी जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:28 AM IST
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धामपुर में मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर एल वेंक्टेश्वर लू ने धामपुर तहसील में लेखपाल की नौकरी के लिए इस्तेमाल किए गए अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच कराने के निर्देश दिए जांच में यदि प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, धामपुर के डॉक्टर डीबी सिंह की ओर से प्रधानमंत्री के नाम शिकायत भेजकर आरोप लगाया गया था कि तहसील के करीब 50 लेखपालों ने नौकरी पाने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र इस्तेमाल किए गए हैं।
शिकायत में बताया गया कि धामपुर तहसील में 50 ऐसे लेखपाल हैं जिनकी नियुक्ति वर्ष 1984-85 में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नियम विरूद्घ हुई है। शासनादेश के अनुरूप 1984-85 में ऐसे अप्रशिक्षित लोगों को अस्थाई रूप से नियुक्त करने का प्रावधान था।
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लेकिन कुछ समय बाद इस प्रावधान को निरस्त कर दिया गया था। ऐसा होने पर इन लोगों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद यह नियम आया था कि जिन लोगों ने शासनादेश के तहत अस्थाई तौर पर लेखपाल की नौकरी की है। ऐसे लोग अपने अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर प्रशिक्षण पाकर नियुक्ति पा सकते हैं। आरोप है कि इसके बाद फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर प्रशिक्षण प्राप्त कर नौकरी हासिल कर ली गई। इस मामले में कमिश्नर की ओर से जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। एसडीएम सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई होगी।
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दरअसल, धामपुर के डॉक्टर डीबी सिंह की ओर से प्रधानमंत्री के नाम शिकायत भेजकर आरोप लगाया गया था कि तहसील के करीब 50 लेखपालों ने नौकरी पाने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र इस्तेमाल किए गए हैं।
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शिकायत में बताया गया कि धामपुर तहसील में 50 ऐसे लेखपाल हैं जिनकी नियुक्ति वर्ष 1984-85 में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नियम विरूद्घ हुई है। शासनादेश के अनुरूप 1984-85 में ऐसे अप्रशिक्षित लोगों को अस्थाई रूप से नियुक्त करने का प्रावधान था।
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लेकिन कुछ समय बाद इस प्रावधान को निरस्त कर दिया गया था। ऐसा होने पर इन लोगों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद यह नियम आया था कि जिन लोगों ने शासनादेश के तहत अस्थाई तौर पर लेखपाल की नौकरी की है। ऐसे लोग अपने अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर प्रशिक्षण पाकर नियुक्ति पा सकते हैं। आरोप है कि इसके बाद फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर प्रशिक्षण प्राप्त कर नौकरी हासिल कर ली गई। इस मामले में कमिश्नर की ओर से जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। एसडीएम सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई होगी।