{"_id":"5fe5d9397eddec8a457355ba4dffb601","slug":"diphtheria-havoc-one-children-die-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिप्थीरिया से एक बच्चे की मौत, दूसरा गंभीर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिप्थीरिया से एक बच्चे की मौत, दूसरा गंभीर
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 08 Sep 2015 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्दौर/बिजनौर। जिले में डिप्थीरिया ने पैर पसार लिए हैं। डिप्थीरिया से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि मृतक की बहन की हालत गंभीर बनी हुई है। डिप्थीरिया का पता चलने पर स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पैर फूल गए।
नूरपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव महमदाबाद निवासी राकेश कुमार मजदूरी करता है। करीब छह दिन पूर्व उसके नौ वर्षीय पुत्र प्रियांक को हल्का बुखार आया। बालक को हल्दौर में निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया गया। दो दिन बाद ही बालक के गले में दर्द व सूजन आ गई।
इसके बाद बच्चे को उपचार के लिए बिजनौर ले जाया गया। हालत गंभीर देखते हुए शनिवार को उसे दिल्ली रेफर कर दिया, वहां उसकी मौत हो गई। दिल्ली में जांच के बाद चिकित्सकों ने प्रियांक को डिप्थीरिया की पुष्टि की। वही दो दिन पूर्व प्रियांक की चार वर्षीय बहन अंशिका को बुखार आया।
विज्ञापन
रविवार से बच्ची के गले में दर्द व सूजन आ गई। बच्ची को चाय व पानी पीने में भी परेशानी हो रही है। बच्ची में डिप्थीरिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। परिजन बच्ची का उपचार घर पर ही करा रहेे हैं। वहीं ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का आशंका है, कि कही डिप्थीरिया उनके बच्चों को अपनी गिरफ्त में न ले ले।
नूरपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. नितीश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान मेें नहीं है। दिल्ली अस्पताल की जांच रिपोर्ट देखकर ही डिप्थीरिया से मौत की पुष्टि की जा सकती है।
सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि मामला गंभीर है। वह गांव में टीम भेज रहे हैं। बीमार बच्ची और अन्य आस-पास के बच्चों की भी जांच कराई जाएगी। बच्ची का उपचार कराया जाएगा।
गत वर्ष डिप्थीरिया ने मचाया था कहर:
वर्ष 2014 में डिप्थीरिया ने कहर बरपाया था। डिप्थीरिया के चलते कई बच्चों की मौत हो गई थी। काफी प्रयास के बाद बमुश्किल डिप्थीरिया पर नियंत्रण पा जा सका था।
विज्ञापन
नूरपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव महमदाबाद निवासी राकेश कुमार मजदूरी करता है। करीब छह दिन पूर्व उसके नौ वर्षीय पुत्र प्रियांक को हल्का बुखार आया। बालक को हल्दौर में निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया गया। दो दिन बाद ही बालक के गले में दर्द व सूजन आ गई।
विज्ञापन
इसके बाद बच्चे को उपचार के लिए बिजनौर ले जाया गया। हालत गंभीर देखते हुए शनिवार को उसे दिल्ली रेफर कर दिया, वहां उसकी मौत हो गई। दिल्ली में जांच के बाद चिकित्सकों ने प्रियांक को डिप्थीरिया की पुष्टि की। वही दो दिन पूर्व प्रियांक की चार वर्षीय बहन अंशिका को बुखार आया।
विज्ञापन
रविवार से बच्ची के गले में दर्द व सूजन आ गई। बच्ची को चाय व पानी पीने में भी परेशानी हो रही है। बच्ची में डिप्थीरिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। परिजन बच्ची का उपचार घर पर ही करा रहेे हैं। वहीं ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का आशंका है, कि कही डिप्थीरिया उनके बच्चों को अपनी गिरफ्त में न ले ले।
नूरपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. नितीश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान मेें नहीं है। दिल्ली अस्पताल की जांच रिपोर्ट देखकर ही डिप्थीरिया से मौत की पुष्टि की जा सकती है।
सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि मामला गंभीर है। वह गांव में टीम भेज रहे हैं। बीमार बच्ची और अन्य आस-पास के बच्चों की भी जांच कराई जाएगी। बच्ची का उपचार कराया जाएगा।
गत वर्ष डिप्थीरिया ने मचाया था कहर:
वर्ष 2014 में डिप्थीरिया ने कहर बरपाया था। डिप्थीरिया के चलते कई बच्चों की मौत हो गई थी। काफी प्रयास के बाद बमुश्किल डिप्थीरिया पर नियंत्रण पा जा सका था।