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झमाझम बारिश से घरों में कैद हुए जिलेवासी
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चांदपुर में बिजनौर-बदायूं हाईवे पर बारिश से हुए जलभराव।
- फोटो : BIJNOR
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झमाझम बारिश से घरों में कैद हुए जिलेवासी
बिजनौर। शनिवार से पड़ रही बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। किसानों से लेकर आम जनता तक बारिश से परेशान हो गई है। बारिश से सरसों व सब्जियों की सभी फसलों को नुकसान होगा। ज्यादा बारिश से सब्जियों की फसलें गलने लगेंगी। बारिश होने से आम जनता भी घर में ही कैद होकर रह गई हैं। रविवार को 21 एमएम बारिश हुई।
शनिवार को दोपहर तक मामूली बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन शाम के बाद शुरू हुई बारिश पूरी रात पड़ती रही। रविवार सुबह भी बारिश से कोई राहत नहीं मिली और लगातार पानी बरसता रहा। बारिश से सड़कों से लेकर खेतों तक में पानी भर गया। कुछ ही दिन पहले हुई बारिश से खेतों में अब भी नमी थी इस समय बारिश की किसी भी फसल को कोई जरूरत नहीं थी लेकिन दो ही दिन में काफी बारिश हो गई। बारिश की वजह से पहले ही नमी से तर पड़े खेतों में पानी भर गया। खादर के खेतों में तो और बुरा हाल हो गया और खेत पानी से जलमग्न हो गए। इन खेतों में गन्ने की छिलाई और कई दिन तक फिर से बाधित हो जाएगी। सरसों की फसल पर फूल आने लगा है। फूल पर पानी गिरने से सरसों की पैदावार पर असर पड़ेगा। बारिश से सब्जियों की सभी फसलों को नुकसान होगा। इससे सब्जी भी महंगी हो जाएंगी। बारिश से खादर के गहरे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी पीली होने लगी है। बारिश के साथ साथ शीतलहर चलने से ठंड बहुत बढ़ गई। बारिश रुकने के बाद भी कोहरा आने की बात कही जा रही है। बारिश होने से दो दिन से ग्राहक भी बाजार में नहीं आ रहे हैं। व्यापारी भी हाथ पर हाथ रखकर बैठने को मजबूर रहे।
सभी मिलें नो केन में बंद
बारिश से किसानों और चीनी मिल प्रशासन दोनों को नुकसान हो रहा है। बारिश से जिले की लगभग सभी चीनी मिल नो केन में बंद हो गई हैं। बारिश की वजह से गन्ने की छिलाई भी तीन से चार दिन के लिए बंद हो गई है। किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
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सामान्य से चार गुना तक हुई बारिश
जनवरी में आमतौर पर जिले में 34 एमएम बारिश होती है लेकिन शुक्रवार तक जिले में इससे करीब चार गुना ज्यादा लगभग 120 एमएम बारिश तक हो चुकी है। बारिश से अब फसलों को कोई खास फायदा नहीं है, क्योंकि खेतों में पहले से ही बहुत नमी थी।
पिछले कुछ सालों में जनवरी में हुई बारिश
साल बारिश
2017 42.4
2018 7.2
2019 57.6
2020 74.60
2021 31.8
2022 120
नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश शर्मा के अनुसार अभी जिले का मौसम खराब ही रहेगा। एक-दो दिन और बारिश हो सकती है।
फसलों पर पड़ेगा असर
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र के अनुसार जनवरी में जरूरत से ज्यादा बारिश हो गई है। सब्जियों और गेहूं की खादर में खड़ी फसलों पर इसका असर पड़ेगा।
हाईवे पर कीचड़-गड्ढों में फंस रहे वाहन, चलना दूभर
