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जिलाधिकारी ने सुनी दिव्यांग की व्यथा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:04 AM IST
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दिव्यांग की व्यथा सुनते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में डीएम जगतराज ने एक दिव्यांग की मदद की। डीएम गाड़ी से उतरकर दिव्यांग के पास गए और उसकी व्यथा सुनी। डीएम ने दिव्यांग को लोहिया आवास दिलाने के निर्देश दिए तो दिव्यांग की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। डीएम की दरियादिली से भावुक दिव्यांग ने कहा कि काश सभी अधिकारी ऐसे ही हों।
सोमवार को गांव निजामतपुरा गंज निवासी दिव्यांग बिट्टू वाल्मीकि मदद की गुहार के लिए कलक्ट्रेट में भटक रहा था। कोई अफसर उसे नहीं मिला। बिट्टू कलक्ट्रेट में पेड़ के नीचे बैठा रहा। करीब एक बजे डीएम जगतराज अपने कार्यालय से आवास जाने के लिए अपनी गाड़ी में बैठे।
रास्ते में बैठे बिट्टू ने डीएम की गाड़ी को हाथ दिया। डीएम ने गाड़ी रुकवा ली। उन्होंने अपने गनर को बिट्टू के पास भेजा और बाद में खुद उतरकर दिव्यांग बिट्टू के पास पहुंचे और उसकी व्यथा सुनी। डीएम बिट्टू से बात करते रहे। बिट्टू ने डीएम को बताया कि वह निर्धन है और उसके पास कोई रोजगार भी नहीं है। उसके पास रहने के लिए आवास तक नहीं है। वह अपना छोटा सा आवास बनवाने के लिए भटक रहा है। किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। डीएम ने अपने स्टेनो मोहम्मद उस्मान को निर्देश दिए कि बिट्टू का लोहिया आवास में मकान बनाया जाए। इस योजना में उसे शामिल कर लिया जाए।
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सोमवार को गांव निजामतपुरा गंज निवासी दिव्यांग बिट्टू वाल्मीकि मदद की गुहार के लिए कलक्ट्रेट में भटक रहा था। कोई अफसर उसे नहीं मिला। बिट्टू कलक्ट्रेट में पेड़ के नीचे बैठा रहा। करीब एक बजे डीएम जगतराज अपने कार्यालय से आवास जाने के लिए अपनी गाड़ी में बैठे।
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रास्ते में बैठे बिट्टू ने डीएम की गाड़ी को हाथ दिया। डीएम ने गाड़ी रुकवा ली। उन्होंने अपने गनर को बिट्टू के पास भेजा और बाद में खुद उतरकर दिव्यांग बिट्टू के पास पहुंचे और उसकी व्यथा सुनी। डीएम बिट्टू से बात करते रहे। बिट्टू ने डीएम को बताया कि वह निर्धन है और उसके पास कोई रोजगार भी नहीं है। उसके पास रहने के लिए आवास तक नहीं है। वह अपना छोटा सा आवास बनवाने के लिए भटक रहा है। किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। डीएम ने अपने स्टेनो मोहम्मद उस्मान को निर्देश दिए कि बिट्टू का लोहिया आवास में मकान बनाया जाए। इस योजना में उसे शामिल कर लिया जाए।
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