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चुनाव के दौरान जमकर हुआ हंगामा

Fri, 08 Jan 2016 12:26 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर Updated Fri, 08 Jan 2016 12:26 AM IST
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During the election was fiercely commotion
बिजनौर में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान कलक्ट्रेट के अंदर जिला पंचायत सदस्यों से भर बस ले जाने पर  सपा नेता और पुलिस अफसरों के बीच खूब नोकझोंक हुई। काफी देर तक हंगामा मचा रहा। विधायक रुचिवीरा विरोधी गुट के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया। दोनों गुटों में भी खूब तकरार हुई। इस विवाद के दौरान पुलिस अफसरों की सांसें फूली रहीं। सदस्यों के अंदर जाने के बाद विवाद शांत हो पाया।
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जिला पंचायत के चुनाव में सपा प्रत्याशी नीलम पारस की ओर से जिस वाहन में वोटर भरकर आए थे, उस वाहन को विकास भवन के पास पुलिस ने रोक लिया। वहां से जिला पंचायत सदस्य पैदल वोट डालने कलक्ट्रेट पहुंच रहे थे। उदयनवीरा पाले के सदस्य प्रदर्शनी चौक की ओर से बस में भरकर आए। इन सदस्यों को कलक्ट्रेट से पहले बैरियर पर रोक लिया गया। अफसरों ने कहा कि यहां से उतर कर ये सदस्य कलक्ट्रेट जाएंगे। विधायक रुचि वीरा इस बात पर राजी नहीं हुईं और बिगड़ गईं। वे कलक्ट्रेट के अंदर बस ले जाने पर अड़ गईं। अफसर भी इस बात पर राजी हो गए। दूसरी ओर खड़े विधायक मनोज पारस,  सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव, जिला महामंत्री महमूद कुरैशी भोलू, जिला सहकारी बैंक चेयरमैन अमित चौहान समेत सपा के तमाम नेता बस अंदर ले जाने का विरोध करने लगे। कलक्ट्रेट गेट पर इस बात को लेकर हंगामा मच गया।
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बस को वहीं रुकवा दिया गया। विधायक रुचिवीरा भी दौड़कर कलक्ट्रेट गेट पर पहुंच गईं। मनोज पारस व रुचि वीरा में पहले खूब नोक झोंक हुई। एसपी सुभाष सिंह बघेल भी पुलिस के साथ मौजूद थे। पुलिस अफसरों के साथ भी विधायक मनोज पारस व अन्य नेताओं की खूब नोकझोंक व धक्का मुक्की हुई। काफी देर तक हंगामा मचा रहा। पुलिस सपाइयों को खदेड़ने में लगी रही। सपाइयों ने कलक्ट्रेट गेट पर विधायक रुचि वीरा के खिलाफ खूब नारेबाजी की।
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अमित चौहान धरना देने के लिए सड़क पर बैठ गए। उन्हें तुरंत ही उठा दिया गया। रुचिवीरा कलक्ट्रेट के अंदर पहुंच गई तो सपाइयों ने इस पर भी ऐतराज जताया। विकास भवन की ओर खड़े सपा नेता भी कलक्ट्रेट गेट पर पहुंच गए तथा हंगामा करने लगे। कई बार पुलिस को सपाइयों को वहां से खदेड़ना पड़ा। बाद में सपा नेता खुद ही वहां से शांत होकर चले गए। पूरे हंगामे के दौरान अफसरों के साथ पुलिस के भी पसीने छूटे रहे। बाद में विधायक रुचि वीरा को कलक्ट्रेट से बाहर बुला लिया गया, तब जाकर सपाई शांत हुए। सपाइयों के हंगामे के दौरान पुलिस खामोश रही तथा सपाइयों को कलक्ट्रेट के पास से बाहर नहीं भेज पाई।


मोबाइल देने को राजी नहीं हुए
वोट डालने के लिए कलक्ट्रेट के अंदर जाते वक्त जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए उदयन वीरा ने शुरू में अफसरों को अपना मोबाइल देने के लिए तैयार नहीं हुए। अफसर गेट पर ही उनसे मोबाइल मांग रहे थे। उदयन वीरा ने अफसरों से कहा कि वह उन्हें नहीं जानते तो अपना मोबाइल कैसे दे दें। विरोधी गुट के नेताओं के साथ भी वह अपना मोबाइल जमा करने के लिए वे तैयार नहीं हुए। अफसरों के समझाने के बाद उन्होंने मोबाइल जमा किया और कलक्ट्रेट के अंदर गए।

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