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Bijnor News: बूंद-बूंद सा किया प्रयास, मदद सागर जैसी खास

Thu, 28 Dec 2023 11:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Thu, 28 Dec 2023 11:36 PM IST
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Every drop of effort made, help is as special as an ocean
टीएससीटी के जिला संयोजक नवाब आलम।
- शिक्षकों ने 30-30 रुपये जुटाकर शिक्षक के परिवार को की 50 लाख की मदद
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- नूरपुर क्षेत्र के दिवंगत शिक्षक अनिल कुमार के परिवार को दिया सहारा
नंबर गेम
- 1.5 लाख शिक्षक प्रदेशभर के इस अभियान से जुड़े
- 03 हजार शिक्षक बिजनौर से इस अभियान में जुड़ चुके हैं
- 143 परिवारों को 48.50 करोड़ रुपये मदद के रूप में दिए जा चुके हैं
- 15 से 25 तारीख के बीच हर माह मदद के लिए पैसे जुटाते हैं शिक्षक

बिजनौर। शिक्षक शिक्षा की अलख जगाने के साथ ही टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) से जुड़कर मानवता की सेवा में भी कर रहे हैं। टीम से जुड़े बिजनौर समेत प्रदेशभर के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों ने नूरपुर क्षेत्र के दिवंगत शिक्षक अनिल कुमार के परिवार को मात्र 30-30 रुपये देकर लगभग 50 लाख रुपये की मदद की है। वहीं इस मदद अभियान में बिजनौर से तीन हजार शिक्षक जुड़ चुके हैं।
टीएससीटी से जुड़े शिक्षक अब तक बिजनौर समेत प्रदेश में 143 शिक्षकों के परिवारों को आर्थिक मदद दे चुके हैं। पदाधिकारियों के अनुसार इन शिक्षकों को मदद के रूप 38 करोड़ 51 लाख रुपये दें चुके हैं। दिसंबर में प्रदेश के छह दिवंगत शिक्षकों के परिवार की मदद के लिए अभियान चलाया गया। इनमें नूरपुर के गांव पीपला जागीर निवासी अनिल कुमार का परिवार भी शामिल था। अनिल कुमार (45) का इसी वर्ष अगस्त में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। उनकी पत्नी बालेश देवी के खाते में 30-30 रुपये जमा करके प्रदेश के शिक्षकों ने लगभग 50 लाख रुपये का सहयोग दिया है। इसके अतिरिक्त दूसरे जनपदों के अन्य पांच शिक्षक परिवारों को भी लगभग 50-50 लाख रुपये की सहायता दी गई है। प्रत्येक माह की 15 से 25 तारीख को सहयोग के लिए अभियान चलता है।
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- टीएससीटी की स्थापना जुलाई 2020 को हुई
पदाधिकारी के अनुसार टीएससीटी की स्थापना कोरोना के समय जुलाई 2020 में प्रयागराज निवासी शिक्षक विवेकानंद ने की थी। उस समय कुछ ही शिक्षक इससे जुड़े थे, लेकिन अब इनकी संख्या प्रदेशभर में डेढ़ लाख से भी ज्यादा हो गई है। बिजनौर जिले के तीन हजार से ज्यादा शिक्षक इससे जुड़े हैं।
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- आज का सहयोग, कल का सहारा : नवाब आलम
टीएससीटी के जिला संयोजक नवाब आलम बताते हैं कि टीएससीटी आज का सहयोग, कल का सहारा सिद्धांत पर काम करती है। इससे जुड़ने के लिए कोई शुल्क नहीं जमा करना होता। यदि कोई शिक्षक साथी दिवंगत हो जाता है, तो सहयोग की धनराशि सीधे उसके नॉमिनी के खाते में जमा की जाती है। परिषदीय स्कूलों के साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक एवं कर्मचारी इससे जुड़ सकते हैं।

- जिले में तीन परिवारों को मिला सहयोग : नीरज वर्मा
टीएससीटी जिला प्रवक्ता नीरज कुमार वर्मा बताते हैं कि शिक्षक अनिल कुमार के परिवार से पहले बिजनौर निवासी रेनू गुप्ता के परिवार को लगभग 17 लाख एवं किरतपुर निवासी मोहम्मद सईद के परिवार को लगभग 25 लाख रुपये का सहयोग हो चुका है। शुरुआत में सदस्य कम होने के कारण सहयोग कम होता था, लेकिन अब सहयोग राशि 50 से 52 लाख रुपये तक पहुंच रही है।

टीएससीटी के जिला संयोजक नवाब आलम।

टीएससीटी के जिला संयोजक नवाब आलम।

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