{"_id":"60dcc2e68ebc3ec23565e974","slug":"dm-upset-with-dpr-contrary-to-standard-bijnor-news-mrt545264968","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानक के विपरीत डीपीआर से डीएम खफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानक के विपरीत डीपीआर से डीएम खफा
विज्ञापन
मानक के विपरीत डीपीआर से डीएम खफा
बिजनौर। डीएम उमेश मिश्रा ने जल निगम के तत्वावधान में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) समिति की बैठक में समीक्षा की। इस दौरान फर्म द्वारा मानक के विपरीत डीपीआर उपलब्ध कराने पर अधिशासी अभियंता भरत सिंह को कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
डीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में जल निगम के तत्वावधान में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को कार्यदायी संस्था द्वारा डीपीआर की आपूर्ति निर्धारित समय में पूरा न करने तथा बैठक में उपस्थित न होने पर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा विलंब से की गई आपूर्ति के कारण जिले में समय से सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि ‘जल ही जीवन है’ मिशन के अंतर्गत राज्य पेयजल मिशन की ओर से ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए चयनित फर्म द्वारा जिले में 119 नग पेयजल योजनाओं को डीपीआर उपलब्ध कराई गई। जिनकी जल निगम की ओर से समय-समय पर विभिन्न तकनीकी गाइडलाइन के अनुरूप संबंधित सहायक अभियंता द्वारा जांच करने के बाद 102 डीपीआर अर्ह पाए गए। जबकि 17 नग डीपीआर जांच में मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इसलिए संबंधित फर्म को पुनरीक्षण के लिए वापस कर दिए गए।
विज्ञापन
बिजनौर। डीएम उमेश मिश्रा ने जल निगम के तत्वावधान में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) समिति की बैठक में समीक्षा की। इस दौरान फर्म द्वारा मानक के विपरीत डीपीआर उपलब्ध कराने पर अधिशासी अभियंता भरत सिंह को कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
डीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में जल निगम के तत्वावधान में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को कार्यदायी संस्था द्वारा डीपीआर की आपूर्ति निर्धारित समय में पूरा न करने तथा बैठक में उपस्थित न होने पर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा विलंब से की गई आपूर्ति के कारण जिले में समय से सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि ‘जल ही जीवन है’ मिशन के अंतर्गत राज्य पेयजल मिशन की ओर से ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए चयनित फर्म द्वारा जिले में 119 नग पेयजल योजनाओं को डीपीआर उपलब्ध कराई गई। जिनकी जल निगम की ओर से समय-समय पर विभिन्न तकनीकी गाइडलाइन के अनुरूप संबंधित सहायक अभियंता द्वारा जांच करने के बाद 102 डीपीआर अर्ह पाए गए। जबकि 17 नग डीपीआर जांच में मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इसलिए संबंधित फर्म को पुनरीक्षण के लिए वापस कर दिए गए।
विज्ञापन