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दवा खाने के बाद बिगड़ी हालत,छात्रा की मौत
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:08 AM IST
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छात्रा की मौत के बाद जमा भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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स्योहारा में कृमि नाशक दवा पीने के बाद हालत बिगड़ने पर भर्ती कराई गई आठ वर्षीय छात्रा कृष्णा की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। बालिका की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। शुक्रवार को गांव डेहरा बुलंदी के स्कूल में बच्चों को दवा पिलाई गई थी, जिसके बाद छात्र-छात्राओं को तबीयत बिगड़ गई थी। स्कूल के11 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया था।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले भर के सभी सरकारी और गैर सरकार विद्यालयों में बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवाई खिलाई गई थी। इस दौरान ग्राम डेहरा बुलंदी के स्मृति विद्या मंदिर में भी बच्चों को भी दवा दी गई। घर पहुंचने पर करीब दस बच्चों की हालत बिगड़ गई थी, जिन्हें स्योहारा स्थित सीएचसी पर भर्ती कराया गया। रात भर वहां भर्ती रहने के बाद हालत में सुधार न होने पर गांव के शीशपाल की आठ वर्षीय पुत्री कृष्णा को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां पर शनिवार को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। यह दवा खाने से गांव के अन्य बच्चों खुशी (14 वर्ष) पुत्री राजकुमार, आंशिका (5 वर्ष) पुत्री जसराम, मोहम्मद जैश (4 वर्ष) पुत्र इरशाद, रानी (9 वर्ष) पुत्री चंद्रपाल, सदफ (6 वर्ष) पुत्री शहजाद, नगमा (7 वर्ष) पुत्री निसार, आयुषी (6 वर्ष) पुत्री नौबत सिंह, बेबी (9 वर्ष), निशा (9 वर्ष) पुत्री अनंतराम सिंह आदि बच्चों की हालत बिगड़ गई थी।
इन सभी का उपचार चल रहा है। घटना के बाद से एक ओर जहां मृतक बच्चे के घर पर मातम छाया हुआ है तो वहीं दूसरी ओर बीमार बच्चों के परिजन भी भयभीत है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बाद शिक्षा या स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी ने गांव में जाना तक गंवारा नहीं किया। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
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एक साथ खिलाई गई सभी बच्चों को दवा
बिजनौर। सीएचसी प्रभारी डा. खालिद ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब 50 बच्चों को एक साथ इसी विद्यालय में दवा खिलाई गई थी। सभी बच्चों को एक ही बैच की दवा दी गयी थी। बीमार बच्चे को शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे सीएचसी लाया गया। वहां पर डा. संजय ने उनका इलाज किया गया। बच्चे को उल्टी पेट दर्द की शिकायत थी। हालत खराब देखते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजॉल का साइड इफेक्ट आमतौर पर दो से चार घंटे तक रहता है। भूखे पेट दवा का सेवन करने पर, कभी-कभी चक्कर, उल्टी आदि की समस्या हो जाती है। यह कोई चिंताजनक मामला नहीं है। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही। इसके लिए गांव में टीम को भेज दिया गया है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
- राकेश कुमार मित्तल, सीएमओ।
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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले भर के सभी सरकारी और गैर सरकार विद्यालयों में बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवाई खिलाई गई थी। इस दौरान ग्राम डेहरा बुलंदी के स्मृति विद्या मंदिर में भी बच्चों को भी दवा दी गई। घर पहुंचने पर करीब दस बच्चों की हालत बिगड़ गई थी, जिन्हें स्योहारा स्थित सीएचसी पर भर्ती कराया गया। रात भर वहां भर्ती रहने के बाद हालत में सुधार न होने पर गांव के शीशपाल की आठ वर्षीय पुत्री कृष्णा को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां पर शनिवार को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। यह दवा खाने से गांव के अन्य बच्चों खुशी (14 वर्ष) पुत्री राजकुमार, आंशिका (5 वर्ष) पुत्री जसराम, मोहम्मद जैश (4 वर्ष) पुत्र इरशाद, रानी (9 वर्ष) पुत्री चंद्रपाल, सदफ (6 वर्ष) पुत्री शहजाद, नगमा (7 वर्ष) पुत्री निसार, आयुषी (6 वर्ष) पुत्री नौबत सिंह, बेबी (9 वर्ष), निशा (9 वर्ष) पुत्री अनंतराम सिंह आदि बच्चों की हालत बिगड़ गई थी।
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इन सभी का उपचार चल रहा है। घटना के बाद से एक ओर जहां मृतक बच्चे के घर पर मातम छाया हुआ है तो वहीं दूसरी ओर बीमार बच्चों के परिजन भी भयभीत है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बाद शिक्षा या स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी ने गांव में जाना तक गंवारा नहीं किया। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
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एक साथ खिलाई गई सभी बच्चों को दवा
बिजनौर। सीएचसी प्रभारी डा. खालिद ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब 50 बच्चों को एक साथ इसी विद्यालय में दवा खिलाई गई थी। सभी बच्चों को एक ही बैच की दवा दी गयी थी। बीमार बच्चे को शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे सीएचसी लाया गया। वहां पर डा. संजय ने उनका इलाज किया गया। बच्चे को उल्टी पेट दर्द की शिकायत थी। हालत खराब देखते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजॉल का साइड इफेक्ट आमतौर पर दो से चार घंटे तक रहता है। भूखे पेट दवा का सेवन करने पर, कभी-कभी चक्कर, उल्टी आदि की समस्या हो जाती है। यह कोई चिंताजनक मामला नहीं है। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही। इसके लिए गांव में टीम को भेज दिया गया है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
- राकेश कुमार मित्तल, सीएमओ।