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यूपी बोर्ड परीक्षा में जिला स्तरीय होंगे सेक्टर मजिस्ट्रेट
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बोर्ड परीक्षा में जिला स्तरीय अधिकारी होंगे सेक्टर मजिस्ट्रेट
बिजनौर। प्रदेश सरकार बोर्ड परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए अथक प्रयास में जुटा है। परीक्षा में जिला स्तरीय अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए जाएंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट से आवंटित केंद्र की एक दर्जन बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की गई है। जांच में खामी मिलने पर केंद्र में बदलाव किया जाएगा। हाईस्कूल तथा इंटर की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। जिले में 122 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस बार केंद्रों को हाईटेक करने का प्रयास किया गया है।
प्रशासन डीआईओएस दफ्तर कक्ष निरीक्षकों, सेक्टर तथा जोनल मजिस्ट्रेट की नियुक्ति करने में जुटा है। इस बीच शासन ने नकलविहीन परीक्षा कराने का संकल्प दोहराया है। साथ ही निर्देश दिया है कि दिया है कि सेक्टर मजिस्ट्रेट से आवंटित केंद्र में से कम से कम 15 प्रतिशत का निरीक्षण कराया जाए। ताकि ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए सेंटरों का पता चल सके। कितने केंद्र संवेदनशील व अतिसंवेदनशील है। सेक्टर मजिस्ट्रेट को निरीक्षण के लिए एक दर्जन प्वाइंट्स तय किए गए हैं। इनमें केंद्र पहुंच मार्ग पर होना, विद्मुत/ जनरेटर की व्यवस्था, कमरों की दोनों दीवारों पर वाइस रिकार्डिंग सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, राउटर डिवाइस, प्रश्न पत्र रखने के लिए डबल लॉक अलमारी, केंद्र की चहारदीवारी, गेट आदि शामिल हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट को आख्या एक सप्ताह में शिक्षा निदेशक के माध्यम से शासन को भेजनी है। माना जा रहा है कि यदि किसी केंद्र पर तय मानकों के अनुसार कोई कमी सामने आई तो उसे बदला जा सकता है। डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत कुमार ने बताया कि सेक्टर मजिस्ट्रेट व आवंटित केंद्र की सूची फाइनल हो गई है।
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बिजनौर। प्रदेश सरकार बोर्ड परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए अथक प्रयास में जुटा है। परीक्षा में जिला स्तरीय अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए जाएंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट से आवंटित केंद्र की एक दर्जन बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की गई है। जांच में खामी मिलने पर केंद्र में बदलाव किया जाएगा। हाईस्कूल तथा इंटर की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। जिले में 122 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस बार केंद्रों को हाईटेक करने का प्रयास किया गया है।
प्रशासन डीआईओएस दफ्तर कक्ष निरीक्षकों, सेक्टर तथा जोनल मजिस्ट्रेट की नियुक्ति करने में जुटा है। इस बीच शासन ने नकलविहीन परीक्षा कराने का संकल्प दोहराया है। साथ ही निर्देश दिया है कि दिया है कि सेक्टर मजिस्ट्रेट से आवंटित केंद्र में से कम से कम 15 प्रतिशत का निरीक्षण कराया जाए। ताकि ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए सेंटरों का पता चल सके। कितने केंद्र संवेदनशील व अतिसंवेदनशील है। सेक्टर मजिस्ट्रेट को निरीक्षण के लिए एक दर्जन प्वाइंट्स तय किए गए हैं। इनमें केंद्र पहुंच मार्ग पर होना, विद्मुत/ जनरेटर की व्यवस्था, कमरों की दोनों दीवारों पर वाइस रिकार्डिंग सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, राउटर डिवाइस, प्रश्न पत्र रखने के लिए डबल लॉक अलमारी, केंद्र की चहारदीवारी, गेट आदि शामिल हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट को आख्या एक सप्ताह में शिक्षा निदेशक के माध्यम से शासन को भेजनी है। माना जा रहा है कि यदि किसी केंद्र पर तय मानकों के अनुसार कोई कमी सामने आई तो उसे बदला जा सकता है। डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत कुमार ने बताया कि सेक्टर मजिस्ट्रेट व आवंटित केंद्र की सूची फाइनल हो गई है।
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