बिजनौर। जिले में फिलहाल बिजनौर-कोतवाली रोड की हालत सबसे बदतर हो चुकी है। अब दो दिनों की बारिश ने गड्ढों को गहरा बना दिया। वहीं निर्माणाधीन होने की वजह से तमाम जगहों पर डाली गई मिट्टी कीचड़ बन गई है, जिसमें वाहन फंस रहे हैं। इस सड़क पर चलना दूभर हो गया है।
बिजनौर से कोतवाली रोड को हाईवे में तब्दील किया जाना था, जिसके चलते यह सड़क लोनिवि के पास से नेशनल हाईवे 709 एडी के पास चली गई। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने पिछले साल गड्ढे तो भर दिए थे, लेकिन मरम्मत ठीक से नहीं की थी। अब सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जिसके चलते बरुकी के पास पुरानी सड़क को उखाड़ दिया है। यहां बरसात के चलते कीचड़ जमा हो गया है। हालांकि सड़क बनाने के लिए दोनों तरफ मिट्टी डालकर कच्ची रोड बनाई गई है। जिससे वाहन निकल सकें। अब बारिश से कच्ची सड़क भी दलदली हो गई है।
पुलिया बनाने को खोदी सड़क, बाईपास कच्चा
सड़क में कई जगहों पर पुलिया बनाने के लिए सड़क खोदी गई है। वाहनों को निकालने के लिए छोटे छोटे बाईपास बनाकर दिए हैं जोकि कच्चे हैं। इन पर पत्थर नहीं डाला गया। अब बारिश होने से इन छोटे छोटे बाईपास पर कीचड़ जमा है, वाहन निकालने में परेशानी हो रही है।
पानी भरने से गड्ढों का नहीं लग रहा अनुमान
सड़क में जगह जगह गड्ढे पहले से ही बने हुए थे। अब बरसात में और बड़े हो गए हैं। इतना ही नहीं बारिश से इनमें पानी भरा है। पानी भरा होने के चलते गड्ढा दिखाई ही नहीं दे रहा। ऐसे में एकदम से वाहनों के टायर गड्ढे में गिरते हैं। बाइक सवारों के लिए हादसों का अंदेशा बना हुआ है।
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बिजनौर। शनिवार से पड़ रही बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। किसानों से लेकर आम जनता तक बारिश से परेशान हो गई है। बारिश से सरसों व सब्जियों की सभी फसलों को नुकसान होगा। ज्यादा बारिश से सब्जियों की फसलें गलने लगेंगी। बारिश होने से आम जनता भी घर में ही कैद होकर रह गई हैं। रविवार को 21 एमएम बारिश हुई।
शनिवार को दोपहर तक मामूली बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन शाम के बाद शुरू हुई बारिश पूरी रात पड़ती रही। रविवार सुबह भी बारिश से कोई राहत नहीं मिली और लगातार पानी बरसता रहा। बारिश से सड़कों से लेकर खेतों तक में पानी भर गया। कुछ ही दिन पहले हुई बारिश से खेतों में अब भी नमी थी इस समय बारिश की किसी भी फसल को कोई जरूरत नहीं थी लेकिन दो ही दिन में काफी बारिश हो गई। बारिश की वजह से पहले ही नमी से तर पड़े खेतों में पानी भर गया। खादर के खेतों में तो और बुरा हाल हो गया और खेत पानी से जलमग्न हो गए। इन खेतों में गन्ने की छिलाई और कई दिन तक फिर से बाधित हो जाएगी। सरसों की फसल पर फूल आने लगा है। फूल पर पानी गिरने से सरसों की पैदावार पर असर पड़ेगा। बारिश से सब्जियों की सभी फसलों को नुकसान होगा। इससे सब्जी भी महंगी हो जाएंगी। बारिश से खादर के गहरे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी पीली होने लगी है। बारिश के साथ साथ शीतलहर चलने से ठंड बहुत बढ़ गई। बारिश रुकने के बाद भी कोहरा आने की बात कही जा रही है। बारिश होने से दो दिन से ग्राहक भी बाजार में नहीं आ रहे हैं। व्यापारी भी हाथ पर हाथ रखकर बैठने को मजबूर रहे।
