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गन्ने की पैदावार में जिला नंबर वन, सबसे अधिक हुई पेराई

Mon, 24 May 2021 11:37 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 24 May 2021 11:37 PM IST
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District number one in sugarcane yield, highest crushing
गन्ने की पैदावार में जिला नंबर वन, सबसे अधिक हुई पेराई
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बिजनौर। जिले के किसानों ने इस बार गन्ने की पैदावार में बाकी सभी जिलों को पीछे छोड़ दिया है। जिले की चीनी मिलें पेराई में सूबे में सिरमौर बन गई हैं। आसपास के जिलों की चीनी मिल अभी बिजनौर के आसपास भी नहीं हैं। अभी भी जिला की मिलें पेराई कर रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह दूसरे जिलों के मुकाबले जिले में गन्ने की फसल में कम रोग आना है।
जिले की करीब 60 प्रतिशत जमीन में गन्ने की पैदावार होती है। किसान गन्ने के अलावा किसी और फसल को बोने को तैयार नहीं हैं। गन्ने का रकबा और पैदावार हर साल बढ़ती जा रही है। गन्ने का रकबा पहले भी काफी रहता था, लेकिन पैदावार कम निकलती थी। अब किसानों के लगातार उन्नत बीजों को अपनाने से गन्ने की पैदावार बहुत बढ़ी है। जिले में गन्ने की पैदावार 900 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक जा रही है। गन्ना पेराई सत्र अभी चल रहा है। बंपर गन्ना पैदावार के बाद भी जिला गन्ने की कुल पैदावार में कई जिलों से पीछे रहता था, लेकिन इस बार जिले के किसानों ने गन्ने की पैदावार में सभी जिलों को अब तक पछाड़ दिया है। जिले की सभी नौ चीनी मिलों में अब तक 11.20 करोड़ गन्ने की पेराई हो चुकी है। सबसे ज्यादा गन्ने की पैदावार वाला जिला लखीमपुरखीरी भी बिजनौर से अभी तक काफी पीछे है। अभी गन्ने की पेराई चल रही है। अभी मिलों में गन्ने की और पेराई होगी। इसके अलावा क्रेशर व कोल्हुओं में भी काफी गन्ने की पेराई हुई है।
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जिला पेराई
बिजनौर 11.20
लखीमपुरखीरी 10.15
मुजफ्फरनगर 9.99
मेरठ 8.09
नोट: गन्ना पेराई करोड़ क्विंटल में हैं।
जिले में पेराई की स्थिति
मिल पेराई
धामपुर 239
स्योहारा 209
बिलाई 136
बहादरपुर 127
बरकातपुर 137
बुंदकी 129
चांदपुर 62
बिजनौर 39
नजीबाबाद 48
नोट: मिलों की पेराई लाख क्विंटल में है।
रेड रॉट ने पहुंचाया नुकसान
दूसरे जिलों में गन्ने की कम पैदावार की सबसे बड़ी वजह गन्ने में आने वाला रेड रॉट या लाल सड़न रोग है। इस रोग में गन्ना सूख जाता है। उसका वजन व चीनी रिकवरी घट जाती है। जिले में कुछ ही हेक्टेयर में इसका असर देखने को मिला है लेकिन बाकी जिलों में इसका बहुत प्रकोप रहा।
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रोग ग्रसित फसल को करें नष्ट
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार अभी तक जिले में ही गन्ने की पैदावार सबसे अधिक निकली है। दूसरे जिलों में फसल के रोग ग्रसित होने से वहां नुकसान हुआ है। अगर किसान को अपने खेतों में रेड रॉट का असर दिखता है तो फिर उसकी फसल को नष्ट कर दें।
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