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बॉयलर फटने से कर्मचारी की मौत
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रेहड़ क्षेत्र के बादिगढ़ में लकड़ी के ट्रीटमेंट प्लांट में फटा बॉयलर।
- फोटो : BIJNOR
बॉयलर फटने से कर्मचारी की मौत
रेहड़ (बिजनौर)। बादीगढ़ स्थित एक लकड़ी के ट्रीटमेंट प्लांट का बॉयलर फटने से कर्मचारी की मौत हो गई। परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया है।
गांव अमाननगर निवासी सुधीर पुत्र पितांबर सिंह बादीगढ़ स्थित रामनरेश सिंह की लकड़ी फैक्टरी के ट्रीटमेंट प्लांट में कार्य करता था। वह रोज की तरह मंगलवार को भी लकड़ी का ट्रीटमेंट का कार्य कर रहा था। इस दौरान अचानक फैक्टरी का बॉयलर तेज धमाके के साथ फट गया। आवाज सुनकर लोग दहशत में आ गए। भारी संख्या में लोग ट्रीटमेंट प्लांट की तरफ दौड़ पड़े। मौके पर एक कर्मचारी अचेत हालत में पड़ा था, उसकी एक आंख बाहर निकल चुकी थी, जबकि सिर से खून बह रहा था। अन्य कर्मचारी इधर-उधर भाग गए थे। सूचना पर पहुंचे फैक्टरी स्वामी ने गंभीर हालत में कर्मचारी को कासमपुरगढ़ी सीएचसी में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने दिल्ली रेफर कर दिया। दिल्ली ले जाते समय घायल की रास्ते में ही मौत हो गई। घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बुधवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक दो भाई और एक बहन है। वह परिवार में सबसे छोटा व अविवाहित था।
लॉकडाउन में कैसे चल रही थी फैक्टरी
लोगों के यह बात गले नहीं उतर रही है कि लॉकडाउन में फैक्टरी कैसे चल रही थी। जबकि प्रदेश ही नहीं देश भर की तमाम फैक्टरियों पर ताला लगा हुआ है। सरकार ने बंद कारखानों के मालिकों को कर्मचारियों का वेतन देने का भी आदेश दे रखा है। इस बाबत अधिकारी कुछ भी कहने से पल्ला झाड़ रहे हैं। उधर फैक्टरी स्वामी रामनरेश सिंह का कहना है कि मशीन में गड़बड़ी से हादसा हुआ है।
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रेहड़ (बिजनौर)। बादीगढ़ स्थित एक लकड़ी के ट्रीटमेंट प्लांट का बॉयलर फटने से कर्मचारी की मौत हो गई। परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया है।
गांव अमाननगर निवासी सुधीर पुत्र पितांबर सिंह बादीगढ़ स्थित रामनरेश सिंह की लकड़ी फैक्टरी के ट्रीटमेंट प्लांट में कार्य करता था। वह रोज की तरह मंगलवार को भी लकड़ी का ट्रीटमेंट का कार्य कर रहा था। इस दौरान अचानक फैक्टरी का बॉयलर तेज धमाके के साथ फट गया। आवाज सुनकर लोग दहशत में आ गए। भारी संख्या में लोग ट्रीटमेंट प्लांट की तरफ दौड़ पड़े। मौके पर एक कर्मचारी अचेत हालत में पड़ा था, उसकी एक आंख बाहर निकल चुकी थी, जबकि सिर से खून बह रहा था। अन्य कर्मचारी इधर-उधर भाग गए थे। सूचना पर पहुंचे फैक्टरी स्वामी ने गंभीर हालत में कर्मचारी को कासमपुरगढ़ी सीएचसी में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने दिल्ली रेफर कर दिया। दिल्ली ले जाते समय घायल की रास्ते में ही मौत हो गई। घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बुधवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक दो भाई और एक बहन है। वह परिवार में सबसे छोटा व अविवाहित था।
लॉकडाउन में कैसे चल रही थी फैक्टरी
लोगों के यह बात गले नहीं उतर रही है कि लॉकडाउन में फैक्टरी कैसे चल रही थी। जबकि प्रदेश ही नहीं देश भर की तमाम फैक्टरियों पर ताला लगा हुआ है। सरकार ने बंद कारखानों के मालिकों को कर्मचारियों का वेतन देने का भी आदेश दे रखा है। इस बाबत अधिकारी कुछ भी कहने से पल्ला झाड़ रहे हैं। उधर फैक्टरी स्वामी रामनरेश सिंह का कहना है कि मशीन में गड़बड़ी से हादसा हुआ है।
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