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Bijnor News: पर्यटकों में दिख रहा उत्साह, तीन दिन में 82 पर्यटक पहुंचे
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अमानगढ़ रेंज में जिप्सी से जंगल सफारी के लिए जाते पर्यटक।
अमानगढ़ रेंज में लगातार पहुंच रहे पर्यटक, वन विभाग खुश
संवाद न्यूज एजेंसी
रेहड़ (बिजनौर)। अमानगढ़ रेंज को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। करीब तीन दिन में 82 पर्यटक भ्रमण के लिए अमानगढ़ पहुंचे। इस दौरान बाघ व अन्य जंगली जीव दिखाई पड़ने से पर्यटक खुश दिखाई दिए।
अमानगढ़ रेंज भ्रमण के लिए जून माह में बंद कर दिए जाने के बाद पर्यटन सत्र का 15 नवंबर को आगाज किया गया है। पहले दिन 24 पर्यटक और दूसरे दिन पांच जिप्सियों में 22 पर्यटक ने जंगल सफारी की। शुक्रवार को सात जिप्सियों में 36 पर्यटक अमानगढ़ रेंज में भ्रमण के लिए पहुंचे। तीन दिन के भीतर 82 पर्यटकों के पहुंचने पर वन विभाग के अधिकारियों में खासा उत्साह व खुशी नजर आई।
प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा बाघ आरक्षित क्षेत्र है अमानगढ़
उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा बाघ आरक्षित वन क्षेत्र है। 15 नवंबर वर्ष 2022 को अमानगढ़ रेंज में जंगल सफारी की शुरुआत की गई थी। तब से 15 जून तक देश के हर कोने से और विदेशी नागरिकों सहित 3068 पर्यटकों ने प्राकृतिक व जैव विविधताओं से समृद्ध अमानगढ़ रेंज में जंगल सफारी का लुत्फ उठाया था। पूर्व में वन विभाग को जंगल सफारी से 453800 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
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शुल्क में नहीं किया बदलाव : वनक्षेत्राधिकारी
अमानगढ़ वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने कि आने वाले पर्यटकों के लिए शासन की ओर से निर्धारित शुल्क वही रखा गया है। उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि जंगल सफारी सुबह शाम पांच- पांच जिप्सियों से पर्यटक जंगल क्षेत्र के 16 किमी झिरना रेंज तक भ्रमण कर सकेंगें। पर्यटकों को जंगली सफारी के लिए प्रति चक्कर 2280 रुपये जिप्सी, 400 रुपये गाइड, 300 रुपये वाहन प्रवेश, 100 रुपये प्रति व्यक्ति भारतीय व 600 रुपये विदेशी नागरिकों को शुल्क देना होगा।
कई सुविधाएं भी बढ़ाई
रेंज कार्यालय परिसर में पर्यटकों के वाहन के लिए पार्किंग, बंबू कैफेटेरिया, टिकट विंडो, महिला व पुरुष प्रसाधन गृह, हाॅल व प्रवेश व निकासी द्वार बनाए गए हैं। दूसरी ओर वन क्षेत्र के अंदर भी कैंटीन व रेस्त्रां बनाने पर भी वन विभाग विचार कर रहा हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेहड़ (बिजनौर)। अमानगढ़ रेंज को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। करीब तीन दिन में 82 पर्यटक भ्रमण के लिए अमानगढ़ पहुंचे। इस दौरान बाघ व अन्य जंगली जीव दिखाई पड़ने से पर्यटक खुश दिखाई दिए।
अमानगढ़ रेंज भ्रमण के लिए जून माह में बंद कर दिए जाने के बाद पर्यटन सत्र का 15 नवंबर को आगाज किया गया है। पहले दिन 24 पर्यटक और दूसरे दिन पांच जिप्सियों में 22 पर्यटक ने जंगल सफारी की। शुक्रवार को सात जिप्सियों में 36 पर्यटक अमानगढ़ रेंज में भ्रमण के लिए पहुंचे। तीन दिन के भीतर 82 पर्यटकों के पहुंचने पर वन विभाग के अधिकारियों में खासा उत्साह व खुशी नजर आई।
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प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा बाघ आरक्षित क्षेत्र है अमानगढ़
उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा बाघ आरक्षित वन क्षेत्र है। 15 नवंबर वर्ष 2022 को अमानगढ़ रेंज में जंगल सफारी की शुरुआत की गई थी। तब से 15 जून तक देश के हर कोने से और विदेशी नागरिकों सहित 3068 पर्यटकों ने प्राकृतिक व जैव विविधताओं से समृद्ध अमानगढ़ रेंज में जंगल सफारी का लुत्फ उठाया था। पूर्व में वन विभाग को जंगल सफारी से 453800 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
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शुल्क में नहीं किया बदलाव : वनक्षेत्राधिकारी
अमानगढ़ वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने कि आने वाले पर्यटकों के लिए शासन की ओर से निर्धारित शुल्क वही रखा गया है। उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि जंगल सफारी सुबह शाम पांच- पांच जिप्सियों से पर्यटक जंगल क्षेत्र के 16 किमी झिरना रेंज तक भ्रमण कर सकेंगें। पर्यटकों को जंगली सफारी के लिए प्रति चक्कर 2280 रुपये जिप्सी, 400 रुपये गाइड, 300 रुपये वाहन प्रवेश, 100 रुपये प्रति व्यक्ति भारतीय व 600 रुपये विदेशी नागरिकों को शुल्क देना होगा।
कई सुविधाएं भी बढ़ाई
रेंज कार्यालय परिसर में पर्यटकों के वाहन के लिए पार्किंग, बंबू कैफेटेरिया, टिकट विंडो, महिला व पुरुष प्रसाधन गृह, हाॅल व प्रवेश व निकासी द्वार बनाए गए हैं। दूसरी ओर वन क्षेत्र के अंदर भी कैंटीन व रेस्त्रां बनाने पर भी वन विभाग विचार कर रहा हैं।