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निदेशक ने किया गांव तिमरपुर जहां का निरीक्षण
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बिजनौर के गांव तिमरपुर जहां में पशुओं में फैली बीमारी के बारे में जानकारी लेते निदेशक डॉ इंद्रमण?
- फोटो : BIJNOR
बिजनौर। जिले में लंपी स्किन रोग की चपेट में आए पशुओं की सूचना पर पशुपालन विभाग के निदेशक, प्रशासन एवं विकास डॉ. इंद्रमणि चौधरी ने मंगलवार को ग्राम तिमरपुर पहुंचे। उन्होंने इस बीमारी से ग्रस्त पांच पशुओं को देखा और पशुपालकों को बीमारी के लक्षण व बचाव की जानकारी दी।
निदेशक डॉ. इंद्रमणि चौधरी ने निरीक्षण कर बताया कि यह बीमारी दूध देने वाली गायों की इम्यूनिटी कम होने पर उनको शिकार बनाती है। यह बीमारी एक वायरस है और खून चूसने वाले कीड़े जैसे मक्खी मच्छरों से फैलती है। इस बीमारी में गाय, भैंस, बैल के शरीर पर गांठें होने लगती हैं। धीरे धीरे गांठें बड़ी होकर घाव का रूप ले लेती है। इसमें बुखार आने लगता है और दुधारू पशु दूध देना बंद कर देते हैं।
वैक्सीन का लगवाएं टीका
निदेशक ने बताया कि इस बीमारी से बचने के लिए पशुओं को शीप पोक्स वैक्सीन या गोट पोक्स वैक्सीन का टीका लगवाएं। यह वैक्सीन गायों के लिए बहुत उपयोगी है, क्योंकि यह एक ही वायरस से होने वाली बीमारी है।
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सूचना पर टीम बनाकर जाएं चिकित्सक
निरीक्षण के उपरांत निदेशक डॉ. इंद्रमणि चौधरी ने बीमारी के संबंध में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जहां भी लंपी बीमारी की सूचना प्राप्त होती है। वहां पर टीम बनाकर स्वयं जाएं। बीमार पशुओं का इलाज कराते हुए ग्रामवासियों को बीमारी की रोकथाम के बारे में बताएं। उन्होंने पशुपालन विभाग के समस्त कर्मचारियों, अधिकारियों के सभी प्रकार के अवकाशों पर रोक लगा दी है। बैठक में मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह, डॉ. नीलम सचान, डॉ. प्रेम सिंह कोहली, डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. भानू प्रताप विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।
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निदेशक डॉ. इंद्रमणि चौधरी ने निरीक्षण कर बताया कि यह बीमारी दूध देने वाली गायों की इम्यूनिटी कम होने पर उनको शिकार बनाती है। यह बीमारी एक वायरस है और खून चूसने वाले कीड़े जैसे मक्खी मच्छरों से फैलती है। इस बीमारी में गाय, भैंस, बैल के शरीर पर गांठें होने लगती हैं। धीरे धीरे गांठें बड़ी होकर घाव का रूप ले लेती है। इसमें बुखार आने लगता है और दुधारू पशु दूध देना बंद कर देते हैं।
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वैक्सीन का लगवाएं टीका
निदेशक ने बताया कि इस बीमारी से बचने के लिए पशुओं को शीप पोक्स वैक्सीन या गोट पोक्स वैक्सीन का टीका लगवाएं। यह वैक्सीन गायों के लिए बहुत उपयोगी है, क्योंकि यह एक ही वायरस से होने वाली बीमारी है।
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सूचना पर टीम बनाकर जाएं चिकित्सक
निरीक्षण के उपरांत निदेशक डॉ. इंद्रमणि चौधरी ने बीमारी के संबंध में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जहां भी लंपी बीमारी की सूचना प्राप्त होती है। वहां पर टीम बनाकर स्वयं जाएं। बीमार पशुओं का इलाज कराते हुए ग्रामवासियों को बीमारी की रोकथाम के बारे में बताएं। उन्होंने पशुपालन विभाग के समस्त कर्मचारियों, अधिकारियों के सभी प्रकार के अवकाशों पर रोक लगा दी है। बैठक में मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह, डॉ. नीलम सचान, डॉ. प्रेम सिंह कोहली, डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. भानू प्रताप विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।