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आरटीआई को बोझ न समझें अधिकारी : उस्मान
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:41 PM IST
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कलक्ट्रेट में समस्याएं सुनते राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा है कि सभी जन सूचना अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारी की जन सूचनाओं का निस्तारण समय से करें। पांच दिन की अवधि में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कहा कि अधिकारी मांगी गई सूचनाओं को बोझ न समझें बल्कि निर्धारित अवधि में पूर्ण मानक के अनुरूप सूचना वादी को उपलब्ध कराएं। सुनवाई के दौरान 16 वादों पर अधिकारियों पर 3.65 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया।
राज्य सूचना आयुक्त ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में जन सूचना अधिकारी एवं अपीलीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार सूचना अधिकार अधिनियम से संबंधित अपील जरूर सुनें। निष्पक्षता एवं गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम का गलत प्रयोग करके किसी भी अधिकारी से एक ही सूचना बार-बार अलग-अलग तरीके से मांग कर परेशान करने का प्रयास करता है तो आयोग द्वारा ऐसे व्यक्ति को दंडित करने का भी अधिकार है। यदि इस प्रकार की कोई शिकायत उन्हें किसी व्यक्ति से है तो उसको चिह्नित करें ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। हाफिज उस्मान ने कहा कि सूचना पाने का अधिकार सभी को है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को सुनवाई के दूसरे दिन उनके सम्मुख कुल 51 वाद प्रस्तुत किए गए, इनमें 16 वादों पर संबंधित अधिकारियों पर तीन लाख 65 हजार रुपये का दंड लगाया गया। 19 वाद वादी की संतुष्टि के आधार पर निस्तारित किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी अटल कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीरेंद्र कुमार गौड़, मुख्य चिकित्साधिकारी राकेश मित्तल आदि मौजूद रहे।
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राज्य सूचना आयुक्त ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में जन सूचना अधिकारी एवं अपीलीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार सूचना अधिकार अधिनियम से संबंधित अपील जरूर सुनें। निष्पक्षता एवं गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम का गलत प्रयोग करके किसी भी अधिकारी से एक ही सूचना बार-बार अलग-अलग तरीके से मांग कर परेशान करने का प्रयास करता है तो आयोग द्वारा ऐसे व्यक्ति को दंडित करने का भी अधिकार है। यदि इस प्रकार की कोई शिकायत उन्हें किसी व्यक्ति से है तो उसको चिह्नित करें ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। हाफिज उस्मान ने कहा कि सूचना पाने का अधिकार सभी को है।
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उन्होंने बताया कि मंगलवार को सुनवाई के दूसरे दिन उनके सम्मुख कुल 51 वाद प्रस्तुत किए गए, इनमें 16 वादों पर संबंधित अधिकारियों पर तीन लाख 65 हजार रुपये का दंड लगाया गया। 19 वाद वादी की संतुष्टि के आधार पर निस्तारित किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी अटल कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीरेंद्र कुमार गौड़, मुख्य चिकित्साधिकारी राकेश मित्तल आदि मौजूद रहे।
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