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Bijnor News: ईयर फोन उम्र से पहले कानों को कर रहा बूढ़ा
Thu, 17 Apr 2025 11:54 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 17 Apr 2025 11:54 PM IST
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बिजनौर। बदलती जीवनशैली लगातार आम जन के जीवन को प्रभावित कर रही है। तेज आवाज और लंबे समय तक हेडफोन या ईयरफोन के इस्तेमाल के चलते युवाओं की सुनने की क्षमता घट गई है।
मेडिकल अस्पताल के कान-नाक-गला विशेषज्ञ के अनुसार लगभग 80 मरीज रोज परामर्श लेते है। इनमें अधिक संख्या 18 से 30 वर्ष के मरीजों की है। इन मरीजों को अचानक सुनने में तकलीफ होने लगी है। तेज आवाज में गाने सुनना, लंबे समय तक हेडफोन लगाना आदि कारणों से कान के भीतर संवेदनशील हिस्सों को नुकसान पहुंचा रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि आमतौर पर 60 साल की उम्र के बाद सुनने की क्षमता में कमी आती है। पिछले कुछ समय से युवाओं में यह समस्या अधिक बढ़ती नजर आ रही है। जांच करने पर पता चला कि हेडफोन या ईयरबड्स का ज्यादा करने से यह समस्या हुई है। सही तरीके से इन उपकरणों का इस्तेमाल न करने से यह नुकसानदायक साबित हो रहे है।
लापरवाही से बढ़ रही समस्या : डाॅ. अंशु : मेडिकल अस्पताल की कान, नाक, गला की विभाग अध्यक्ष डॉ. अंशु ने बताया की यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है। समय से सावधानियां बरतकर इससे बचा जा सकता है। युवाओं में इसका कारण एकमात्र हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल ही है। 60 साल के बाद यह समस्या होना उम्र के साथ होने वाली समस्याओं में है लेकिन युवाओं में यह चिंताजनक विषय है।
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मेडिकल अस्पताल के कान-नाक-गला विशेषज्ञ के अनुसार लगभग 80 मरीज रोज परामर्श लेते है। इनमें अधिक संख्या 18 से 30 वर्ष के मरीजों की है। इन मरीजों को अचानक सुनने में तकलीफ होने लगी है। तेज आवाज में गाने सुनना, लंबे समय तक हेडफोन लगाना आदि कारणों से कान के भीतर संवेदनशील हिस्सों को नुकसान पहुंचा रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि आमतौर पर 60 साल की उम्र के बाद सुनने की क्षमता में कमी आती है। पिछले कुछ समय से युवाओं में यह समस्या अधिक बढ़ती नजर आ रही है। जांच करने पर पता चला कि हेडफोन या ईयरबड्स का ज्यादा करने से यह समस्या हुई है। सही तरीके से इन उपकरणों का इस्तेमाल न करने से यह नुकसानदायक साबित हो रहे है।
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लापरवाही से बढ़ रही समस्या : डाॅ. अंशु : मेडिकल अस्पताल की कान, नाक, गला की विभाग अध्यक्ष डॉ. अंशु ने बताया की यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है। समय से सावधानियां बरतकर इससे बचा जा सकता है। युवाओं में इसका कारण एकमात्र हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल ही है। 60 साल के बाद यह समस्या होना उम्र के साथ होने वाली समस्याओं में है लेकिन युवाओं में यह चिंताजनक विषय है।
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