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आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के गठन को बनेगी जिला आयुष समिति
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आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के गठन को बनेगी जिला आयुष समिति
बिजनौर। जिले के आयुर्वेदिक चिकित्सालयों को विकसित करने के लिए शासन ने नए कदम उठाए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की तरह अब जिला आयुष समिति का गठन होगा। जनपद में तो इसकी कवायद शुरू भी हो गई है।
जिले में लगभग 20 आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। अब तक इन अस्पतालों को सुविधाएं देने के लिए कोई समिति नहीं थी। जिला स्वास्थ्य समिति में केवल एलोपैथिक अस्पतालों को ही अटेंड किया जाता है। इसके अध्यक्ष जिलाधिकारी और सचिव मुख्य चिकित्साधिकारी होते हैं। इसकी हर महीने बैठक होती है। इसमें पूरे कार्य की समीक्षा की जाती है। इस दौरान प्रोत्साहन एवं चेतावनी भी दी जाती है। चिकित्सालयों में संसाधन बढ़ाने की डिमांड होती है। सीएमओ समेत विभाग के सभी अफसर अपने सुझाव देते हैं। अब तक आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में यह व्यवस्था न होने से विभाग के अफसर और कर्मचारी सीएमओ से ही पत्राचार करते थे। उनके स्तर से थोड़ा बजट दे दिया जाता था। अब शासन ने आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के बेहतर संचालन के लिए जिला आयुष समिति बनाने का फैसला किया है। पिछले महीने आए इस निर्देश के अनुपालन पर जिले में तेजी से काम हो रहा है। इसे आकार दिया जा चुका है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी एवं यूनानी अधिकारी डा. इसमपाल सिंह ने बताया कि जिला स्तरीय यह समिति शीघ्र ही अपने अस्तित्व में आ जाएगी। शासन के निर्देश पर इसे बनाया जा रहा है। इसके कार्य का असर अस्पतालों पर नजर आएगा।
-ये होगा बदलाव
-चिकित्सकों की डिमांड कर सकेगी समिति
-दवाओं का बजट मांगने का होगा अधिकार
-हर महीने समीक्षा से सुधरेंगे अस्पताल
-शासन को भेजी जाएगी माहवार रिपोर्ट
-सीएमओ से नहीं करना होगा पत्राचार
-कार्य करने की मिलेगी और आजादी
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बिजनौर। जिले के आयुर्वेदिक चिकित्सालयों को विकसित करने के लिए शासन ने नए कदम उठाए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की तरह अब जिला आयुष समिति का गठन होगा। जनपद में तो इसकी कवायद शुरू भी हो गई है।
जिले में लगभग 20 आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। अब तक इन अस्पतालों को सुविधाएं देने के लिए कोई समिति नहीं थी। जिला स्वास्थ्य समिति में केवल एलोपैथिक अस्पतालों को ही अटेंड किया जाता है। इसके अध्यक्ष जिलाधिकारी और सचिव मुख्य चिकित्साधिकारी होते हैं। इसकी हर महीने बैठक होती है। इसमें पूरे कार्य की समीक्षा की जाती है। इस दौरान प्रोत्साहन एवं चेतावनी भी दी जाती है। चिकित्सालयों में संसाधन बढ़ाने की डिमांड होती है। सीएमओ समेत विभाग के सभी अफसर अपने सुझाव देते हैं। अब तक आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में यह व्यवस्था न होने से विभाग के अफसर और कर्मचारी सीएमओ से ही पत्राचार करते थे। उनके स्तर से थोड़ा बजट दे दिया जाता था। अब शासन ने आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के बेहतर संचालन के लिए जिला आयुष समिति बनाने का फैसला किया है। पिछले महीने आए इस निर्देश के अनुपालन पर जिले में तेजी से काम हो रहा है। इसे आकार दिया जा चुका है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी एवं यूनानी अधिकारी डा. इसमपाल सिंह ने बताया कि जिला स्तरीय यह समिति शीघ्र ही अपने अस्तित्व में आ जाएगी। शासन के निर्देश पर इसे बनाया जा रहा है। इसके कार्य का असर अस्पतालों पर नजर आएगा।
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-ये होगा बदलाव
-चिकित्सकों की डिमांड कर सकेगी समिति
-दवाओं का बजट मांगने का होगा अधिकार
-हर महीने समीक्षा से सुधरेंगे अस्पताल
-शासन को भेजी जाएगी माहवार रिपोर्ट
-सीएमओ से नहीं करना होगा पत्राचार
-कार्य करने की मिलेगी और आजादी