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धरातल पर दिखे योजनाओं का असर: कपिलदेव
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बिजनौर में विकास भवन सभागार में अफसरों की बैठक में बोलते जिले के प्रभारी मंत्री कपिलदेव अग्रवाल?
- फोटो : BIJNOR
धरातल पर दिखे योजनाओं का असर: कपिलदेव
बिजनौर। जिले के प्रभारी मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि विकास योजनाओं को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए उनका क्रियान्वयन कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर नजर आना चाहिए, ताकि पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़ा निर्बल, वंचित एवं असहाय व्यक्ति भी विकास का लाभ ले सके। कहा कि मानकों से कोई समझौता नहीं होगा।
विकास भवन सभागार में हुई बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि माध्यमिक शिक्षा के अध्ययनरत छात्रों के कोरोना काल के दौरान शिक्षा ग्रहण करने में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त क्लास एवं प्रयोगात्मक कार्यक्रमों का आयोजन कराएं। राजस्व विभाग के अफसरों से लक्ष्य पूरा करने को कहा। कहा कि जिले के विकास में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दास्त नहीं की जाएगी। विद्युत, लोनिवि, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं का गुणवत्तापूर्वक शत प्रतिशत लाभ जनसामान्य को पहुंचाना सुनिश्चित करें, क्योंकि इन्हीं विभागों का सीधा संबंध आम जनता से होता है।
डीएम उमेश मिश्रा ने प्रभारी मंत्री से शासन से जिला अस्पताल में रिक्त बाल चिकित्सक, एनेस्थीसिया सहित अन्य चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करने की मांग की, ताकि जिलेवासियों को मानक के अनुरूप सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। प्रभारी मंत्री ने इसका आश्वासन दिया। डीएम ने बताया कि विकास कार्यों में प्रदेश स्तर पर मई में जिले की रैंकिंग 66 थी, जो जून में 19 हो गई है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सुचि मौसम चौधरी, सीडीओ केपी सिंह, डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन, एसपी सिटी प्रवीन रंजन सिंह, सीएमओ डॉ. विजय गोयल, डीपीआरओ सतीश कुमार, डीएसटीओ डॉ. हरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। जिले के प्रभारी मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि विकास योजनाओं को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए उनका क्रियान्वयन कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर नजर आना चाहिए, ताकि पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़ा निर्बल, वंचित एवं असहाय व्यक्ति भी विकास का लाभ ले सके। कहा कि मानकों से कोई समझौता नहीं होगा।
विकास भवन सभागार में हुई बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि माध्यमिक शिक्षा के अध्ययनरत छात्रों के कोरोना काल के दौरान शिक्षा ग्रहण करने में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त क्लास एवं प्रयोगात्मक कार्यक्रमों का आयोजन कराएं। राजस्व विभाग के अफसरों से लक्ष्य पूरा करने को कहा। कहा कि जिले के विकास में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दास्त नहीं की जाएगी। विद्युत, लोनिवि, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं का गुणवत्तापूर्वक शत प्रतिशत लाभ जनसामान्य को पहुंचाना सुनिश्चित करें, क्योंकि इन्हीं विभागों का सीधा संबंध आम जनता से होता है।
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डीएम उमेश मिश्रा ने प्रभारी मंत्री से शासन से जिला अस्पताल में रिक्त बाल चिकित्सक, एनेस्थीसिया सहित अन्य चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करने की मांग की, ताकि जिलेवासियों को मानक के अनुरूप सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। प्रभारी मंत्री ने इसका आश्वासन दिया। डीएम ने बताया कि विकास कार्यों में प्रदेश स्तर पर मई में जिले की रैंकिंग 66 थी, जो जून में 19 हो गई है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सुचि मौसम चौधरी, सीडीओ केपी सिंह, डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन, एसपी सिटी प्रवीन रंजन सिंह, सीएमओ डॉ. विजय गोयल, डीपीआरओ सतीश कुमार, डीएसटीओ डॉ. हरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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