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Bijnor News: मन में दब रही बात, दिखावे के चक्कर में आत्महत्या की नौबत

Thu, 27 Aug 2026 02:22 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2026 02:22 AM IST
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A matter buried in the mind, suicide is on the verge of becoming obsessed with showing off.
बिजनौर। समय के साथ सामाजिक परिवेश भी बदल रहा है। लोग दिखावे के चक्कर में मानसिक स्वास्थ्य के भंवर में फंसते जा रहे हैं। यही वजह है कि दिखावे के दबाव में लोगों के मन में ही बात दब रही है। बाद में यह समस्या लोगों को आत्महत्या करने की तक मजबूर कर रही है। मेडिकल कॉलेज में इस समस्या के हर सप्ताह 20 मरीज तक पहुंच रहे हैं।
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आज के दौर में पढ़ाई, कॅरिअर और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। नीट, जेई, यूपीएसई, एसएससी, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। अच्छी नौकरी पाने और कॅरिअर में सफल होने की अपेक्षा कई युवाओं के लिए गंभीर मानसिक तनाव का कारण बन रही है। इसके अलावा समाज में ज्यादा दिखावा भी लोगों की परेशानी बन रहा हैं। मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन कुमार का कहना है कि कॅरिअर से संबंधित तनाव केवल परीक्षा के समय नहीं होता। कई बार यह तनाव वर्षों तक चलता रहता है। पहले स्कूल में अच्छे अंक लाने का दबाव, फिर किसी विशेष कोर्स में प्रवेश, उसके बाद प्रतियोगी परीक्षा और अंत में नौकरी हासिल करने का दबाव मानसिक स्वास्थ्य के लिए परेशानी बन रहा है।
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केस एक
बिजनौर निवासी 20 वर्षीय विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। प्रतिदिन लंबे समय तक पढ़ाई करने के बावजूद उसे सफलता नहीं मिल रहा है। दूसरे विद्यार्थी उससे आगे निकल रहे हैं। टेस्ट में कम अंक आने पर वह कई दिनों तक परेशान रहता है। पढ़ाई की क्षमता से अधिक लगातार प्रदर्शन की चिंता और असफल होने के डर से यह समस्या हो रही है।
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केस दो
बिजनौर निवासी 22 वर्षीय युवा अपनी रुचि के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहता है, लेकिन परिवार उससे एक प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी की तैयारी करने की अपेक्षा करता है। वह अपनी इच्छा और परिवार की अपेक्षाओं के बीच उलझा रहता है। धीरे-धीरे उसमें चिड़चिड़ापन, नींद की समस्या, निराशा और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी विकसित हो जाती है।

केस तीन
बिजनौर निवासी 35 वर्षीय महिला शादी के बाद नौकरी करना चाहती थी, लेकिन ससुराल वाले शादी नहीं कराना चाहते हैं। कॅरिअर की चिंता को लेकर शादी के चार महीने बाद ही महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया था। किसी से नौकरी करने की बात नहीं कहने पाने की वजह से आत्महत्या का प्रयास किया।


तनाव के लक्षण
-लगातार चिंता या बेचैनी, नींद में कमी
-भविष्य को लेकर अत्यधिक डर
-चिड़चिड़ापन या बार-बार रोना
-आत्मविश्वास में गिरावट, हर असफलता के बाद अत्यधिक निराशा
-परिवार और दोस्तों से दूरी बनाना, पहले पसंद आने वाली गतिविधियों में रुचि खत्म होना
-पढ़ाई से पूरी तरह बचना या अत्यधिक समय तक पढ़ते रहना
-बार-बार परीक्षा या नौकरी के परिणाम चेक करना
-भूख कम लगना, लगातार थकान, ध्यान और एकाग्रता में कमी
-सिरदर्द, पेट की समस्या या धड़कन तेज होने जैसी शिकायतें

ऐसे कर सकते हैं बचाव
-अंकों और नौकरी से ज्यादा व्यक्ति पर ध्यान दें
-किसी रिश्तेदार, दोस्त या सहपाठी की सफलता को बच्चे से तुलना न करें -कॅरिअर को बच्चे की पहचान न बनाएं
-असफलता को सामान्य बताएं
-वास्तविक क्षमता के अनुसार पढ़ाई, आराम, नींद और अन्य गतिविधियों का संतुलन करें
-बच्चे की बात जरूर सुनें
-बच्चे सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली दूसरों की सफलता को अपनी पूरी जिंदगी से तुलना न करें।
-पर्याप्त नींद, भोजन और शारीरिक गतिविधि दिनचर्या में शामिल करें
-समस्या होने पर तुरंत परामर्श लें

वर्जन::
बच्चों को लक्ष्य देना गलत नहीं है, लेकिन परिवार और समाज को यह समझना होगा कि हर व्यक्ति की क्षमता, रुचि, परिस्थितियां और सफलता का रास्ता अलग होता है। कॅरिअर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य और जीवन अधिक महत्वपूर्ण है। कोई समस्या होने पर परिवार के सदस्यों के साथ साझा करें। परिवार से नहीं कह पाने की वजह से लोग आत्महत्या करने जैसा कदम उठा रहे हैं। ....डॉ. नितिन कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
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