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Bijnor News: आयुष्मान कार्ड बनाने पर जोर, आशाएं घर-घर कर रही सर्वे
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- लाभार्थियों के क्यों नहीं बने आयुष्मान कार्ड, पता लगा रही आशाएं
- लिस्ट के अनुसार सभी लोगों के बनाएं जाएंगे आयुष्मान कार्ड
- सर्वे के बाद जिला स्तरीय कमेटी करेगी आयुष्मान लाभार्थियों का सत्यापन
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। गरीब लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा मिलें, इसके लिए सरकार की ओर से आयुष्मान भारत योजना चलाई जा रही है। मगर लिस्ट में नाम होने बावजूद भी लोग आयुष्मान नहीं बनावा रहे हैं। जिसको लेकर बिजनौर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। आशाएं घर-घर जाकर पता लगा रही हैं कि आयुष्मान लिस्ट में नाम के बाद भी आयुष्मान कार्ड क्यों नहीं बनवाया है।
शासन की ओर से साल 2018 में आयुष्मान भारत योजना को शुरू किया गया है। इस योजना के लाभार्थियों की 2011 की जनगणना के हिसाब से लिस्ट तैयार की गई है। जिले 1561094 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनने हैं। मगर अभी बहुत कम लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। जिसको लेकर अब स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। लिस्ट में नाम होने के बावजूद भी लोगों ने आयुष्मान कार्ड क्यों नहीं बनवाए हैं। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए स्वास्थ्य विभाग सर्वे करा रहा है। जिलेभर में करीब तीन हजार आशाएं अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे कर रही हैं। घर-घर जाकर आशाएं जिला स्तर से मिली आयुष्मान की सूची से मिलान कर रही हैं। सर्वे के बाद जिला स्तरीय कमेटी इसका सत्यापन करेगी। आशाओं ने सर्वे में कोई गलती तो नहीं की है। सत्यापन करने के बाद ही जिला स्तर से सर्वे की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
सर्वे में सामने आ रही आयुष्मान कार्ड नहीं बनने की ये वजह
आशाएं सर्वे करते समय आयुष्मान लिस्ट से मिलान कर रही है। लिस्ट के अनुसार व्यक्ति का नाम है, लेकिन कार्ड नहीं बना। इसका कारण सर्वे में सामने आ रहा है कि कुछ लोगों की मृत्यु हो चुकी है। कुछ लोग गांव छोड़कर बाहर चले गए हैं। वहीं कुछ लाेगों का डाटा लिस्ट से नहीं मिल रहा है। जिसकी वजह से कम संख्या में आयुष्मान कार्ड बन रहे हैं।
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इन ब्लॉकों में पूरा होने वाला है सर्वे
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक स्योहारा, जलीलपुर, हल्दौर ब्लॉक में आशाओं ने अपना सर्वे पूरा कर लिया है। हल्दौर ब्लॉक में 311 आशाओं, जलीलपुर ब्लॉक में 90 आशाओ, स्योहारा में 100 आशाओं के क्षेत्र में सर्वे पूरा हो गया है। आशाएं सर्वे पूरा कर रिपोर्ट प्रभारी चिकित्साधिकारी को देंगी और उसके बाद जिला स्तर पर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जिले में 583307 लोगों के ही बने आयुष्मान कार्ड
जिले में 1561094 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिनमें से अभी केवल 583307 लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। प्रदेश में बिजनौर आयुष्मान कार्ड बनाने में 29वें स्थान पर हैं। वहीं जिले में 72417 लाभार्थियों को आयुष्मान का लाभ दिया गया है। लाभ देने में बिजनौर की प्रदेश में 11वीं रैंक है।
वर्जन::
जिले में लगातार आयुष्मान कार्ड बनने बात सामने आ रही है। शासन स्तर से भी इस बात को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। सही कारण जानने के लिए घर-घर जाकर आशाएं सर्वे कर रही हैं। सर्वे में आयुष्मान कार्ड नहीं बनने में लाभार्थियों की मृत्यु सहित कई कारण सामने आ रहे हैं। सत्यापन के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।.....डॉ. राजेंद्र विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना, बिजनौर
