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छाछरीटीप गोशाला में मृत मिले आठ गोवंश
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छाछरीटीप गोशाला में मृत मिले आठ गोवंश
छाछरी मोड़ (बिजनौर)। छाछरी टीप स्थित बृहद गोशाला में बृहस्पतिवार को आठ गोवंश मृत मिले, जबकि कई गोवंश की हालत खराब मिली। जांच करने पहुंची टीम ने इसे गोशाला में कार्यरत कर्मचारियों की लापरवाही बताया है। प्रारंभ में कर्मचारियों द्वारा एक भी गोवंश न मरने की बात कही गई।
बृहस्पतिवार सुबह छाछरी टीप स्थित गोशाला में आठ गोवंश मृत अवस्था में मिले, जबकि कई गोवंश मरणासन्न अवस्था में मिले एवं कुछ बीमार गोवंश का उपचार भी किया जा रहा था। गोशाला में कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पशुओं के रख रखाव की स्थिति ठीक नहीं मिली। चारे की अव्यवस्था पाई गई एवं पशुओं के नीचे भूसा भी नहीं मिला। गोशाला में लगभग 382 पशु होने की बात पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताई। उन्होंने बताया कि क्षमता से अधिक पशु गोशाला में हैं, जबकि मुख्य पशुधन अधिकारी बिजनौर ने किसी मीटिंग में होने की बात कही। पशु चिकित्सा अधिकारी हल्दौर डॉ. विपिन राठी का कहना है कि वह रात्रि लगभग 8:00 बजे तक गोशाला में रहे। तब तक किसी गोवंश की मौत नहीं हुई थी।
उन्होंने बताया कि शायद किसी व्यक्ति ने गोवंश को गोशाला के बाहर मरणासन्न अवस्था में डाला है, सर्दी के कारण गोवंश की मौत हो गई। बाद में गोशाला में खोदी गई खाई में उन्हें दबा दिया गया है। खाई खोदने के बारे में जब प्रभारी अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने उसे ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी बताया। जांच टीम में पशु चिकित्सा अधिकारी हल्दौर ने कहा है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। टीम के साथ बलराम सिंह पशुधन प्रसार अधिकारी, राजेश सिंह, विनीत आदि रहे।
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छाछरी मोड़ (बिजनौर)। छाछरी टीप स्थित बृहद गोशाला में बृहस्पतिवार को आठ गोवंश मृत मिले, जबकि कई गोवंश की हालत खराब मिली। जांच करने पहुंची टीम ने इसे गोशाला में कार्यरत कर्मचारियों की लापरवाही बताया है। प्रारंभ में कर्मचारियों द्वारा एक भी गोवंश न मरने की बात कही गई।
बृहस्पतिवार सुबह छाछरी टीप स्थित गोशाला में आठ गोवंश मृत अवस्था में मिले, जबकि कई गोवंश मरणासन्न अवस्था में मिले एवं कुछ बीमार गोवंश का उपचार भी किया जा रहा था। गोशाला में कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पशुओं के रख रखाव की स्थिति ठीक नहीं मिली। चारे की अव्यवस्था पाई गई एवं पशुओं के नीचे भूसा भी नहीं मिला। गोशाला में लगभग 382 पशु होने की बात पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताई। उन्होंने बताया कि क्षमता से अधिक पशु गोशाला में हैं, जबकि मुख्य पशुधन अधिकारी बिजनौर ने किसी मीटिंग में होने की बात कही। पशु चिकित्सा अधिकारी हल्दौर डॉ. विपिन राठी का कहना है कि वह रात्रि लगभग 8:00 बजे तक गोशाला में रहे। तब तक किसी गोवंश की मौत नहीं हुई थी।
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उन्होंने बताया कि शायद किसी व्यक्ति ने गोवंश को गोशाला के बाहर मरणासन्न अवस्था में डाला है, सर्दी के कारण गोवंश की मौत हो गई। बाद में गोशाला में खोदी गई खाई में उन्हें दबा दिया गया है। खाई खोदने के बारे में जब प्रभारी अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने उसे ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी बताया। जांच टीम में पशु चिकित्सा अधिकारी हल्दौर ने कहा है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। टीम के साथ बलराम सिंह पशुधन प्रसार अधिकारी, राजेश सिंह, विनीत आदि रहे।
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