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हाथी ने मचाया उत्पात, दीवार गिराई
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 22 May 2018 12:36 AM IST
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रेहड़ के अमानगढ़ रेंज से लगे गांव में हाथी द्वारा तोड़ा सामान।
- फोटो : अमर उजाला
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रेहड़ में अमानगढ़ वन रेंज से सटे गांव लालपुरी में हाथी ने जमकर तांडव मचाया। हाथी ने घर के अहाते में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। पशुशाला की दीवार गिराकर उसमें बंधे एक बछड़े को मार दिया, जबकि दो गाय जख्मी हो गई। दोनों गायों की हालत गंभीर बनी है। हाथी के तांडव से पूरे परिवार दहशत में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन वन्यजीव उनके घरों तक पहुंच आते हैं। विभाग चुप्पी साधे रहता है।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया से लगे लालपुरी गांव सरदार गंगा पुत्र करनैल का डेरा है। डेरे के बगल में ही खेत है। पूरा परिवार डेरे पर रहता है। आसपास उसके परिजन भी रहते हैं। पीड़ित का कहना है कि रविवार की रात पौने दो बजे बिगड़ेल जंगली हाथी घर के अहाते में घुस गया। कुत्ते भोंकने पर उसकी आंख खुल गई।
हाथी को घर में आता देख वह घबरा गया। शोर मचाते मचाया तो परिजन जाग गए। हाथी ने घर में घुसते ही आंगन में पड़ी चारपाई, कुर्सी व मैज सहित अन्य सामान को तोड़ दिया। हाथी घर में ही बनी पशुशाला की दीवार को भी गिरा दिया। दीवार से दबकर एक बछड़े को मौत हो गई, जबकि दो गायें जख्मी हो गई दी। ग्रामीण जसवंत, करनैल, मंगल, वचन सिंह, मेला सिंह कहना है कि वन्यजीव अक्सर खुलेआम घूमते रहते हैं। वन विभाग इन्हें वनों में रोकने में नाकाम साबित रहा है। खुले वन्यजीवों से गांववासियों को खतरा बना रहता है। वन्यजीव से जान माल सहित फसलों के नुकसान का भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने विभाग से वन्यजीवों को वनों में रोकने व नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। आरोप है कि चार साल पहले गुलदार ने सरदार गंगा के भाई कुलविंदर को भी हमला कर मार दिया था। उधर रेंजर मो. इरफान का कहना है की वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान की जानकारी कर ली है। रिपोर्ट बनाकर मुआवजे के लिए अधिकारियों को भेजी जा रही हैं।
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अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया से लगे लालपुरी गांव सरदार गंगा पुत्र करनैल का डेरा है। डेरे के बगल में ही खेत है। पूरा परिवार डेरे पर रहता है। आसपास उसके परिजन भी रहते हैं। पीड़ित का कहना है कि रविवार की रात पौने दो बजे बिगड़ेल जंगली हाथी घर के अहाते में घुस गया। कुत्ते भोंकने पर उसकी आंख खुल गई।
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हाथी को घर में आता देख वह घबरा गया। शोर मचाते मचाया तो परिजन जाग गए। हाथी ने घर में घुसते ही आंगन में पड़ी चारपाई, कुर्सी व मैज सहित अन्य सामान को तोड़ दिया। हाथी घर में ही बनी पशुशाला की दीवार को भी गिरा दिया। दीवार से दबकर एक बछड़े को मौत हो गई, जबकि दो गायें जख्मी हो गई दी। ग्रामीण जसवंत, करनैल, मंगल, वचन सिंह, मेला सिंह कहना है कि वन्यजीव अक्सर खुलेआम घूमते रहते हैं। वन विभाग इन्हें वनों में रोकने में नाकाम साबित रहा है। खुले वन्यजीवों से गांववासियों को खतरा बना रहता है। वन्यजीव से जान माल सहित फसलों के नुकसान का भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने विभाग से वन्यजीवों को वनों में रोकने व नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। आरोप है कि चार साल पहले गुलदार ने सरदार गंगा के भाई कुलविंदर को भी हमला कर मार दिया था। उधर रेंजर मो. इरफान का कहना है की वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान की जानकारी कर ली है। रिपोर्ट बनाकर मुआवजे के लिए अधिकारियों को भेजी जा रही हैं।
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