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शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के होंगे तबादले
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शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के होंगे तबादले
बिजनौर। शिक्षा विभाग में लंबे समय से एक ही पटल पर जमे लिपिकों के तबादले किए जाएंगे। शासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग, बेसिक शिक्षा परिषद, राजकीय इंटर कॉलेज तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में काफी लंबे समय से कई लिपिक एक ही पटल पर जमे हैं। माध्यमिक शिक्षा में तो आधे से अधिक लिपिक 10 साल से भी अधिक समय से जमे हुए हैं। इसे लेकर शासन अब सख्त हो गया है। राज्य शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने लंबे समय से एक ही पटल पर जमे लिपिकों को दूसरे पटल पर भेजने तथा कार्यालय बदलने के निर्देश दिए हैं। मंडल स्तर पर अब लिपिकों की कुंडली खंगालने का काम शुरू हो गया है। जिससे कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
माना जा रहा है कि बेसिक शिक्षा के लिपिकों के तबादले माध्यमिक तथा माध्यमिक शिक्षा के लिपिकों के तबादले बेसिक शिक्षा तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में किए जा सकते हैं। कौन कर्मचारी कितने समय से एक ही कार्यालय में जमा हुआ है, शासन ने इसकी भी सूचना मांगी है। दूसरी ओर प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिव कुमार बताते हैं कि शासन का जो भी आदेश होगा उसका समय से अनुपालन कराया जाएगा। कर्मचारियों से संबंधित सूचनाएं शासन को समय से भेजी जाएंगी।
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- कर्मचारियों को संपत्ति का देना होगा ब्यौरा
शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की संपत्ति पर भी शासन की नजर गढ़ गई है। शिक्षा विभाग में कई अधिकारी व कर्मचारियों के चर्चा में होने पर अब शासन ने कर्मचारियों की संपत्ति की जानकारी करानी शुरू की कर दी है। कर्मचारियों को अब अपनी संपत्ति का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करना होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। शासन की मंशा है कि कर्मचारियों की संपत्ति पर नजर रखकर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है। शासन के आदेश से कर्मचारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
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बिजनौर। शिक्षा विभाग में लंबे समय से एक ही पटल पर जमे लिपिकों के तबादले किए जाएंगे। शासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग, बेसिक शिक्षा परिषद, राजकीय इंटर कॉलेज तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में काफी लंबे समय से कई लिपिक एक ही पटल पर जमे हैं। माध्यमिक शिक्षा में तो आधे से अधिक लिपिक 10 साल से भी अधिक समय से जमे हुए हैं। इसे लेकर शासन अब सख्त हो गया है। राज्य शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने लंबे समय से एक ही पटल पर जमे लिपिकों को दूसरे पटल पर भेजने तथा कार्यालय बदलने के निर्देश दिए हैं। मंडल स्तर पर अब लिपिकों की कुंडली खंगालने का काम शुरू हो गया है। जिससे कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
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माना जा रहा है कि बेसिक शिक्षा के लिपिकों के तबादले माध्यमिक तथा माध्यमिक शिक्षा के लिपिकों के तबादले बेसिक शिक्षा तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में किए जा सकते हैं। कौन कर्मचारी कितने समय से एक ही कार्यालय में जमा हुआ है, शासन ने इसकी भी सूचना मांगी है। दूसरी ओर प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिव कुमार बताते हैं कि शासन का जो भी आदेश होगा उसका समय से अनुपालन कराया जाएगा। कर्मचारियों से संबंधित सूचनाएं शासन को समय से भेजी जाएंगी।
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- कर्मचारियों को संपत्ति का देना होगा ब्यौरा
शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की संपत्ति पर भी शासन की नजर गढ़ गई है। शिक्षा विभाग में कई अधिकारी व कर्मचारियों के चर्चा में होने पर अब शासन ने कर्मचारियों की संपत्ति की जानकारी करानी शुरू की कर दी है। कर्मचारियों को अब अपनी संपत्ति का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करना होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। शासन की मंशा है कि कर्मचारियों की संपत्ति पर नजर रखकर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है। शासन के आदेश से कर्मचारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।