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भवन जर्जर, फिर भी बनाए जाते हैं परीक्षा केंद्र

Sat, 02 Oct 2021 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 12:18 AM IST
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Examination centers being built in dilapidated buildings of schools
स्कूलों के जर्जर भवनों में बनाए जा रहे परीक्षा केंद्र
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बिजनौर। जिले के पांच राजकीय इंटर कालेज के भवन पढ़ाने लायक नहीं, घोषित हैं। भवनों की जर्जर स्थिति है। फिर भी इनमें से तीन राजकीय इंटर कालेजों को यूपी बोर्ड परीक्षा का केंद्र बना दिया है। इतना ही नहीं पीजीटी व टीजीटी जैसी प्रतियोगी परीक्षा भी अनुपयोगी घोषित भवनों में करा दी गई है। गनीमत रही कि परीक्षा सही सलामत हो गई है, जबकि जिले में विद्यालय के भवन गिरने का बड़ा हादसा हो चुका है। हादसे में छह बच्चों की मौत हो गई थी।
जिले में 32 राजकीय इंटर कालेज है। इनमें पांच राजकीय इंटर कालेज के भवन जर्जर हो गए हैं। प्रशासन द्वारा पीडब्ल्यूडी की तकनीकी टीम द्वारा कराई गई जांच में भवन पढ़ाने के काबिल नहीं होने घोषित हो चुके हैं। कालेजों के जर्जर भवनों में पढ़ाई हो रही है। साथ ही यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए अनुपयोगी घोषित इन भवनों वाले तीन राजकीय इंटर कालेज केंद्र बनाए जाते हैं। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार डीएम बोर्ड का परीक्षा केंद्र बनाने के लिए तहसील स्तर पर समिति गठित करते हैं, जिसके तहसीलों के एसडीएम अध्यक्ष व पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता तथा उस तहसील के एक राजकीय इंटर कालेज का प्रधानाचार्य सदस्य होता है। डीएम के निर्देशानुसार टीम परीक्षा केंद्र बनाने के लिए प्रस्तावित कालेज का निरीक्षण करती है। शासन के तय मानकों पर खरा उतरने के बाद ही विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता है।
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जर्जर भवन वाले कालेज को बना दिया पीजीटी व टीजीटी परीक्षा का केंद्र
जिले में पहली बार पीजीटी व टीजीटी की प्रतियोगी परीक्षा हुई थी। प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर स्थित करीब 110 साल पुराने भवन वाले राजकीय इंटर कालेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया था। बीएड प्रवेश परीक्षा में भी ये परीक्षा केंद्र थे। जीजीआईसी किरतपुर बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा का केंद्र है।
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जिले के ये है प्रयोग के लायक नहीं घोषित भवनों वाले कालेज
डीआईओएस कार्यालय के अनुसार राजकीय इंटर कालेज बिजनौर, राजकीय बालिका इंटर कालेज किरतपुर, राजकीय बालिका इंटर कालेज नहटौर, राजकीय इंटर कालेज अफजलगढ़ और राजकीय इंटर कालेज सरकड़ा के भवन टीम ने जांच के बाद प्रयोग के काबिल नहीं घोषित हैं। इनमें राजकीय बालिका इंटर कालेज नहटौर तथा राजकीय बालिका इंटर कालेज सरकडा बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा के केंद्र नहीं बनाए जाते हैं।

दूसरे भवनों में छात्रों को हस्तांतरित करने के मांगे विकल्प
डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि राजकीय इंटर कालेजों के जर्जर भवनों की स्थिति से शासन को अवगत कराया जा चुका है। अब शासन ने जर्जर घोषित भवन वाले राजकीय इंटर कालेजों के छात्रों को निकटतम दूसरे भवनों में हस्तानांतरित करने के लिए भवनों के विकल्प मांगे हैं। शासन को विकल्प भेज दिए हैं। मंजूरी आने पर अमल शुरू हो जाएगा।
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