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सभी मिलें नो केन में बंद
बारिश से किसानों और चीनी मिल प्रशासन दोनों को नुकसान हो रहा है। बारिश से जिले की लगभग सभी चीनी मिल नो केन में बंद हो गई हैं। बारिश की वजह से गन्ने की छिलाई भी तीन से चार दिन के लिए बंद हो गई है। किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
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सामान्य से चार गुना तक हुई बारिश
जनवरी में आमतौर पर जिले में 34 एमएम बारिश होती है लेकिन शुक्रवार तक जिले में इससे करीब चार गुना ज्यादा लगभग 120 एमएम बारिश तक हो चुकी है। बारिश से अब फसलों को कोई खास फायदा नहीं है, क्योंकि खेतों में पहले से ही बहुत नमी थी।
पिछले कुछ सालों में जनवरी में हुई बारिश
साल बारिश
2017 42.4
2018 7.2
2019 57.6
2020 74.60
2021 31.8
2022 120
नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश शर्मा के अनुसार अभी जिले का मौसम खराब ही रहेगा। एक-दो दिन और बारिश हो सकती है।
फसलों पर पड़ेगा असर
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र के अनुसार जनवरी में जरूरत से ज्यादा बारिश हो गई है। सब्जियों और गेहूं की खादर में खड़ी फसलों पर इसका असर पड़ेगा।
हाईवे पर कीचड़-गड्ढों में फंस रहे वाहन, चलना दूभर
बिजनौर। जिले में फिलहाल बिजनौर-कोतवाली रोड की हालत सबसे बदतर हो चुकी है। अब दो दिनों की बारिश ने गड्ढों को गहरा बना दिया। वहीं निर्माणाधीन होने की वजह से तमाम जगहों पर डाली गई मिट्टी कीचड़ बन गई है, जिसमें वाहन फंस रहे हैं। इस सड़क पर चलना दूभर हो गया है।
बिजनौर से कोतवाली रोड को हाईवे में तब्दील किया जाना था, जिसके चलते यह सड़क लोनिवि के पास से नेशनल हाईवे 709 एडी के पास चली गई। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने पिछले साल गड्ढे तो भर दिए थे, लेकिन मरम्मत ठीक से नहीं की थी। अब सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जिसके चलते बरुकी के पास पुरानी सड़क को उखाड़ दिया है। यहां बरसात के चलते कीचड़ जमा हो गया है। हालांकि सड़क बनाने के लिए दोनों तरफ मिट्टी डालकर कच्ची रोड बनाई गई है। जिससे वाहन निकल सकें। अब बारिश से कच्ची सड़क भी दलदली हो गई है।
पुलिया बनाने को खोदी सड़क, बाईपास कच्चा
सड़क में कई जगहों पर पुलिया बनाने के लिए सड़क खोदी गई है। वाहनों को निकालने के लिए छोटे छोटे बाईपास बनाकर दिए हैं जोकि कच्चे हैं। इन पर पत्थर नहीं डाला गया। अब बारिश होने से इन छोटे छोटे बाईपास पर कीचड़ जमा है, वाहन निकालने में परेशानी हो रही है।
पानी भरने से गड्ढों का नहीं लग रहा अनुमान
सड़क में जगह जगह गड्ढे पहले से ही बने हुए थे। अब बरसात में और बड़े हो गए हैं। इतना ही नहीं बारिश से इनमें पानी भरा है। पानी भरा होने के चलते गड्ढा दिखाई ही नहीं दे रहा। ऐसे में एकदम से वाहनों के टायर गड्ढे में गिरते हैं। बाइक सवारों के लिए हादसों का अंदेशा बना हुआ है।

बिजनौर-नगीना रोड पर पुलिया निर्माण के दौरान बनाई गई कच्ची रोड पर हुआ कीचड़।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में टीईटी की परीक्षा देकर बाहर आने के बाद छाता लगाकर जाती परीक्षार्थी।- फोटो : BIJNOR