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- लिस्ट के अनुसार सभी लोगों के बनाएं जाएंगे आयुष्मान कार्ड
- सर्वे के बाद जिला स्तरीय कमेटी करेगी आयुष्मान लाभार्थियों का सत्यापन
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। गरीब लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा मिलें, इसके लिए सरकार की ओर से आयुष्मान भारत योजना चलाई जा रही है। मगर लिस्ट में नाम होने बावजूद भी लोग आयुष्मान नहीं बनावा रहे हैं। जिसको लेकर बिजनौर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। आशाएं घर-घर जाकर पता लगा रही हैं कि आयुष्मान लिस्ट में नाम के बाद भी आयुष्मान कार्ड क्यों नहीं बनवाया है।
शासन की ओर से साल 2018 में आयुष्मान भारत योजना को शुरू किया गया है। इस योजना के लाभार्थियों की 2011 की जनगणना के हिसाब से लिस्ट तैयार की गई है। जिले 1561094 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनने हैं। मगर अभी बहुत कम लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। जिसको लेकर अब स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। लिस्ट में नाम होने के बावजूद भी लोगों ने आयुष्मान कार्ड क्यों नहीं बनवाए हैं। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए स्वास्थ्य विभाग सर्वे करा रहा है। जिलेभर में करीब तीन हजार आशाएं अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे कर रही हैं। घर-घर जाकर आशाएं जिला स्तर से मिली आयुष्मान की सूची से मिलान कर रही हैं। सर्वे के बाद जिला स्तरीय कमेटी इसका सत्यापन करेगी। आशाओं ने सर्वे में कोई गलती तो नहीं की है। सत्यापन करने के बाद ही जिला स्तर से सर्वे की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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सर्वे में सामने आ रही आयुष्मान कार्ड नहीं बनने की ये वजह
आशाएं सर्वे करते समय आयुष्मान लिस्ट से मिलान कर रही है। लिस्ट के अनुसार व्यक्ति का नाम है, लेकिन कार्ड नहीं बना। इसका कारण सर्वे में सामने आ रहा है कि कुछ लोगों की मृत्यु हो चुकी है। कुछ लोग गांव छोड़कर बाहर चले गए हैं। वहीं कुछ लाेगों का डाटा लिस्ट से नहीं मिल रहा है। जिसकी वजह से कम संख्या में आयुष्मान कार्ड बन रहे हैं।
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इन ब्लॉकों में पूरा होने वाला है सर्वे
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक स्योहारा, जलीलपुर, हल्दौर ब्लॉक में आशाओं ने अपना सर्वे पूरा कर लिया है। हल्दौर ब्लॉक में 311 आशाओं, जलीलपुर ब्लॉक में 90 आशाओ, स्योहारा में 100 आशाओं के क्षेत्र में सर्वे पूरा हो गया है। आशाएं सर्वे पूरा कर रिपोर्ट प्रभारी चिकित्साधिकारी को देंगी और उसके बाद जिला स्तर पर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जिले में 583307 लोगों के ही बने आयुष्मान कार्ड
जिले में 1561094 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिनमें से अभी केवल 583307 लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। प्रदेश में बिजनौर आयुष्मान कार्ड बनाने में 29वें स्थान पर हैं। वहीं जिले में 72417 लाभार्थियों को आयुष्मान का लाभ दिया गया है। लाभ देने में बिजनौर की प्रदेश में 11वीं रैंक है।
वर्जन::
जिले में लगातार आयुष्मान कार्ड बनने बात सामने आ रही है। शासन स्तर से भी इस बात को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। सही कारण जानने के लिए घर-घर जाकर आशाएं सर्वे कर रही हैं। सर्वे में आयुष्मान कार्ड नहीं बनने में लाभार्थियों की मृत्यु सहित कई कारण सामने आ रहे हैं। सत्यापन के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।.....डॉ. राजेंद्र विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना, बिजनौर