{"_id":"5f3583ed8ebc3e4104548bb2","slug":"encroachment-on-ikra-river-drainage-blocked-dhampur-news-mrt496137376","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईकड़ा नदी पर अतिक्रमण, जल निकासी अवरुद्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईकड़ा नदी पर अतिक्रमण, जल निकासी अवरुद्ध
विज्ञापन
ईकड़ा नदी पर अतिक्रमण, जल निकासी अवरुद्ध
धामपुर। नगर के बीच से गुजर रही ईकड़ा नदी पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। प्रशासन की ओर नदी की सिल्ट सफाई भी नहीं कराई गई है। अतिक्रमण के कारण नाले का स्वरूप ले चुकी नदी से बरसात के दिनों में पानी की निकासी नहीं हो पाती है। पहाड़ों पर होने वाली बारिश से जब नदी में उफान आता है तो नदी का पानी लोगों के घरों में कई कई फीट तक भर जाता है।
नगर के यशवीर सिंह का कहना है कि यह नदी पहाड़ों से निकल कर धामपुर के भीतरी भाग से होकर गुजरती है। नगर के भीतर इस नदी ने वर्तमान में नाले का आकार ले रखा है। पर फिर भी पालिका की ओर से इसकी मानक अनुरूप सफाई नहीं कराई जाती है। रजत कुमार का कहना है कि नगर के भीतर पालिका ने नदी की सफाई कराने का प्रयास किया। लेकिन जहां तक जेसीबी जा सकी, केवल वहीं तक की सफाई की। बाकी नाला गंदगी और कूड़े से अटा पड़ा है। दीपांकर सिंह चौहान का कहना है कि नगर के भीतरी भाग में नदी की सफाई कराने का काम पालिका प्रशासन का होता है। पालिका सीमा से बाहर नदी को अतिक्रमण मुक्त कर सिल्ट सफाई कराने का दायित्व सिंचाई विभाग का है। सिंचाई विभाग ने तो आज तक कभी शिकायत करने के बाद भी ध्यान नहीं दिया। मोहन सिंह का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है।
लोगों ने बना रखे हैं मकान : ईओ
पालिका के ईओ मनोज कुमार रस्तौगी का कहना है कि पालिका की सीमा में जहां तक जेसीबी जा सकी है, वहां तक नदी की सफाई करा दी। उसके बाद सफाई नहीं हो सकी है। क्योंकि लोगों ने नाले के ऊपर पट डालकर मकान बना रखे हैं। वहीं, एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसा मामला संज्ञान में नहीं है। वे संबंधित विभागों के अधिकारियों से सामंजस्य बनाकर समस्या का निदान कराने का प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
धामपुर। नगर के बीच से गुजर रही ईकड़ा नदी पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। प्रशासन की ओर नदी की सिल्ट सफाई भी नहीं कराई गई है। अतिक्रमण के कारण नाले का स्वरूप ले चुकी नदी से बरसात के दिनों में पानी की निकासी नहीं हो पाती है। पहाड़ों पर होने वाली बारिश से जब नदी में उफान आता है तो नदी का पानी लोगों के घरों में कई कई फीट तक भर जाता है।
नगर के यशवीर सिंह का कहना है कि यह नदी पहाड़ों से निकल कर धामपुर के भीतरी भाग से होकर गुजरती है। नगर के भीतर इस नदी ने वर्तमान में नाले का आकार ले रखा है। पर फिर भी पालिका की ओर से इसकी मानक अनुरूप सफाई नहीं कराई जाती है। रजत कुमार का कहना है कि नगर के भीतर पालिका ने नदी की सफाई कराने का प्रयास किया। लेकिन जहां तक जेसीबी जा सकी, केवल वहीं तक की सफाई की। बाकी नाला गंदगी और कूड़े से अटा पड़ा है। दीपांकर सिंह चौहान का कहना है कि नगर के भीतरी भाग में नदी की सफाई कराने का काम पालिका प्रशासन का होता है। पालिका सीमा से बाहर नदी को अतिक्रमण मुक्त कर सिल्ट सफाई कराने का दायित्व सिंचाई विभाग का है। सिंचाई विभाग ने तो आज तक कभी शिकायत करने के बाद भी ध्यान नहीं दिया। मोहन सिंह का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
लोगों ने बना रखे हैं मकान : ईओ
पालिका के ईओ मनोज कुमार रस्तौगी का कहना है कि पालिका की सीमा में जहां तक जेसीबी जा सकी है, वहां तक नदी की सफाई करा दी। उसके बाद सफाई नहीं हो सकी है। क्योंकि लोगों ने नाले के ऊपर पट डालकर मकान बना रखे हैं। वहीं, एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसा मामला संज्ञान में नहीं है। वे संबंधित विभागों के अधिकारियों से सामंजस्य बनाकर समस्या का निदान कराने का प्रयास करेंगे।
विज्ञापन