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रात तक कार्यालयों में जमे रहे कर्मचारी
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रात तक कार्यालयों में जमे रहे कर्मचारी
बिजनौर। जिले भर के सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन वित्तीय कार्यों को पूरा करने में लगे रहे। कर्मचारी देर रात तक काम में जुटे रहे। कुछ कर्मचारियों को आखिरी दिन बजट मिला तो कुछ को बजट सरेंडर करना पड़ा। बैंकों में बृहस्पतिवार को भी क्लोजिंग से जुड़ा काम होगा।
आमतौर पर क्लोजिंग का काम निपटाने में कर्मचारी एक सप्ताह पहले से ही जुट जाते हैं, लेकिन होली पर तीन दिन की लगातार छुट्टी होने से काम प्रभावित रहा। बुधवार को कार्यालय खुलते ही कर्मचारी काम में जुट गए। कर्मचारियों ने वित्तीय लेनदेन से जुड़े काम किए। गन्ना, कृषि, स्वास्थ्य, जीएसटी, बैंक, राजस्व, शिक्षा, नगर पालिकाओं आदि में कर्मचारी दिन भर काम में जुटे रहे। गन्ना विभाग में इस साल विकास कार्य के लिए करीब पौने चार करोड़ का बजट जारी हुआ था। इसमें से करीब 66 लाख 80 हजार 325 रुपये खर्च नहीं हो पाए। ये पैसे शासन को सरेंडर कर दिए गए हैं।
कृषि विभाग में आए तीन करोड़ नौ लाख रुपये में से दो करोड़ तीन लाख रुपये ही खर्च हुए। बाकी पैसा सरेंडर कर दिया गया। पशुपालन विभाग का शत प्रतिशत पैसा खर्च किया गया। विभाग को शासन से एक करोड़ 20 लाख रुपया मिला था। विभागीय कर्मचारियों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग भी साल के आखिरी दिन काम में लगा रहा। व्यापारियों ने अपना जीएसटी फाइल किया। अब अगले वित्तीय वर्ष के लिए कर्मचारियों को नए बजट और नए टारगेट का इंतजार रहेगा। अप्रैल के अंत या मई की शुरूआत में विभागों को बजट जारी होगा।
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तीन अप्रैल को होंगा बैंकों में लेनदेन
एलडीएम जोगिंदर सिंह ग्रोवर के अनुसार एक अप्रैल को बैंक कर्मचारी केवल बैंक से जुड़े काम करेंगे। पब्लिक डीलिंग नहीं की जाएगी। दो अप्रैल को सरकारी अवकाश के चलते बैंक बंद रहेंगे। तीन अप्रैल को बैंकों में फिर से काम होगा।
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बिजनौर। जिले भर के सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन वित्तीय कार्यों को पूरा करने में लगे रहे। कर्मचारी देर रात तक काम में जुटे रहे। कुछ कर्मचारियों को आखिरी दिन बजट मिला तो कुछ को बजट सरेंडर करना पड़ा। बैंकों में बृहस्पतिवार को भी क्लोजिंग से जुड़ा काम होगा।
आमतौर पर क्लोजिंग का काम निपटाने में कर्मचारी एक सप्ताह पहले से ही जुट जाते हैं, लेकिन होली पर तीन दिन की लगातार छुट्टी होने से काम प्रभावित रहा। बुधवार को कार्यालय खुलते ही कर्मचारी काम में जुट गए। कर्मचारियों ने वित्तीय लेनदेन से जुड़े काम किए। गन्ना, कृषि, स्वास्थ्य, जीएसटी, बैंक, राजस्व, शिक्षा, नगर पालिकाओं आदि में कर्मचारी दिन भर काम में जुटे रहे। गन्ना विभाग में इस साल विकास कार्य के लिए करीब पौने चार करोड़ का बजट जारी हुआ था। इसमें से करीब 66 लाख 80 हजार 325 रुपये खर्च नहीं हो पाए। ये पैसे शासन को सरेंडर कर दिए गए हैं।
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कृषि विभाग में आए तीन करोड़ नौ लाख रुपये में से दो करोड़ तीन लाख रुपये ही खर्च हुए। बाकी पैसा सरेंडर कर दिया गया। पशुपालन विभाग का शत प्रतिशत पैसा खर्च किया गया। विभाग को शासन से एक करोड़ 20 लाख रुपया मिला था। विभागीय कर्मचारियों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग भी साल के आखिरी दिन काम में लगा रहा। व्यापारियों ने अपना जीएसटी फाइल किया। अब अगले वित्तीय वर्ष के लिए कर्मचारियों को नए बजट और नए टारगेट का इंतजार रहेगा। अप्रैल के अंत या मई की शुरूआत में विभागों को बजट जारी होगा।
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तीन अप्रैल को होंगा बैंकों में लेनदेन
एलडीएम जोगिंदर सिंह ग्रोवर के अनुसार एक अप्रैल को बैंक कर्मचारी केवल बैंक से जुड़े काम करेंगे। पब्लिक डीलिंग नहीं की जाएगी। दो अप्रैल को सरकारी अवकाश के चलते बैंक बंद रहेंगे। तीन अप्रैल को बैंकों में फिर से काम होगा।